- कैंट बोर्ड की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ अभियान चलाकर दुकानों को एनसीआरटी के सुपुर्द किया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रैपिड ट्रेन के लिए आखिरकार कैंट बोर्ड की टीम ने रविवार को गंगा मोटर कमेटी की दुकानों को खाली कराकर एनसीआरटी के सुपुर्द कर दिया गया। इस बीच दुकानदारों के विरोध की आशंका को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। टीम के साथ आए बुलडोजर को देखकर दुकानदारों ने बिना किसी विरोध के अपना सामान हटाकर दूसरे स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया।
कैंट बोर्ड की ओर से करीब सात दशक पूर्व गंगा मोटर कमेटी में बनी दुकानों को लीज पर दिया था। जिसमें वर्तमान में 18 दुकानदार किराये पर रहकर स्पेयर पार्ट्स और रिपेयरिंग का काम करते चले आ रहे थे। इस बीच मेट्रो और रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए एनसीआरटी ने इस जगह कैंट बोर्ड से भूमि उपलब्ध कराने को कहा। जिसको लेकर दुकानदारों ने वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग कैंट बोर्ड के सामने रखी।

दुकानदारों के अनुसार जिसको लेकर उन्हें कैंट बोर्ड और प्रशासन के अधिकारियों से आश्वासन भी दिया गया। एक दिन पूर्व ही कैंट विधायक अमित अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद गंगा मोटर कमेटी के पदाधिकारियों व कैंट बोर्ड प्रशासन के बीच हुई बैठक में इस बात पर सहमति बन गई थी कि कमेटी अपनी सभी 18 दुकानों की जगह कैंट बोर्ड को वापस कर देगी। बताते चलें कि यह जगह कैंट बोर्ड की है जिसे गंगा मोटर कमेटी को लीज पर दिया गया है।
इस पूरे प्रकरण में एक दिन पूर्व गंगा मोटर कमेटी के किरायदारों ने दुकानें खाली कराने का विरोध शुरू किया। इसी पूरे प्रकरण को लेकर दुकानदारों ने मिलकर एक बैनर टांग दिया और अपने लिए जगह की मांग की। दुकानदारों के विरोध के उठते स्वरों के बीच रविवार को कैंट बोर्ड की टीम ने दुकानों पर कब्जा लेने का अभियान चलाया। जिसके लिए कैंट बोर्ड के कई अधिकारी और कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंच गई।

इस दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा। हालांकि टीम के साथ लाए गए बुलडोजर और पुलिस बल के चलते किसी भी दुकानदार ने विरोध नहीं किया। और अपनी दुकानों में रखे सामान के साथ-साथ वहां लगाए गए बोर्ड आदि को भी खुद ही हटाने का काम शुरू कर दिया। दुकानदार पंकज और इमरान आदि का कहना था कि उनके लिए कैंट बोर्ड की ओर से अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से आश्वासन जरूर दिया गया है।
बच गई राकेश गुप्ता की दुकान
पहले यह कहा जा रहा था कि गंगा मोटर कमेटी के अंतर्गत सभी 18 दुकानों को कब्जे में लिया जाएगा। लेकिन रविवार को चलाए गए अभियान के दौरान निशानदेही की गई, जिसमें राकेश गुप्ता एकमात्र ऐसे दुकानदार रहे, जिनकी दुकान दायरे से बाहर होने के कारण बच गई। उस पर एनसीआरटी कब्जा नहीं लेगी। इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए जिस स्थान पर सामग्री मिलती रही है, उसे भी यथावत रखा गया है।

