Friday, March 27, 2026
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मेरठ-हापुड़ सीट पर 16.2 लाख मतदाता

  • हापुड़ विधानसभा क्षेत्र को मिलाकर वोटरों का आंकड़ा 20 लाख के हुआ पार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेरठ लोकसभा सीट के लिए दूसरे चरण में होने वाले मतदान की तैयारियां शुरू कर दी गई है। इस लोकसभा क्षेत्र में मेरठ जनपद की चार और हापुड़ की एक विधानसभा सीट आती हैं। जिनमें किठौर, मेरठ कैंट, मेरठ शहर, और मेरठ साउथ शामिल हैं। इन चारों विधानसभा क्षेत्र के16 लाख 20 हजार 344 मतदाता 26 अप्रैल को अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। जबकि हापुड़ विधानसभा को मिलाकर यह संख्या 20 लाख 530 तक पहुंच जाती है।

किठौर विधानसभा क्षेत्र की वर्तमान स्थिति है कि यहां तीन लाख 36 हजार 872 मतदाता हो गए हैं। जिनमें दो लाख 52 पुरुष और एक 68 हजार 798 महिलाएं शामिल हैं। वहीं थर्ड जेंडर की बात की जाए तो किठौर में 22 मतदाता हैं। मेरठ कैंट में दो लाख 34 हजार छह पुरुष दो लाख 5501 महिलाएं और 46 थर्ड जेंडर मिलाकर कुल चार लाख 39 हजार 553 मतदाता हैं।

मेरठ शहर में एक लाख 69 हजार 754 पुरुष एक लाख 44 हजार 843 महिलाएं, 21 थर्ड जेंडर को मिलाकर तीन लाख 14 हजार 618 मतदाता हैं। वहीं, मेरठ साउथ विधानसभा क्षेत्र में कुल चार लाख 97 हजार 301 मतदाता हैं। जिनमें दो लाख 67 हजार 771 पुरुष, दो 29 हजार502 महिलाएं और 28 थर्ड जेंडर वोटर हैं।

615 मतदान केंद्रों पर बनेंगे 1645 बूथ

जनपद की चारों विधानसभाओं में 26 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए 615 मतदान केंद्र और 1645 बूथ बनाए जाएंगे। किठौर विस में 176 मतदान केंद्र, 395 बूथ, मेरठ कैंट में 144 मतदान केंद्र, 439 बूथ, मेरठ शहर में 129 मतदान केंद्र, 323 बूथ, मेरठ साउथ में 166 मतदान केंद्र, 488 बूथ बनाने की व्यवस्था की जाएगी।

मेरठ के 348 बूथ क्रिटिकल श्रेणी में

मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत जनपद की चारों विधानसभाओं में 1645 बूथों में से 348 बूथों को क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। इनमें किठौर के 117, मेरठ कैंट के 51, मेरठ शहर के 78 और मेरठ साउथ के 102 बूथ शामिल हैं।

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हापुड़ के 3.8 लाख वोटर भी शामिल

अगर मेरठ लोकसभा क्षेत्र में हापुड़ विधानसभा के आंकड़े भी शामिल कर लिया जाए, तो हापुड़ विधानसभा के तीन लाख 80 हजार 186 मतदाता भी वोट करेंगे। जिनमें दो लाख 3785 पुरुष, एक लाख 76 हजार 378 महिलाएं और 23 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं। इनके लिए 141 मतदान केन्द्रों पर 397 बूथ बनाए गए हैं।

1000 पुरुषों पर 853 महिला वोटर

जनपद में वोटरों को लेकर जेंडर रेशियो पर नजर डाली की जाए, तो वर्तमान में 1000 पुरुषों के मुकाबले 853 महिला मतदाता दर्ज की गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा 877 का जेंडर रेशियो मेरठ कैंट और सबसे कम 831 सिवाल खास विधानसभा क्षेत्र में सामने आया है। किठौर में 843, मेरठ शहर में 852 और मेरठ दक्षिण में 856 का रेशियो रहा है। जबकि जनसंख्या अनुपात के नजरिया से मेरठ कैंट 74.35 के साथ सबसे आगे रहा है।

