- परिसर में कूड़ा डलवाना कराया बंद, जेसीबी से कूड़े के ढेर हटवाये
- मिट्टी डलवाई, नौचंदी मेले को लेकर टूटी निगम की नींद, समिति की बुलाई मीटिंग
- ऐतिहासिक नौचंदी मेले की हो रही बेकद्री शीर्षक से प्रकाशित खबर पर बुधवार को दिखा असर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम नौचंदी मेले को लेकर उद्घाटन के दो सप्ताह बाद भी गंभीर दिखाई नहीं दी तो ‘जनवाणी’ में बुधवार के अंक में ऐतिहासिक नौचंदी मेले की हो रही बेकद्री शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसमें नौचंदी मेले में कार्यक्रम समिति बनाई गई है। उसके पदाधिकारी एवं सदस्य अपनी जिम्मेदारी के प्रति कितने जागरूक हैं। वहीं, दूसरी ओर नौचंदी परिसर में गंदगी का अंबार…तो मेले में सड़ांध से स्वागत होगा आगंतुकों का शीर्षक से प्रकाशित किया।
जिसके बाद आखिरकार निगम की नींद टूटी और बुधवार को निगम में मेला समिति के पदाधिकारी एवं सदस्यों की मीटिंग बुलाई गई। ताकि मेले का सफल आयोजन किस तरह से किया जा सके। उसकी रूपरेखा तैयार की जा सके। वहीं, दूसरी ओर नौचंदी मेला परिसर खासकर पटेल मंडप के बराबर में जो निगम के द्वारा कूड़ा डलवाया जा रहा था। वह भी बंद कराया और वहां पर पूर्व में डाला गया कूड़ा भी जेसीबी से हटवाया। उसके बाद वहां पर मिट्टी डालकर परिसर को साफ सुथरा बनाने का भी कार्य शुरू किया गया।

ऐतिहासिक एवं प्रांतीय मेला नौचंदी के उद्घाटन करने के बाद मेला आयोजन समिति एवं नगर निगम ने उस तरफ से शायद आंखें ही मूंद ली थी। जिसके चलते नौचंदी मेला परिसर में लगातार निगम के द्वारा पटेल मंडप के निकट कूड़ा डलवाया जाता रहा। वहीं, मेला समिति जो गठित की गई। जिसमें मेले के सफल आयोजन को लेकर 30 समिति गठित की गई। जिसमें प्रत्येक समिति में पदाधिकारी एवं सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई।
‘जनवाणी’ ने मंगलवार को निगम के अधिकारियों से जानकारी करनी चाही की इस बार मेले के सफल आयोजन की तैयारी के लिये क्या विशेष रूपरेखा तैयार की गई और पटेल मंडप की रंगाई-पुताई एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिये कितना बजट रखा गया है। इस मामले में समिति के निर्माण एवं कार्य सत्यापन कमेटी के परिवेक्षक पंकज वर्मा अपर जिलाधिकारी वित्त से जानकारी करनी चाही तो उनका मोबाइल से संपर्क नहीं हो सका। वहीं, निगम के अधिशासी अभियंता विकास कुरील से बात की गई तो उन्होंने भी जानकारी से साफ इंकार कर दिया।

लिपिक मुकेश गेहरा हो या फिर निगम के प्रधान लिपिक प्रदीप जोशी सभी ने जानकारी से इंकार कर दिया। वहीं, अवर अभियंता नगर निगम पदम सिंह ने कुछ जानकारी बताई वह भी अनुमानित लागत के अनुसार करीब आठ निर्माण कार्यों पर 70 लाख रुपये का बजट खर्च किया जायेगा। मेला निर्माण कार्य समिति में जो लोग शामिल है। उन्हे ही निर्माण व रंगाई-पुताई आदि पर कितना खर्च होगा, उसके बारे में कोई जानकारी मेला उद्घाटन के दो सप्ताह बाद भी न होना अपने आपमें बड़े सवाल खड़ा करता है।

