- सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, माफिया तंत्र से लड़ने के लिए एक होना होगा
जनवाणी ब्यूरो |
देहरादून: राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश से हर तरह के माफिया तंत्र को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश को अखंड बनाने के लिए जैसे प्रयास किए थे वैसे ही हम प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त करने और माफिया तंत्र खत्म करेंगे। मुख्यमंत्री पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड की सलामी लेने के बाद बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
पुलिस लाइन में पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रैतिक परेड का निरीक्षण किया और इसके बाद सलामी ली। परेड की अगुवाई परेड कमांडर के रूप में एसपी रेलवे टीसी मंजूनाथ कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पदक विजेताओं को पदक भी प्रदान किए।
इसके बाद उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचारों को तभी आत्मसात किया जा सकता जब हम एक रहें। बीते दिनों कोविड के दौरान लगे लॉकडाउन में जनता ने जिस तरह एकता का उदाहरण दिया, उससे लगा कि हमारा देश किसी भी बड़ी चुनौती के लिए एकसाथ खड़ा है। इसके लिए उन्होंने पुलिस व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की।

पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर हर साल राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। एकता शब्द की असली परिभाषा को सरदार पटेल ने आजादी के बाद गढ़ा था। देश में 500 से ज्यादा रियासतों को मिलाकर अखंड भारत की नींव के रूप में उन्होंने इस परिभाषा को कहा। सरदार पटेल के प्रयासों से ही आधुनिक भारत की पुलिस व्यवस्था इतनी सुदृढ़ हो सकी है।
साइबर थाना प्रभारी भारत सिंह वर्ष 2017 में एक बड़े फ्रॉड में उनकी विवेचना के बाद एक नाइजीरियन नागरिक को पकड़ा गया था। उत्कृष्ट विवेचना के परिणाम से ही उस फ्रॉड को दो साल से अधिक की सजा हाल ही में न्यायालय ने सुनाई है।
घटना का खुलासा करने पर एसआई आशीष रावत, दिलबर सिंह नेगी, धर्मेंद्र रौतेला (पटेलनगर थाना क्षेत्र में हुई सराफ से लूट के आरोपियों को दिल्ली और बुलंदशहर से गिरफ्तार किया। जानकारी के लिए बता दें कि करीब 10 दिन घटना के खुलासे में लगे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्य और असत्य की लड़ाई सदियों से चली आ रही है। यह आगे भी जारी रहेगी। इसमें जीत हमेशा से सत्य की होती है और आने वाले समय में भी सत्य ही जीतेगा। यह सब बातें उन्होंने पत्रकारों के सवालों पर कही। हालांकि, इस दौरान उन्होंने सारी बातों को अप्रत्यक्ष रूप से बिना किसी का नाम और घटना का जिक्र करते हुए किया।

