जनवाणी ब्यूरो |
वाराणसी: नई सुबह मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार विज्ञान संस्थान वाराणसी द्वारा भारतीय पुनर्वास परिषद से अनुमोदित दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य कर रहे प्रोफेशनल के लिए तीन दिवसीय सतत पुनर्वास शिक्षा का समापन एवं प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया जिसके मुख्य अतिथि मुकुल कुमार सह प्रांतीय अध्यक्ष भारत विकास परिषद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगों की सेवा करने से जो संतोष प्राप्त होता है वह तनाव प्रबंधन के लिए पर्याप्त है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, वंदे मातरम गीत एवं शहीद चंद्रशेखर आजाद जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया गया।
नई सुबह संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ अजय तिवारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नई सुबह विगत दो दशकों से दिव्यांगता एवं मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सतत् रूप से सेवा प्रदान कर रही है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डीएल श्रीवास्तव भूतपूर्व न्यायाधीश वाराणसी ने कहा कि यदि लोगों में तनाव का प्रबंधन समय से कर दिया जाए तो समाज में हो रहे अपराधों में कमी आएगी।
कार्यक्रम को मुख्य रूप से रवि प्रकाश जयसवाल प्रांतीय महामंत्री भारत विकास परिषद, केवी एल श्रीवास्तव अध्यक्ष भारत विकास परिषद महामना, डॉ शशि भूषण उपाध्याय वरिष्ठ चिकित्सक, डॉ एसके श्रीवास्तव भूतपूर्व अनुसंधान अधिकारी चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य रूप से संबोधित किया।
सतत पुनर्वास शिक्षा के तीसरे दिन विभिन्न प्रदेशों से दिव्यांगता विशेषज्ञों को ऑटिस्टिक स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के लक्षण, कारण एवं निदान के बारे में विस्तार से बताया गया ऑटिस्टिक स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित बच्चों के व्यवस्थापन के संदर्भ में चर्चा करते हुए डॉ मनोज कुमार तिवारी वरिष्ठ पुनर्वास मनोवैज्ञानिक ने कहा कि सबसे प्रमुख कार्य समाज को इस दिव्यांगता के बारे में जागरूक करना है और व्यवस्थापन का सबसे महत्वपूर्ण काम इस दिव्यांगता से पीड़ित बच्चों को अधिक से अधिक अपने हमउम्र बच्चों के साथ अंतः क्रिया करने का अवसर प्रदान करना है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में नई सुबह के डिप्टी डायरेक्टर अनुराग तिवारी, कोषाध्यक्ष सुनीता तिवारी, दंत चिकित्सक डॉ अमित तिवारी, मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ ज्योत्शना सिंह, विशेष विद्यालय के प्रधानाचार्य रवि शंकर यादव, उप प्रधानाचार्य अर्पिता मिश्रा ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया। अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ अजय तिवारी ने किया।

