- पार्षद पद के लिए दो चेयरमैन के लिए तीन और सभासदों के लिए 16 ने किया नामांकन
- दूसरे दिन महापौर पद के लिए 23, पार्षद के लिए 174
- चेयरमैन के लिए 82 और सभासदों के लिए 323 नामांकन पत्रों की हुई बिक्री
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कलक्ट्रेट समेत चार स्थानों पर चल रही नामाकंन प्रक्रिया के दूसरे दिन महानगर से पार्षद पद के दो प्रत्याशियों ने पर्चे दाखिल किए। इनमें वार्ड 12 शोभापुर से सत्यवीर और वार्ड 73 से दिलबर जैदी ने नगर निगम के पार्षद पदों के लिए नामांकन का शुभारंभ कर दिया है। इसके अलावा नगर पालिका अध्यक्ष के लिए एक, सभासद के लिए छह, नगर पंचायत चेयरमैन पद के लिए दो और सदस्य पद के लिए 10 प्रत्याशियों ने पर्चे भरे हैं। इसके अलावा जहां पहले दिन कुल 531 नामाकंन पत्र खरीदे गए, वहीं दूसरे दिन इनकी संख्या 602 रही। दोनों दिनों में अब तक कुल 1133 नामाकंन पत्रों की बिक्री हो चुकी है।
कलक्ट्रेट परिसर में नामांकन के दूसरे दिन काफी संख्या में प्रत्याशियों ने रुख किया, और महापौर पद के लिए मंगलवार को 23 पर्चे खरीदे गए। महापौर के लिए दोनों दिनों में 39 नामांकन पत्र खरीदे जा चुके हैं। इसके अलावा पार्षद पद के लिए जहां दो नामांकन पत्र दाखिल किए गए, वहीं पार्षद पद के लिए 174 ने पर्चे लिए। दोनों दिनों में 90 पार्षद पद के लिए कुल 391 नामांकन पत्र खरीदे जा चुके हैं। बताते चलें कि कलक्ट्रेट और विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों में नगर निगम के 90 वार्डों में पार्षद पद के लिए अलग-अलग स्थानों पर नामांकन की व्यवस्था की गई है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप तालियान ने बताया कि पहले दिन महापौर पद के लिए 16 और दूसरे दिन 23, पार्षद के लिए पहले दिन 207 और दूसरे दिन 174, नगर पालिका सरधना और मवाना में अध्यक्ष पद के लिए पहले दिन 16 और दूसरे दिन छह, सभासद के लिए पहले दिन 134 और दूसरे दिन 62, नगर पंचायतों में अध्यक्ष के लिए पहले दिन 88 और दूसरे दिन 76 तथा सदस्य पद के लिए पहले दिन 200 और दूसरे दिन 261 नामांकन पत्र खरीदे गए।
एक नामांकन पत्र लेकर वापस करना चर्चा का विषय बना
मंगलवार को महापौर पद के लिए एक नामांकन पत्र लेकर बाद में उसे वापस किया जाना चर्चा का विषय बन गया। इसके पीछे जहां संबंधित पार्टी के सूत्र प्रत्याशी के टिकट को अभी फाइनल न होना बता रहे हैं, वहीं यह बात भी चलाई गई है कि प्रत्याशी ने अपने प्रतिनिधि को नामांकन पत्र के लिए नहीं, बल्कि निर्वाचन कार्यालय से मतदाता सूची और अन्य कागजात लेने के लिए भेजा था। यह प्रकरण एक प्रमुख राजनीतिक दल से मेयर पद के लिए टिकट के प्रबल दावेदार से जुड़ा है।
बताया गया है कि पूर्वान्ह प्रत्याशी का एक प्रतिनिधि जिलाधिकारी कोर्ट में बनाए गए मेयर पद के नामांकन कक्ष में पहुंचा। उसने अपने प्रत्याशी और उनसे जुड़ी पार्टी का नाम लेते हुए नामांकन पत्र खरीद लिया। इस बीच मोबाइल घनघना उठे, क्योंकि उक्त पार्टी की ओर से अभी तक प्रत्याशी के नाम की कोई घोषणा नहीं की गई है। तब जाकर उक्त प्रत्याशी के नाम पर लिया गया नामांकन पत्र वापस कर दिया गया।

वहीं उक्त व्यक्ति ने सफाई दी कि उसे निर्वाचन कार्यालय जाना था। जहां से उसे मतदाता सूची समेत कुछ और जरूरी कागजात लेने के लिए भेजा गया था। वह गलतफहमी के चलते नामांकन पत्र की प्रक्रिया वाले कक्ष में आ गया। अब इस पूरे प्रकरण में सच्चाई क्या है, इसको लेकर अलग-अलग तरह की बातें चर्चा का विषय बन गई हैं।
निकाय चुनाव को लेकर बनाया गया कंट्रोल रूम
नोडल अधिकारी शिकायत प्रकोष्ठ/कंट्रोल रूम नगर निकाय सामान्य निर्वाचन-2023 ने बताया कि नगर निकाय चुनाव के दौरान जनसामान्य से प्राप्त होने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए बचत भवन मेरठ में शिकायत प्रकोष्ठ/कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसका नंबर 0121-2991191 है। यह नंबर मतगणना पूर्ण होने तक जारी रहेगा, तथा 24 घंटे कार्य करेगा। निर्वाचन संबंधी जानकारी इस नंबर से प्राप्त की जा सकती है।
वोटर लिस्ट, आधार कार्ड में नाम मैच न करने पर देना होगा एफेडेविट
मंगलवार को नामांकन पत्र की खरीद के समय कुछ जगह एक सवाल यह सामने आया कि प्रत्याशी का नाम वोटर लिस्ट और आधार कार्ड में मैच नहीं कर रहा था। ऐसे में अधिकारियों ने विचार विमर्श के बाद व्यवस्था दी कि ऐसे मामलों में शपथ पत्र ले लिया जाए, और नामांकन को इस आधार पर अवैध न माना जाए।
सहायक निर्वाचन अधिकारी संदीप तालियान ने इस बारे में बताया कि मसलन वोटर लिस्ट में कोई नाम रामपाल है, और आधार कार्ड में रामपाल सिंह है, ऐसे में रामपाल उर्फ रामपाल सिंह लिखकर नामांकन किया जा सकता है। साथ ही इस आशय का शपथ पत्र देना होगा कि दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं।

