- समाज कल्याण विभाग के सामने महानगर क्षेत्र के पेशनरों का सत्यापन बन रहा है बड़ी चुनौती
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में मेरठ के 28860 वृद्धावस्था पेंशनरोें में से मात्र पांच हजार की पेंशन ही उनके खातों में आ सकी है। 23 हजार से अधिक पेंशनरों के आधार पेंशन खातों से लिंक न होने के कारण उनकी पेंशन विभाग की ओर से जारी नहीं की गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मेरठ जनपद में 28860 वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी हैं। इनमें से ग्रामीण क्षेत्र के सभी 9592 पेंशनरों के खाते आधार से लिंक कराने का काम पूरा कर लिया गया है। यह कार्य ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से कराकर खंड विकास अधिकारियों ने सत्यापित सूची समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में उपलब्ध करा दी है।
इस काम में सबसे ज्यादा मुश्किलें महानगर क्षेत्र के 18268 पेंशनरों के आधार लिंक कराने में आ रही है। इनके पेंशन खातों में आधार और मोबाइल नंबर दर्ज न होने के कारण चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही की पेंशन किस्त जारी नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि विभाग के पास उपलब्ध पेंशनरों की सूची को सत्यापित करने और आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर दर्ज करने काम अप्रैल माह से ही चल रहा है।
जिसमें शहरी क्षेत्र के मात्र चार हजार पेंशनरों के खातों को ही अपडेट कराया जा सका है। सुनील कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों में जिनका आधार उनके पेंशन खाते से लिंक नहीं है, उनकी पेंशन राशि की किस्त जारी नहीं की गई है, साथ ही भविष्य में भी परेशानी आने वाली है।
उन्होंने बताया कि इस स्थिति से बचने के लिए जनपद के सभी वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों से संपर्क करके अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर विभाग के विकास भवन परिसर स्थिति कार्यालय में जमा कराने का कहा गया है। उन्होंने एक मोबाइल नंबर 7668179991 जारी करते हुए बताया कि पेंशन न आने की स्थिति में इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंशन खाते से आधार लिंक न होने की स्थिति में पेंशन प्राप्त नहीं हो सकेगी।
पेंशनरों के समक्ष आ रही हैं कई समस्याएं
आज भी ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जिनके पास राशन कार्ड और वोटर कार्ड तो हैं, लेकिन उनके आधार कार्ड नहीं बन सके हैं। ऐसा ही मामला जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में सोमवार को आया। ग्राम डूंगर ब्लॉक रोहटा निवासी श्रीमती मेवा पत्नी ब्रह्म सिंह की पेंशन के विषय में प्रार्थना लेकर आए परिजन ने बताया कि मेवा को कई साल से पेंशन मिल रही है। लेकिन इस बार आधार लिंक कराने की बात कहकर उसकी पेंशन रोक दी गई है। परिजनों का कहना है कि कई बार प्रयास करने के बावजूद मेवा का आधार कार्ड नहीं बन पाया है।
जिसका कारण यह है कि करीब 70 वर्षीय श्रीमती मेवा की लकीरें अधिक उम्र के कारण मिट चुकी हैं। जिनके बगैर आधार नहीं बन पाता। पेंशन संबंधी कार्य देखने वाले लिपिक रोशन का कहना है कि आधार कार्ड के बजाय मतदाता पहचान पत्र जमा कराने के करीब दो सौ मामले विभाग के पास आ चुके हैं। इसके अलावा आंखों का रेटीना भी बढ़ी उम्र के कारण पहचान बता पाने में असफल हो जाता है। ऐसे प्रकरणों को लेकर मुख्यालय को दिशा-निर्देश करने की मांग की गई है।

