- एक विदेशी, छह बच्चे और पांच स्वास्थ्यकर्मी भी संक्रमित मिले, एक संक्रमित की मौत, सक्रिय मरीजों की संख्या 341
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जनपद में कोरोना की रफ्तार रुकने का नाम नहीं ले रही है, जिससे स्थिति और खराब होती जा रही है। गाइडलाइन में लापरवाही बरतने के चलते फिर से बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज निकल रहे हैं। जहां मंगलवार को 86 केस मिलने से अमंगल हो गया था।

वहीं, बुधवार को संक्रमितों में और इजाफा हुआ है। एक विदेशी, छह बच्चे और पांच स्वास्थ्यकर्मियों समेत 92 नए केस मिले हैं। इनमें 35 महिला और 57 पुरुष हैं। इसके साथ ही जिले में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 341 पहुंच गई, जिनमें अकेले जनवरी माह में अब तक 287 मामले आ चुके हैं।

नए साल की शुरुआत कोरोना की तीसरी लहर के संकेत लेकर आई है। मेरठ में रोज कोरोना बम फूट रहा है। मंगलवार को जहां 86 मामले कोरोना के सामने आए थे, वहीं बुधवार की संक्रमितों की संख्या और बढ़ गई है। होम आइसोलेशन के मामले भी तीन से पार पहुंच गए हैं, इनकी कुल संख्या 328 पर आ गई है।

सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया है कि बुधवार को 4900 सैंपल की जांच में एक विदेशी में कोरोना का संक्रमण सामने आया है, जिनकी यात्रा सिंगापुर से बताई गई है। डॉक्टर्स समेत छह स्वास्थ्यकर्मी और 18 साल से कम आयु के छह बच्चों में कोरोना की पुष्टि हुई हैं। उन्होंने बताया कि 5953 लोगों के नए सैंपल जांच के लिए बुधवार को लिए गए हैं। डा. तालियान ने बताया कि ओमिक्रॉन के मरीजों का इलाज घर पर ही चल रहा है। इसकी घातकता कम है, मगर संक्रमण अधिक है।
कृषि विवि के पांच छात्रों में ओमिक्रॉन के दिखे लक्षण
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में वेटरनरी कॉलेज के छात्रों में ओमिक्रॉन के लक्षण दिखाई दिए। जिसके चलते विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कॉलेज में जांच के लिए दौराला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम को बुलाया गया।
चिकित्सकों का कहना है कि पांच छात्रों में लक्षण महसूस किए गए हैं। जिनकी रिपोर्ट भेजी गई है। गुरुवार को इन छात्रों की रिपोर्ट स्पष्ट हो जाएगी। बताया गया है कि कृषि विश्वविद्यालय में वेटरनरी कॉलेज के छात्रों द्वारा नववर्ष की संध्या पर एक पार्टी का आयोजन किया गया था।
जिसमें छात्रों द्वारा डीजे की धुन पर जमकर डांस किया गया था और कोल्ड ड्रिंक पीकर छात्रों ने मस्ती की थी। जिसके चलते छात्रों की तबीयत खराब हो गई। नजला, जुकाम, खांसी और हल्का बुखार होने के कारण छात्रों की जांच के लिए दौराला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया। टीम में पांच छात्रों की जांच कि इन छात्रों में यह लक्षण महसूस किए गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. विपुल का कहना है कि इन छात्रों में लक्षण महसूस किए गए हैं। हालांकि इनकी रिपोर्ट भेज दी गई है। गुरुवार को रिपोर्ट आएगी। जिसमें पूरी तरह से स्पष्ट होगा।
सीएचसी का लैब टेक्नीशियन कोरोना पॉजिटिव
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कोरोना संक्रमित कर्मचारी मिलने से स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप की स्थिति पनप गई। चिकित्सकों से मिली जानकारी के अनुसार बताया कि सीएचसी में स्थित एनसीडी लैब में तैनात टेक्नीशियन अरशद की बुधवार को अचानक तबीयत खराब होने पर चिकित्सकों ने एंटीजन जांच कराई तो रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सीएचसी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन संक्रमित मरीज को सीएचसी से घर भेज दिया।
हालांकि इस दौरान चिकित्सक प्रभारी डा. सतीश भास्कर ने बताया कि लैब टेक्नीशियन अरशद की एंटीजन जांच के बाद आरटीपीसीआर जांच भी कराई जा रही है। जबकि संपर्क में आए कर्मचारियों की आरटीपीसीआर की जांच के लिए आदेश दिए हैं। कहा कि बिना मास्क पहनकर घूमने वाले लोगों की एंट्री नहीं होने दी जाएगी।
बेगमबाग के बुजुर्ग को लील गया कोरोना
कोरोना वायरस की चपेट में आने से बुधवार को बेगमबाग निवासी बुजुर्ग की मौत हो गई। वह 71 वर्ष के थे और दो दिन से सुभारती मेडिकल कालेज में भर्ती थे। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मृतक बुजुर्ग किसी अन्य बीमारी से ग्रसित भी थे। वह अपना इलाज कराने के लिए सुभारती में गए थे, जहां पहले उनकी कोरोना की जांच की गई तो वह संक्रमित पाए गए। सुभारती के ही कोविड वार्ड में भर्ती कर बुजुर्ग का उपचार किया जा रहा था।
बुधवार को हालत ज्यादा खराब होने पर उनकी मौत हो गई। मृतक के परिवार वालों की जांच की गई है, मगर उनमें कोरोना के लक्षण नहीं मिले। बुजुर्ग के शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।
बिना मास्क घूमने वालों पर करें जुर्माना: कमिश्नर
कमिश्नर सुरेंद्र कुमार सिंह ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बढ़ती जा रही लापरवाही पर सख्त नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि गौतमबुद्धनगर को छोड़कर किसी भी जनपद में फेस मास्क नहीं लगाने के विरुद्ध कोई जुर्माना या चालान नहीं किए जा रहे हैं।
यह गंभीर लापरवाही है। गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में विशेष तौर पर कोरोना संक्रमण ज्यादा तेजी के साथ फेल रहा है, जो बेहद चिंता का विषय है, इसमें किसी तरह की लापरवाही आधिकारिक स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेरठ मंडल के सभी जनपदों में कोविड-19 के नए मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
सोशल डिस्टेंसिंग संबंधी नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध भी किसी जनपद में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेरठ मंडल के जनपद में कोविड-19 संक्रमण के नए मामले में संक्रमण की दर में वृद्धि को देखते हुए नए सिरे से परिवर्तन की कार्रवाई अभियान के रूप में संचालित की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई करें, तभी कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है।
डीएम ने किया कोविड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण
डीएम के. बालाजी ने बुधवार को एकीकृत कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी कंट्रोल रूम में लगायी गयी है। वह आवश्यक रूप से ड्यूटी पर उपस्थित हो। उन्होंने आमजन से कोविड एप्रोपिएट बीहेवियर का पालन करें।
डीएम ने कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान बचत भवन में होम आइसोलेशन, कलेक्टेÑट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में फैसीलिटी एलोकेशन व कोविड के संबंध में शिकायतों को सुनने व उसके निस्तारण के लिए व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम में कॉल करने वाले से बडे आत्मीयता से वार्ता की जाये। आमजन मास्क का उपयोग आवश्यक रूप से करें, नियमित अंतराल पर हाथ धोये, सैनिटाइजर का उपयोग करे व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। कोविड की द्वितीय डोज जिन लोगों ने नहीं ली है। वह कोविड की द्वितीय डोज अवश्य लें। कोविड टीकाकरण का कोई साइड इफेक्ट नहीं है तथा सभी कोविड टीकाकरण आवश्यक रूप से कराये।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अखिलेश मोहन ने कहा कि कोविड धनात्मक मरीजों में से अधिकतर होम आईसोलेशन में है। अस्पतालों में वहीं मरीज है, जिनको अन्य गंभीर बीमारियां है।
इस अवसर पर सीडीओ शशांक चौधरी, सीएमओ डा. अखिलेश मोहन, अपर जिलाधिकारी वित्त पंकज वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट अमित भट्ट, डा. वीपी शर्मा, डा. सुधीर सहित अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

