Wednesday, May 6, 2026
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मंजूर परिवार ने नौंवी बार चखा जीत का स्वाद

  • 1962 से सक्रिय सियासत में, पांच बार विधायक चुने गए थे मंजूर अहमद, चौथी बार जीते शाहिद

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: वेस्ट यूपी की राजनीति का गढ़ कहे जाने वाले किठौर का मंजूर परिवार क्षेत्रीय सियासत में अपना खासा दखल रखता है। अबकी बार चुनाव में इस परिवार ने नौंवी बार जीत का स्वाद चखा है। किठौर से चौथी बार चुनाव जीतकर विधायक बने शाहिद मंजूर के पिता मंजूर अहमद पांच बार विधायक रहे थे। इतना ही नहीं उनके नाम तीन अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव जीतने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।

मंजूर परिवार 1962 से सक्रिय सियासत में है। पहली बार मंजूर अहमद 1962 में किठौर विधानसभा सीट पर चुनाव लड़े थे, मगर यह चुनाव वह हार गए थे। इसके बाद 1967 के अगले चुनाव में जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने राजनीति में पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक चुनाव जीतते चले गए।

1969 का अगला चुनाव भी मंजूर अहमद ने किठौर सीट पर जीता और लगातार दूसरी बार विधायक बने। इसके बाद वह सीट बदलकर पडोस की गढ़मुक्तेशवर विधानसभा सीट से 1974 का चुनाव लड़े और इस चुनाव में भी जीत दर्ज की। इसके साथ ही उन्होंने अपनी जीत की हैट्रिक भी लगाई।

1977 के अगले ही चुनाव में मंजूर अहमद ने फिर से चुनावी लड़ाई का क्षेत्र बदला और मेरठ शहर की सीट पर जनसंघ के दिग्गज मोहनलाल कपूर के सामने कांग्रेस के सिंबल पर आ डटे। इस चुनाव में उन्होंने कपूर को हराकर लंबे समय के बाद यह सीट फिर से कांग्रेस की झोली में डाली थी। इसी सीट से 1980 का चुनाव भी मंजूर अहमद ने जीता और पांचवी बार विधायक बनकर सदन पहुंचे थे।

किठौर में शाहिद भी लगा चुके हैं जीत की हैट्रिक

मंजूर अहमद की राजनैतिक विरासत केवारिस शाहिद मंजूर ने चौथी बार किठौर विधानसभा सीट पर इस बार जीत हासिल की है। इस सीट पर पहले पहले विधायक हैं, जो चार बार जीते हैं। इससे पूर्व यहां से एक मात्र हैट्रिक लगाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। शाहिद मंजूर 2002 में पहली बार किठौर सीट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने भी सियासी पिच पर जमकर बैटिंग की और यहां पर लगातार तीन बार चुनाव जीत कर हैट्रिक लगाई।

2007 में दूसरी बार और 2012 में तीसरे बार जीते थे और अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल किया था। हालांकि 2017 का चुनाव वह कड़े मुकाबले मे भाजपा से हार गए थे, मगर 2022 का चुनावी रण एक बार फिर शाहिद मंजूर ने जीत लिया है। इस जीत के साथ ही उन्होंने अपनी पिछली हार का हिसाब भी भाजपा से चुकता कर लिया। हालांकि इस बार गत चुनाव की तरह ही मुकाबला बेहद नजदीकी रहा, मगर जीत उनके ही हाथ लगी है।

एक नजर में मंजूर परिवार की जीत का इतिहास

  • मंजूर अहमद जीते

सीट                                                 वर्ष
किठौर                                             1967
किठौर                                             1969
गढ़मुक्तेश्वर                                        1974
मेरठ शहर                                         1977
मेरठ शहर                                         1980

  • शाहिद मंजूर जीते

सीट                                                 वर्ष
किठौर                                             2002
किठौर                                             2007
किठौर                                             2012
किठौर                                             2022

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