Thursday, March 26, 2026
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टीबी को जड़ से खत्म करने को किए जाएंगे ठोस प्रयास

  • ‘एडाब्ट पीपल विद टीबी’ योजना के तहत निजी संस्थान टीबी मरीजों को लेंगे गोद

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: टीबी को सन् 2025 तक जड़ से खत्म करने का सरकार का संकल्प है। इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अब निजी संस्थान किसी भी ब्लॉक व वार्ड के टीबी मरीजों को गोद ले सकते हैं। उन्हें गोद लिए हुए व्यक्ति को पोषण, उपचार और व्यावसायिक सहायता मुहैया करानी होगी। इस योजना का नाम ‘एडाब्ट पीपल विद टीबी’ दिया गया है। इस मिशन में जनपद के ऐसे संपन्न व्यक्तियों से संपर्क साधा जाएगा, जो एक या दो नहीं बल्कि पूरे गांव, ब्लॉक या जिले के टीबी के मरीजों को गोद ले सकें।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रणधीर सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया- इस मिशन को ‘टीबी मरीजों को सामुदायिक सहायता देना’ नाम दिया गया है। पुरानी व्यवस्था के तहत टीबी के मरीजों को व्यक्तिगत या एनजीओ के माध्यम से ही गोद लिया गया है, लेकिन अब संपन्न व्यक्तियों की मदद से एक-दो नहीं बल्कि पूरे वार्ड, ब्लॉक या गांव के टीबी के मरीजों को गोद लेने का काम किया जाएगा।

इसके लिए जनपद के बड़े शैक्षिक संस्थान, औद्योगिक संगठन के मालिक, जन प्रतिनिधियों, गैर सरकारी संगठन से संपर्क कर उन्हें शहरी वार्ड, गांव, ब्लॉक या जिलों के टीबी के मरीज को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बाद इन्हें उस क्षेत्र के टीबी के मरीजों की सूची विभाग की ओर से दी जाएगी। इस तरह से विभाग से टीबी के मरीज की जानकारी मिलने के बाद यह लोग उस व्यक्ति के पोषण व देखरेख की जिम्मेदारी लेंगे।

इन व्यक्तियों को यह भी देखना होगा कि समाज में टीबी के मरीजों के साथ कोई भेदभाव तो नहीं किया जा रहा है। मरीज को इस कार्यक्रम में रजिस्ट्रेशन कराने या न कराने का विकल्प दिया जाएगा और उनके फैसले से मरीजों को उपलब्ध मौजूदा सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मी उनसे सहमति पत्र भरवाएंगे और इसे संबंधित स्वास्थ्यकर्मी जमा कराएगा। टीबी रोगी को इलाज के दौरान मदद दी जाएगी।

टीबी के लक्षण:

  • दो से तीन सप्ताह तक लगातार खांसी होना।
  • खांसी के साथ खून आना।
  • सीने में दर्द या सांस लेते समय दर्द
  • तेजी से वजन कम होना।
  • रात में पसीना आना।
  • बहुत ज्यादा थकान
  • ठंड लगना।
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