वहीं, नौचंदी मेला परिसर में पटेल मंडप के बराबर में गंदगी के अंबार पर जो समाचार प्रमुखता से प्रकाशित हुआ। उसको लेकर निगम की कुंभकर्णी नींद आखिरकर टूट ही गई और बुधवार को जहां एक तरफ नौचंदी परसिर में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। वहीं, शाम को निगम में समिति के पदाधिकारी एवं सदस्यों की मीटिंग आयोजित की। जिसमें समिति के सदस्यों से मेले के सफल आयोजन को लेकर सुझाव आदि मांगे।
नौचंदी मेला: मीटिंग में उठे भ्रष्टाचार के मामले, लगे गंभीर आरोप
प्रांतीय मेला नौचंदी 2023 के संचालन के लिये बुधवार को निगम के सभागार में एक मीटिंग आयोजित की गई। जिसमें अपर नगरायुक्त ममता मालवीय व अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार ने निर्वतमान पार्षद एवं गणमान्य लोगों के साथ मीटिंग की। इस दौरान मेले के सफल आयोजन को लेकर सुझाव मांगे गये तो पूर्व में जिस तरह से संचालन हुआ, उसको लेकर तमाम आरोप प्रत्यारोप के बीच भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी मीटिंग में शामिल लोगों के द्वारा लगाये गये।
इस दौरान पूर्व के भ्रष्टाचार आदि मामलों को छोड़ने व इस बार मेले के सफल एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का आश्वासन अपर आयुक्त के द्वारा समिति के सदस्यों को दिया गया। तब जाकर मीटिंग में वक्ताओं ने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि वह मेले के सफल आयोजन में भरपूर सहयोग करेंगे, लेकिन यदि मेले में भ्रष्टाचार आदि के मुद्दे फिर से उभरे तो उनका पुरजोर विरोध भी किया जायेगा।
दुकानदारों को जितनी भूमि का आवंटन रसीद काटकर किया जाता है। वह सेटिंग के चलते उससे तीन चार गुणा अधिक भूमि पर दुकान लगा लेता है। जैसे कि 100 वर्ग गज जगह की रसीद पर 500 वर्ग गज में दुकानदार दुकान लगा लेता है। आखिर वह किसकी सेटिंग से यह सब खेला करता है। वहीं निवर्तमान पार्षद गफ्फार ने आरोप लगाया कि वर्तमान में भी मेला नौचंदी परिसर की भूमि पर अवैध निर्माण जारी है।
शिकायत के बाद भी अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे। जिसमें अतिक्रमण के कारण रास्ता भी संकरा होता जा रहा है। जिस पर अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। मामले में जांच कराकर कार्रवाई कराई जायेगी। इस दौरान बताया कि जिस ठेकेदार को लाइट का ठेका दिया जाता है, वह ठेकेदार रात्रि में झूले आदि बंद होने के बाद रात्रि दो बजे तक लाइट बंद कर देता है।

उसके बाद दुकानदारों को परेशानी आती है। इस बार जो टेंडर छोड़ा जाये, उसमें साफ शब्दों में निगम स्पष्ट करें कि किस समय से किस समय तक लाइट का मेले में प्रबंध रहेगा। वहीं समिति के सदस्यों ने बताया कि जो झूला आदि या पार्किंग का ठेका जो छोड़ा जाता है। उसमें मानक के हिसाब से दो से तीन गुणा रुपया वसूला जाता है, जोकि खुला भ्रष्टाचार इस मामले में मेले के दौरान देखने को मिलता रहा है। पूर्व की मीटिंग में भी मामला उठाया केवल आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं हो सकी। क्योंकि कहीं न कहीं मेला आयोजन समिति व ठेकेदार के बीच मजबूत सेटिंग दिखाई पड़ती है।
वहीं कुछ वक्ताओं ने कहा कि मेले का स्वरूप धीरे-धीरे अवैध अतिक्रमण एवं लाइटिंग आदि के कारण बदलता जा रहा है, जोकि गलत है। नौचंदी स्थित मां दुर्गा मंदिर तक लाइटिंग आदि नहीं की जाती, जिसके चलते जिस नाम से मेला लगता है, उसके प्रचार प्रसार का भी अभाव मेले में दिखाई देता है। वहीं, बताया कि जो कलाकार मेले में आते हैं। कभी कभी उन्हे किराया भी अपनी जेब से खर्च करना पड़ जाता है।
उनका मेला आयोजन समिति कार्यक्रम संपन्न होेने के बाद मोमेंटो आदि देकर सम्मान नहीं करती। वहीं साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर संयुक्त व्यापार संघ में मंत्री व हैंडलूम वस्त्र व्यापारी संघ में महामंत्री अंकुर गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष मेले में बेपटरी सफाई व्यवस्था पर कहा कि काफी खराब थी। उसे ठीक कराया, इस बार ऐसा नहीं होना चाहिए। सफाई व्यवस्था के लिये अलग से ठेका छोड़े जाने की मांग भी रखी गई कि निगम के सफाई कर्मचारी बेहतर तरीके से मेले में सफाई व्यवस्था नहीं बना पाते।
इसका समर्थन निर्वतमान सभासद गफ्फार के द्वारा भी किया गया। वहीं राष्टÑपति पदक से अलंकृत सबरजीत कपूर सदस्य प्रांतीय नौचंदी मेला समिति ने बताया कि मेले में किसानों व लद्यु उद्योगों की प्रदर्शनी के लिये खास व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं सरकारी योजनाओं की जानकारी मेले में आने वाले लोगों को मिल सके उसके लिये करीब 15 दुकानों का आवंटन नि:शुल्क हो सके, ताकि सरकारी योजना की जानकारी जनता तक पहुंच सके। इस मौके पर काजी जनूलराशिद, पंडित संजय शर्मा, मुफ्ती असरफ, नरेंद्र राष्टÑवादी, नासिर सैफी, रविंद्र तेवतिया, नीता गुप्ता, महेंद्र धानक, अनुपम रस्तोगी, अंकु र गोयल, पवन भार्गव, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

