- पांच हजार रुपये के जुर्माने से किया दंडित
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-15 हर्ष अग्रवाल ने हत्या के आरोप में आरोपी आबाद, जावेद व परवेज पुत्रगण सगीर निवासी लिसाड़ी गेट मेरठ को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
एडीसीसी क्रिमिनल मुकेश मित्तल ने बताया कि वादी मुकदमा नदीम ने थाना लिसाड़ी गेट मेरठ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 13 अगस्त 2006 को मामा गुफरान की दुकान से चौकड़ी रोड पर ट्रक में कबाड़ का माल भर रहे थे, एक बार सड़क पर था। तभी आभार पुत्र सलीम अपने दोनों साथियों के साथ आया और उसके मामा को गाली देकर कहने लगा कि तूने सामान सड़क पर डालकर रास्ता रोक दिया है।
उसके मामा ने गाली देने को मना किया तो आरोपियों ने तमंचे से जान से मारने की नियत से वादी मुकदमा के मामा को गोली मार दी। जिससे वह घायल हो गए और आरोपी मौके से भाग गए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया था दौरान उपचार वादी मुकदमा के मामा गुफरान की मृत्यु हो गई।
न्यायालय में आरोपियों ने कहा कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। जिसका सरकारी अधिवक्ता ने कड़ा विरोध किया न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को आजीवन कारावास व पांच हजार के जुर्माने से दंडित किया है।
अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपियों को उम्र कैद
टीपी नगर थानांतर्गत शिवपुरम गली नंबर पांच में रहने वाली किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के दो महिला समेत चार आरोपियों को अदालत ने 12 साल बाद आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 2010 में शिवपुरम गली नंबर-पांच निवासी 15 वर्षीया किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले सोमवीर और सुंदर के अलावा इनकी पत्नियां रेखा और बुली को एससीएसटी कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

