जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान की पत्नी आफताब जहां बेगम से जुड़ी संपत्तियों की जांच तेज कर दी है। जांच के दायरे में अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार को भी शामिल किया गया है। EOW ने करीब 1,370 एकड़ जमीन से संबंधित मूल दस्तावेज सैफ अली खान से मांगे हैं।
यह कार्रवाई प्रधानमंत्री कार्यालय और EOW के महानिदेशक को मिली शिकायत के आधार पर की जा रही है। शिकायत में भोपाल की नवाबी संपत्तियों के स्वामित्व, रिकॉर्ड और कथित खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों की जांच की मांग की गई है।
समाजसेवी से भी मांगे गए साक्ष्य
EOW भोपाल ने समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री को मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया था। अग्निहोत्री ने अपने अधिवक्ता प्रशांत पांडे के साथ EOW के समक्ष लिखित साक्ष्य और संबंधित दस्तावेज पेश किए हैं।
शिकायत में भोपाल के कोहेफिजा, नयापुरा और हलालपुर क्षेत्रों में स्थित नवाबी संपत्तियों से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया गया है।
सैफ समेत परिवार के अन्य सदस्य जांच के दायरे में
शिकायत के बाद नवाब परिवार के कई सदस्यों से जुड़े संपत्ति रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इनमें सैफ अली खान के अलावा सोहा अली खान, सबा अली खान और शर्मिला टैगोर के नाम भी शामिल हैं।
शिकायत में दावा किया गया है कि सैफ अली खान ने हाईकोर्ट के समक्ष करीब 1,370 एकड़ जमीन को नवाब की व्यक्तिगत संपत्ति बताया था। अब जांच में इन जमीनों की मौजूदा स्थिति और स्वामित्व रिकॉर्ड को स्पष्ट करने की मांग की गई है।
शत्रु संपत्ति को लेकर भी उठे सवाल
मामले में शत्रु संपत्ति से जुड़े पहलू की भी जांच की जा रही है। शिकायत के अनुसार, नवाब हमीदुल्लाह खान की बड़ी बेटी के पाकिस्तान चले जाने के बाद उनकी संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित किए जाने का मुद्दा सामने आया था।
राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 1959 में आफताब जहां बेगम के नाम बेहटा में करीब 655 एकड़ और बोरबन में लगभग 102 एकड़ जमीन दर्ज थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तानी नागरिकता से जुड़े तथ्यों को छिपाकर इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री की गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
1994 में 30.55 एकड़ जमीन बेचने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, आफताब जहां बेगम ने 31 मई 1994 को बेहटा की करीब 30.55 एकड़ जमीन एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपये में बेची थी। इसमें 1.55 लाख रुपये चेक के जरिए लेने और बाकी 29 लाख रुपये चार किस्तों में भुगतान किए जाने का उल्लेख है। अब EOW इस सौदे समेत संबंधित संपत्तियों के दस्तावेज और राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
1949 के दस्तावेज भी मांगे गए
शिकायत में 29 अप्रैल 1949 को बीपी मेनन द्वारा हस्ताक्षरित नक्शे, 30 अप्रैल 1949 के मर्जर एग्रीमेंट और 1 जून 1949 से पहले तैयार की गई संपत्ति सूची की मूल प्रतियां भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
इसके अलावा कस्टोडियन विभाग, मुंबई और भोपाल कलेक्टर के स्तर पर हुई कार्रवाई के रिकॉर्ड की भी जांच की मांग की गई है। वर्ष 2021 और 2022 में नवाब परिवार की कुछ संपत्तियों को शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज करने संबंधी निर्देशों की कार्रवाई भी जांच के दायरे में है।
2,556 गांवों में फैली जमीनों की जांच की मांग
शिकायत में पूर्व भोपाल रियासत के करीब 2,556 गांवों में फैली नवाब परिवार की जमीनों का विस्तृत सत्यापन कराने की मांग की गई है।
पूर्व प्रमुख सचिव की रिपोर्ट का हवाला देते हुए शिकायत में कहा गया है कि मर्जर एग्रीमेंट में करीब 1,395 एकड़ जमीन दर्ज थी, जबकि नौ गांवों में करीब 1,984.13 एकड़ अतिरिक्त भूमि नवाब परिवार के नाम दर्ज हो गई। अब इस अतिरिक्त भूमि के स्वामित्व और खरीद-बिक्री की भी जांच की मांग की गई है।

