जनवाणी ब्यूरो |
हरिद्वार: आज सयुंक्त राष्ट्र संघ व नेहरू युवा केन्द्र हरिद्वार के तत्वाधान से जिला युवा संसद का वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में सयुंक्त राष्ट्र के अरुण सहदेव व विशिष्ट अतिथि के रूप में नेहरू युवा केन्द्र के राज्य निदेशक अपूर्व सिंदे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में युवाओं को सत्ता पक्ष व विपक्ष की भूमिका से अवगत कराया गया एवं गंगा प्रदूषण, बेरोजगारी, व किसानों से संबंधित समस्याओं पर चर्चा की गई। जिला युवा संसद में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए पूर्व आईआर एस अधिकारी अरुण सहदेव ने कहा कि यह एक बेहद रचनात्मक कार्यक्रम है। जिसके माध्यम से देश के युवाओं को संसदीय कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर प्राप्त होता है।
भारतीय लोकतंत्र में संसद जनता की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था है। इसी माध्यम से आम लोगों की संप्रभुता को अभिव्यक्ति मिलती है। संसद ही इस बात का प्रमाण है कि हमारी राजनीतिक व्यवस्था में जनता सबसे ऊपर है, जनमत सर्वोपरि है। ‘संसदीय’ शब्द का अर्थ ही ऐसी लोकतंत्रात्मक राजनीतिक व्यवस्था है जहां सर्वोच्च शक्ति लोगों के प्रतिनिधियों के उस निकाय में निहित है जिसे ‘संसद’ कहते हैं। भारत के संविधान के अधीन संघीय विधानमंडल को ‘संसद’ कहा जाता है। यह वह धुरी है, जो देश के शासन की नींव है। भारतीय संसद राष्ट्रपति और दो सदनों राज्यसभा और लोकसभासे मिलकर बनती है।
उसके उपरांत एनएसएस के जिला समन्वयक एसपी सिंह ने कहा कि पूरे विश्व में युवाओं की सबसे अधिक संख्या भारत में है जो देश को युवा बनाती है, सिंह ने कहा कि व युवाओं को अपना लक्ष्य निर्धारित कर सदैव देश उत्थान हेतु इस और अग्रसर रहना चाहिए। राज्य निदेशक अपूर्व शिंदे ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं की राजनीति जिज्ञासा का बढ़ना एवम उसमें रुचि लेना भी देश हित में है ऐसे ही युवा सरकार से सवाल जवाब कर देश के विकास में अप्रत्यक्ष रूप से अपनी भूमिका सुनिश्चित करते है।
कार्यक्रम के अंत मे नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा समन्वयक हिमांशु सिंह ने अतिथियों व सभी प्रतिभागियों के धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान एडवोकेट विवेक त्यागी, श्रेयांश चौहान, महीन तिवारी व निर्णायक मंडल में यूनाइटेड नेशन्स की सुदृढ़ता राष्ट्रीय योजना मैनेजर देबजन समन्ताराय एनएसएस के नोडल अधिकारी एसपी सिंह व सचिन पाल उपस्थित रहे।

