- पासपोर्ट सेवा केंद्र की सुरक्षा के लिए न तो सिक्योरिटी गार्ड तैनात है और न ही सीसीटीवी कैमरे
- पासपोर्ट कार्यालय में बदमाशों ने चोरी की घटना को दिया था अंजाम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: छावनी स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र में आवेदकों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पासपोर्ट सेवा केंद्र की सुरक्षा के लिए न तो कोई सिक्योरिटी गार्ड है और न ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। वरिष्ठ पासपोर्ट सहायक एवं प्रभारी पवन शर्मा ने बताया कि यहां सुविधाओं की काफी कमी है। इसके लिए विदेश मंत्रालय को भी चिट्टी लिखी गई है। डाकघर एवं पासपोर्ट सेवा केंद्र के बाच एमओयू साइन है।
उन्होंने बताया कि पासपोर्ट सेवा केंद्र की सभी सुविधाओं जैसे कि लाइट, पंखे, पानी, सीसीटीवी कैमरे, सिक्योरिटी गार्ड आदि की व्यवस्था डाकघर की जिम्मेदारी है। बताया कि कई बार डाकघर को सूचित किया जा चुका है। इसके लिए गाजियाबाद अधिकारियों द्वारा लिखित में चिट्टी भी दी जा चुकी है। इसके बावजूद यहां आज तक कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
कैंट स्थित पासपोर्ट कार्यालय में मंगलवार देर रात बदमाशों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया था। पासपोर्ट केंद्र से चोरों ने दो डीएसएलआर कैमरे चुरा लिए थे। आश्चर्य की बात यह है कि चोरों ने बढेÞ ही अलग अंदाज में घटना को अंजाम दिया। चोरी करने के दौरान न तो कमरे के ताले टूटे और न ही दीवार में कहीं कुंबल हुआ। इसको लेकर सब हैरान हैं। वहीं, वरिष्ठ पासपोर्ट सहायक एवं प्रभारी पवन शर्मा ने बताया कि डीएसएलआर कैमरों से पासपोर्ट बनवाने के लिए आने वाले आवेदकों का फोटो खींचा जाता था।
चोरी के दूसरे दिन जब कर्मचारी पासपोर्ट केंद्र पहुंचे तो कैमरे गायब थे। इन कैमरों की कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी जा चुकी है। इसके साथ ही पूरे प्रकरण को विभाग द्वारा विदेश मंत्रालय तथा गाजियाबाद पासपोर्ट आॅफिस में भी भेज दी गई है। उधर, डीएसएलआर कैमरा चोरी होने की वजह से अग्रिम आदेशों तक पासपोर्ट बनाने बंद कर दिए गए हैं।
वहीं, इस संबंध में वरिष्ठ पासपोर्ट सहायक एवं प्रभारी पवन शर्मा का कहना है कि पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी जा चुकी है। इसके साथ ही पूरे प्रकरण को विभाग द्वारा विदेश मंत्रालय तथा गाजियाबाद पासपोर्ट आॅफिस में भी भेज दी गई है। डीएसएलआर कैमरा चोरी होने की वजह से अग्रिम आदेशों तक पासपोर्ट बनाने बंद कर दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर सीसीटीवी कैमरे एवं पासपोर्ट कार्यालय पर सुरक्षाकर्मी की तैनाती की मांग की गई है।
पानी पीने और बैठने की व्यवस्था तक नहीं
छावनी स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र में आवेदकों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। हालत यह है कि यहां पीने के लिए पानी, सीलिंग पंखे की कमी के अलाव पासपोर्ट सेवा केंद्र का भवन जर्जर हालत में है। यहीं नहीं यहां पर आवेदकों के बैठने तक की सुविधा तक नहीं है। पासपोर्ट केंद्र में वर्तमान में 40 एप्वाइंटमेंट लिए जा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद पांच से छह दिन में एप्वाइंटमेंट मिल रहा है।
इसके बाद 15 से 20 दिनों में पासपोर्ट तैयार होकर पहुंच जाता है। इसमें मेरठ के अलावा आसपास के जनपदों में बुलंदशहर, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, मोदीनगर से भी पासपोर्ट आवेदक पहुंचते हैं। इसके बावजूद यहां आवेदकों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके कारण आवेदकों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पासपोर्ट कार्यालय के कर्मचारी प्रशांत चौधरी ने बताया कि केंद्र में लगा वाटर कूलर काफी समय से बंद पड़ा है। वह पानी की बोतल घर से स्वयं लेकर आते हैं। इसके साथ ही दो पंखे लगे हैं वो भी काफी धीमी गति से चलते हैं।
चोरी की यह तीसरी घटना
पहले भी वर्ष 2020 एवं 2021 में चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया था। उस समय पासपार्ट कार्यालय में बदमाशों ने पीछे की दीवार से कूदकर, दीवार तोड़कर व कुंडी उखाड़कर चोरी करने का प्रयास किया था। बताया कि पासपोर्ट कार्यालय पर सुरक्षाकर्मी की तैनाती की मांग काफी दिनों से कर रखी है। इससे पहले सांसद राजेंद्र अग्रवाल व पूर्व कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल से भी निरीक्षण के दौरान सुरक्षाकर्मी तैनात कराने का आग्रह किया था, लेकिन आज तक कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।

