Wednesday, April 1, 2026
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मवाना गोशाला में पांच गोवंशों की मौत, आक्रोश

  • पिंजरा पोल में नहीं मिल रहा चारा, भूख से तड़प रही गाय

जनवाणी संवाददाता |

मवाना: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गोरक्षा और गोसेवा के कितने भी दावे कर ले, लेकिन उनके अधिकारी ही दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। गोवंश चारा-पानी और इलाज के अभाव में आए दिन मर रहे हैं। छुट्टा मवेशियों से किसानों को निजात दिलाने के लिए जिले में बनाए गए पशु आश्रय स्थलों में चारा-पानी और इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है।

यही नहीं, इनमें क्षमता से कई गुना ज्यादा मवेशी ठूस दिए गए हैं। इस बदइंतजामी और भूख-प्यास के कारण मवेशी दम तोड़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार 2.0 बनने के बाद गोशालाओं और गोवंश पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अब भी गोशालाओं की हालत में कोई सुधार देखने का नहीं मिल रहा है।

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मवाना-हस्तिनापुर रोड स्थित पिंजरापोल गोशाला में पांच गोवंश की मौत होने के बाद ग्रामीणो में आक्रोश पनपा गया ओर गोशाला पहुंचकर हंगामा किया। बुधवार सुबह चारा डालने गए गो सेवकों को जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को घटना की सूचना दी। आरोप है कि लोगों ने पर्याप्त चारा नहीं मिलने व देखरेख के अभाव का आरोप लगाकर आक्रोश जताया।

नगर में हस्तिनापुर रोड पर मध्य गंगनहर के पास दशकों पुरानी गोशाला है, जहां पर छोटे व बड़े करीब 200 गोवंश है। देखरेख के अभाव में दो लवारे सहित पांच गोवंश की मंगलवार रात मौत हो गई। पशुओं की मौत की जानकारी बुधवार सुबह तब हुई जब गुड़ मंडी निवासी बोधराज, बॉबी अग्रवाल, राजेश अग्रवाल व सराफा एवं स्वर्णकार एसोसिएशन अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल आदि लोग गोशाला में पशुओं को चारा डालने के लिए गए थे।

हंगामे की स्थिति बनी तो गोशाला प्रबंध समिति के लोगों पहुंच गए और मृत गोवंशीय को उठवाकर पास ही जमीन में गड्ढा करवाकर दबा दिया। बता दें कि पूर्व में भी चारे के अभाव में भूख से तड़प रही गाय की मृत्यु हो चुकी है। गोशाला में पशुओं की मौत होने का पहला मामला नहीं है।

पूर्व में भी अनदेखी के चलते मवाना गोशाला में गोवंश की मौत हो चुकी है। गोवंश की समुचित देखभाल नहीं हो पाती है। चारा व देखरेख के साथ इलाज के अभाव में बीमार पशु दम तोड़ रहे हैं। वहीं, इस संबंध में चिकित्सा अधिकारी मवाना डा. सोमेश कुमार ने सभी गोवंश को स्वस्थ बताया। कुछ पशु गोशाला आने से पहले ही बीमार थे, उनकी मौत हो गई है।

गोवंशों को न चारा मिल रहा है, न इलाज

सरकार की तरफ से गोशालाओं को लेकर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद गोशाला में गो सेवा करने वाले लोगों को भी समय पर ना ही तनख्वाह मिल रही हैं और न ही गायों को सही से देखरेख की जा रही है। नजारा अंदर देखा तो वहां पर पांच गाय मृत अवस्था में पड़ी है, कई अन्य गाय गंभीर बीमार हालात में थी। कुछ जानवर आपस में लड़कर घायल हो जाते हैं और उन्हें चोटें लगती हैं, जिस कारण भी वह मर जाते हैं।

पिंजरापोल गोशाला की प्रबंध समिति में मंत्री मुकेश गुप्ता का कहना है कि तीन पशुओं की मौत हुई है। जिनमें एक गाय काफी बुढ़िया होने के कारण बीमार चल रही थी। जबकि कुत्तों के हमले में जख्मी दो लवारे बीमार भी थे। पर्याप्त चारा है और देखरेख भी सही ढंग से की जा रही है। यह आरोप निराधार हैं।

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