Thursday, May 7, 2026
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फिल्म अभिनेता नवाज को मिली क्लीनचिट

  • पुलिस ने छेड़छाड़ के मुकदमे में लगाई फाइनल रिपोर्ट
  • अभिनेता सहित मां और भाइयों को मिली राहत

जनवाणी संवददाता|

मुजफ्फरनगर: बॉलीवुड फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी सहित उनके परिजनों को पत्नी के द्वारा दर्ज कराये गये छेड़छाड़ के मुकदमे में राहत मिली है। पुलिस ने इस मामले में अभिनेता की पत्नी के द्वारा लगाये गये आरोपों को लेकर परिवार को पूरी तरह से क्लीनचिट प्रदान कर दी है।

इससे परिवार राहत तो महसूस कर रहा है, लेकिन पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल की गयी फाइनल रिपोर्ट ( एफआर ) को कोर्ट ने अभी वापस लौटा दिया है और इस मामले में पीड़िता अभिनेता की पत्नी आलिया सिद्दीकी को जल्द से जल्द तलाश करते हुए पेश करने की हिदायत पुलिस को दी गयी है।

कोर्ट का आदेश आने के बाद बुढ़ाना पुलिस की कई टीमें अभिनेता की पत्नी की तलाश करने में जुट गई है । सीओ बुढ़ाना का कहना है कि पुलिस टीमों को उनसे सम्पर्क करने के लिए लगाया गया है, जल्द ही आलिया को कोर्ट में पेश किया जायेगा। जनपद मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढ़ाना थाना में पत्नी आलिया सिद्दीकी के दर्ज कराए गए छेड़छाड़ के मुकदमे में फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी सहित परिवार के 5 लोगों को राहत मिली है। पुलिस ने विवेचना पूरी कर विशेष पाक्सो एक्ट कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी।

हालांकि, कोर्ट ने ऐतराज जताते हुए उसे वापस कर दिया। साथ ही, पुलिस को आदेश दिया है कि शिकायतकर्ता आलिया सिद्दीकी को पेश करें। एफआर दाखिल करें। अब पुलिस आलिया को ढूंढ रही है।

27 जुलाई 2020 को नवाजुद्दीन की पत्नी आलिया सिद्दीकी ने मुंबई के वसोर्वा थाने में पति नवाजुद्दीन सहित देवर मिनाजुद्दीन, फैयाजुद्दीन और अयाजुद्दीन, सास मेहरुनिशा के खिलाफ पाक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में जीरो एफआईआर (मतलब अपने क्षेत्र के थाने में केस दर्ज न करवा कर दूसरे शहर के थाने में दर्ज करवाया) दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 2012 में जब वह बुढ़ाना स्थित अपनी ससुराल आई थी, तो उसके देवर मिनाजुद्दीन ने उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की थी।

विरोध करने पर देवर फैजुद्दीन, अयाजुद्दीन और उसकी सास मेहरुन्निसा ने मारपीट और गाली-गलौज कर उसे रोका था। पति नवाजुद्दीन ने उसे किसी भी प्रकार की शिकायत पुलिस में करने से मना किया था। मुंबई के वसोर्वा थाने में दर्ज यह एफआईआर अगस्त 2020 को बुढ़ाना थाना शिफ्ट हो गई थी। हालांकि, इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी के विरुद्ध स्टे जारी कर दिया था। बुढ़ाना थाना में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी थी।

16 अक्टूबर 2020 को मुकदमे के तत्कालीन विवेचक वीर नारायण सिंह के साथ पहुंची आलिया सिद्दीकी ने सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट ज्योति अग्रवाल के सामने गोपनीय बयान दर्ज कराए थे। अपने बयान में आलिया ने लगाए गए आरोपों को समर्थन किया था। उसके बाद वह विशेष पाक्सो एक्ट कोर्ट अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार तिवारी के सामने पेश हुई थी।

बुढ़ाना थाना पुलिस ने विवेचना करते हुए नवाजुद्दीन सिद्दीकी सहित सभी आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए मुकदमे में लगा दी थी। कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल कर दी गई, लेकिन विशेष पाक्सो एक्ट कोर्ट के जज संजीव कुमार तिवारी ने उस पर ऐतराज जताते हुए वापस कर दिया ।

कोर्ट ने उक्त मामले में विवेचक को निर्देशित किया कि वह शिकायतकर्ता को कोर्ट में पेश करे। उसके साथ ही थ दाखिल करे। सीओ बुढ़ाना क्षेत्र विनय गौतम का कहना है कि पुलिस मुकदमे में एफआर लगा चुकी है। एफआर कोर्ट में दाखिल कर दी गई थी, लेकिन कोर्ट ने उस पर ऐतराज जताते हुए वापस कर दिया। कोर्ट का आदेश है कि शिकायतकर्ता को भी पेश किया जाए। पुलिस शिकायतकर्ता आलिया सिद्दीकी की तलाश कर रही है ।

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