मेरठ जनपद की कुल 40 लाख 58 हजार 270 की आबादी में 65.81 प्रतिशत आबादी 18 या इससे अधिक आयु वर्ग की मतदाताओं के रूप में दर्ज है। सिवालखास विधानसभा क्षेत्र में पांच लाख 74 हजार 112, किठौर में पांच लाख 93 हजार 186, मेरठ कैंट में पांच लाख 86 हजार 706, मेरठ शहर में चार लाख 51 हजार 136 और मेरठ दक्षिण में छह लाख 97 हजार 659 की आबादी है।

बागपत से जुड़ी है सिवाल खास विस

जनपद के अंतर्गत आने वाली तीन विधानसभा ऐसी हैं, जिनको दूसरे जिलों की लोकसभा सीट से जोड़ा गया है। परिसीमन के दौरान इनमें सरधना को मुजफ्फरनगर, हस्तिनापुर को बिजनौर और सिवालखास को बागपत लोकसभा सीट का हिस्सा बनाया गया है। सरधना और हस्तिनापुर में पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान हो चुका है। जबकि सिवालखास के मतदाता मेरठ-हापुड़ सीट के साथ 26 अप्रैल को मतदान करेंगे।

सिवाल खास के मतदाताओं की स्थिति यह है कि यहां तीन लाख 42 हजार 410 वोटर हैं। जिनमें 186967 पुरुष, 155423 महिला, 20 थर्ड जेंडर वोट हैं। जिनके लिए 182 मतदान केन्द्रों पर 371 बूथ बनाए जाएंगे। सिवाल खास के 75 बूथों को क्रिटिकल श्रेणी में शामिल किया गया है।

मतदान के बाद प्रत्याशी को जिताने का गणित शुरू

सरधना: लोकसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान सकुशल संपन्न हो गया। मतदान के बाद क्षेत्र में चुनाव के परिणाम की चर्चा तेज हो गई। सभी प्रत्याशी के समर्थक और वोटर अपने-अपने प्रत्याशी की जीत का गणित पेश कर रहे हैं। शनिवार को नुक्कड़-चौराहों के साथ बाजारों में लोग चुनावी परिणाम की चर्चा करते दिखाई दिए। समर्थकों के मुंह पर अपने प्रत्याशी को अधिक वोट मिलने की बात है। चुनाव से पहले मतदाता पूरी तरह से खामोश था। नेताओं द्वारा नब्ज टटोलने के बाद भी पता नहीं लग पा रहा था कि किस वोटर की वोट किस प्रत्याशी को जाएगी।

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बीते शुक्रवार को क्षेत्र में मतदान सकुशल संपन्न हो गया। वोटरों ने अपने चहेते प्रत्याशी के पक्ष में वोट करके ईवीएम मशीन में उनका भविष्य कैद कर दिया। चुनाव परिणाम ईवीएम मशीन के गर्भ से बाहर आने में एक महीना शेष है। परन्तु वोटर चुनावी चर्चा को नरम रखने को तैयार नहीं है। नुक्कड़, चौराहों और चाय की दुकानों पर जब भी लोगों को समय मिलता है, बस चुनाव की चर्चा और चर्चा में अपने-अपने प्रत्याशियों को जिताने की बात। उस क्षेत्र से उक्त प्रत्याशी को इतनी वोट मिली

और कितनी वोट क टी या फिर कितनी फर्जी वोटें डाली गयी आदि सभी मुद्दों पर वोटर चर्चा करते नजर आए। बेहतर सरकार बनाकर भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे लोगों की जुबान से उतर गए है। बस एक ही बात उनके मुंह पर है। प्रत्याशी की जीत का गणित। शनिवार को हर वोटर अपने चहेते की जीत का गणित बनाकर एक-दूसरे के सामने पेश करतार नजर आया।

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