- कप्तान ने गोपनीय जांच के बाद की बड़ी कार्रवाई
- कई दिनों से मिल रही थी वसूली की सूचना
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी ने कड़ी कार्रवाई की, जिसमें एक साथ और एक ही थाने के 10 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। कार्रवाई के बाद पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। करीब 15दिन पहले ही डा. विपिन ताडा जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर आए हैं। पहले दिन ही उन्होंने विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की बात कही थी।
इसी क्रम में कप्तान ने सोमवार देर रात परतापुर थाने पर तैनात 10 पुलिस कर्मियों को गोपनीय जांच के आधार पर लाइन हाजिर कर दिया। कप्तान ने अपने काम में लापरवाही बरतने वाले और थानों पर फरियादियों की सुनवाई नहीं करने वाले पुलिस कर्मियों की सूची तैयार कराई है। इनमें जिले के सभी थानों पर तैनात स्टॉफ की कार्यप्रणाली को लेकर जांच कराई गई है। 10 दिन तक गोपनीय तरीके से जांच कराने के बाद जो रिपोर्ट सामने आई है उसके आधार पर ही यह कार्रवाई की गई है। परतापुर थाने के जिन 10 पुलिस कर्मियों पर गाज गिरी है
उनके नाम आरक्षी सुमित तेवतिया, आरक्षी अनुज तोमर, आरक्षी गौरव तेवतिया, आरक्षी चंद्रवीर, आरक्षी राजीव मलिक, मुख्य आरक्षी राजीव मिश्रा, मुख्य आरक्षी सतीश कुमार, मुख्य आरक्षी नरेश कुमार व मुख्य आरक्षी मानवेंद्र शामिल है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी कुछ और थानों के पुलिस कर्मी कप्तान के रडार पर है जिनपर जल्द कार्रवाई हो सकती है।
भाजपा नेता से माफी नहीं मंगवाने के मामले में सीओ और इंस्पेक्टर को क्लीनचिट, दारोगा लाइन हाजिर
मेरठ: संगठन के नेता नेमू पंडित से कथित माफी व अपमानित किए जाने के मामले में भाजपाई पुलिस के जिन अफसरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया था, उन पर कार्रवाई नहीं करा सके। इस मामले में गंगानगर थाना के एक दारोगा को लाइन हाजिर भर किया गया है। सीओ सदर देहात व इंस्पेक्टर गंगानगर को क्लीनचिट दे दी गई है। बीते शुक्रवार को हुई इस घटना को लेकर लेकर भाजपा के महानगर संगठन ने पुलिस आॅफिस पर जमकर हंगामा किया था। मामले की शिकायत लखनऊ तक की गयी थी। इस घटना के सामने आने के बाद तमाम भाजपाइयों की त्यौरियां चढ़ गई थीं, लेकिन आज इस मामले में जांच के बाद सीओ सदर देहात व इंस्पेक्टर गंगानगर को क्लीनचिट दे दी गयी है।
जांच में केवल दारोगा प्रशांत मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संगठन के नेता की प्रताड़ना करने वाली सीओ पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है। इससे संगठन में बेचैनी है। साथ ही सवाल उठ रहे हैं कि अपनी ही पार्टी की सरकार में अपने ही नेता के साथ अभद्रता मामले में पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करा पा रहे हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नेमू पंडित से माफी मंगाई गयी। उनको अपमानित किया गया और इसके पीछे सीओ की मुख्य भूमिका है, लेकिन जिस प्रकार से कार्रवाई की जानी चाहिए थी वो कार्रवाई संगठन के स्तर से नहीं करायी जा सकी है।

