- परीक्षितगढ़ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय में तैनाती के दौरान हुई थी शिक्षिका की मौत
- मृतका का पति ढाई साल से काट रहा बीएसए कार्यालय के चक्कर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शिक्षिका की बीमारी से मौत के बाद उसकी सर्विस बुक बीएसए कार्यालय से गायब हो गई है। ढाई साल से पति शिक्षिका की सर्विस बुक को तालाश कर रहा है, लेकिन बीएसए कार्यालय से उसे टरका दिया जाता है। आखिर पीड़ित पति के सब्र का बांध टूट गया और बीएसए कार्यालय में हंगामा कर दिया।
बुधवार को लखनऊ से बीएसए कार्यालय पहुंचे प्रशांत सिंह ने बताया कि उसकी सहायक अध्यापिका पत्नी ममता की 2012 में बिजनौर से मेरठ के परिक्षितगढ़ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय में पोस्टिंग हुई थी, लेकिन बीमारी के कारण 10 अक्टूबर 2019 में ममता की मौत हो गई। मौत के बाद मृतका की सर्विस बुक परिक्षितगढ़ ब्लॉक से बीएसए कार्यालय में आ गई जिसकी रिसिविंग भी कार्यालय के बाबू रफीक द्वारा ली गई।
ढाई साल बीत जानें के बाद भी शिक्षिका की ग्रेच्युटि व पेंशन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। पति प्रशांत का कहना है कि वह लखनऊ में रहते है और उनके दो छोटे बच्चे है। पत्नी की मौत के बाद बीएसए कार्यालय में न तो पत्नी की सर्विस बुक का पता है, न ही उनकी मौत के बाद आगे की कार्रवाई शुरू हो पाई हैै। जब भी पति पत्नी की सर्विस बुक के बारे मे पूछता है तो उसे केवल आश्वासन मिलता है।
बुधवार को प्रशांत के सब्र का बांध टूट गया और उसने बीएसए कार्यालय में हंगामा कर दिया। काफी देर तक वह कार्यालय में पत्नी की सर्विस बुक ढूंडने के लिए कहते रहे। बीएसए योगेन्द्र कुमार का कहना है वह केवल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्य के लिए ही जिम्मेदार है। किसी भी शिक्षक के रिकार्ड की जिम्मेदारी लेखा विभाग की होती है उनका इससे कोई संबंध नहीं है, फिर भी पीड़ित की लिखित शिकायत पर वह इस मामलें में उसकी मदद करेंगे।
ममता के दो छोटे बच्चे हैं
पति प्रशांत ने बताया कि उनके दो छोटे बच्चे हैं। जिनको वह लखनऊ छोड़कर मेरठ के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन विभाग उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है।

हर बार कह दिया जाता है कि सर्विस बुक कहीं गुम हो गई है। ऐसे में मृतका की न तो पेंशन शुरू हो सकी है न ही उनकी ग्रेच्युटि का पैसा ही उन्हें मिला है।
कौन है जिम्मेदार?
अध्यापिका की बीमारी से मौत हो गई और मौत के समय वह ड्यूटी पर तैनात थी। परिक्षितगढ़ ब्लॉक से उनकी सर्विस बुक बीएसए कार्यालय में पहुंच भी गई और यहां के रिकार्ड में उसकी रिसिविंग भी हुई, लेकिन अब सर्विस बुक को गायब बताया जा रहा है। तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है, विभाग के पास सर्विस बुक आने के बाद उसके खोने का मामला बेहद गंभीर है। ऐसे में विभाग के बाबू पर भी अंगुलियां उठाई जा रही है।

