- जंक फूड का सेवन बिगाड़ सकता है सेहत
- परीक्षा के दौरान हल्का भोजन होता है लाभदायक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जंक फूड या फास्ट फूड चलते-फिरते समय का एक लोकप्रिय भोजन विकल्प बन गए हैं, लेकिन आपको इनका सेवन करने से पहले यह जानना आवश्यक है कि कौन-सा खाद्य पदार्थ आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। अक्सर हम जंक फूड और फास्ट फूड को पहचानने में भ्रमित हो जाते हैं, वे दोनों कैसे अलग हैं?
फास्ट फूड का नाम सुनते ही बच्चे उछल पड़ते हैं। उनसे जब भी पूछा जाए कि क्या खाना पसंद करोगे तो फास्ट फूड या जंक फूड का नाम ही जुबां पर आता है। सवाल उठता है कि आखिर बच्चों को ये चीजें ही क्यों इतनी पसंद हैं? जवाब यह है कि यह प्रोसेस फूड होते हैं, जिनमें तरह-तरह के फ्लेवर्स और रंगों का इस्तेमाल किया जाता है।
जंक फूड को बनाते वक्त स्वाद के लिए इन्हें बेहतर बना दिया जाता है, लेकिन सेहत का उतना ध्यान नहीं रखा जाता। यही कारण है कि स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होने के बावजूद ये बच्चों को खूब पसंद आते हैं। प्रोसेस्ड फूड को लंबे समय तक संरक्षित किया जा सकता है।
यानी ये तैयार मिलते हैं और इन्हें तुरंत बनाने करने की जरूरत नहीं होती। इनको खराब होने से बचाने के लिए प्रीजर्वेटिव डाले जाते हैं। इसके अलावा कलर, स्वाद और टेक्स्चर को सुंदर और सुविधाजनक बनाने के लिए इनमें केमिकल्स का भी उपयोग होता है। वैसे तो यूपी बोर्ड परीक्षाओं का आगाज 24 मार्च से हो चुका है और सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड की परीक्षाएं अप्रैल माह में शुरू हो जाएगी।
दोनों बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक है तो ऐसे में 10वीं और 12वीं के परीक्षार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए कमर कस लेनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर जंक फूड आदि से भी दूर रहना होगा। ताकि जंक फूड उनकी सेहत को न बिगाड़ दें। डाइटीशियन डा. भावना गांधी का कहना है कि परीक्षा के दौरान पौष्टिक आहार का अधिक सेवन करना चाहिए।
देखा जाए तो इस बार जल्द शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं ने परीक्षार्थियों की समस्या को बढ़ा दिया है। वहीं, दूसरी ओर इस वर्ष यूपी बोर्ड के बदले प्रारूप ने भी छात्रों को चिंता में डाल रखा है। अक्सर परीक्षा का समय नजदीक आते ही छात्रों की भूख मर जाती है। जिसके चलते वह कमजारे होने लगते हैं।
इन सभी बातों की जानकारी देते हुए डा. भावना गांधी कहती है कि परीक्षार्थियों को परीक्षा नजदीक आने पर घबराना नहीं चाहिए, बल्कि अपने खान-पान का ख्याल रख बेहतर से बेहतर करके दिखाना चाहिए। क्योंकि सेहत सही होने पर ही अच्छे नंबर लाए जा सकते हैं।
ऐसा होना चाहिए परीक्षार्थियों का डायट चार्ट
- पानी 10 से 15 गिलास प्रतिदिन।
- हरी सब्जियां का सेवन करे।
- दाल दो कटोरी प्रतिदिन खाए।
- चपाती 5 से 6 प्रतिदिन खाए।
- दूध आधा किलो प्रतिदिन ले।
- पांच बदाम दो अखरोट के टुकड़े और दो मुन्ने खाली पेट ले।
- जूस का सेवन अवश्य करे।
- सुबह के समय व्यायाम भी करे।
- मौसमी फलों का अधिक सेवन करे।
इनसे करे तौबा
- रात्रि में भारी भोजन का सेवन न करें।
- चिकनाई का सेवन न करें।
- डिब्बे बंद जूस से परहेज करे।
- किसी के बहकावे में न आए।
- रात में चावल खाने से परहेज करे।
- गरिष्ठ भोजन से बचाव करे।
कई केंद्रों पर सीसीटीवी बंद होने की मिली शिकायत
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो चुकी है। परीक्षा के दूसरे दिन जिले के 108 केंद्रों पर 10वीं और 12वीं दोनों की पालियों में परीक्षा आयोजित की गई। प्रथम पाली में 10वीं अरबी फारसी और 12वीं संगीत गायन, वादन व नृत्यकला जबकि दूसरी पाली में दसवीं संगीत गायन और इंटर में सामान्य आधारिक विषय शस्य विज्ञान व एग्रोनॉमी का पेपर हुआ।

प्रथम पाली दसवीं की परीक्षा में 241 छात्र पंजीकृत थे जिसमें 226 परीक्षा देने पहुंचे। वहीं, 12वीं में 1469 छात्र पंजीकृ त थे। जिसमें से 1402 ने परीक्षा दी। सूत्रों की माने तो परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए, जिनको शिक्षा विभाग के द्वारा आनन-फानन में चालू कराया गया और केंद्र व्यवस्थापकों को फटकार भी लगाई गई। शासन की ओर से सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने के आदेश दिए गए हैं।

