Friday, April 17, 2026
- Advertisement -

Saharanpur News: सहारनपुर में बदला मौसम का मिजाज, ठंड की हुई वापसी

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: करीब दस दिनों से लगातार तेज धूप निकलने के कारण सहारनपुर में मौसम में गर्माहट आ गई थी। दिन के समय तापमान बढ़ने से लोगों को हल्की गर्मी का एहसास होने लगा था, लेकिन बुधवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और धूप पूरी तरह गायब हो गई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।मौसम में आए बदलाव के साथ ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिससे सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ गई। कई दिनों बाद बादलों की मौजूदगी के कारण दिन का तापमान अपेक्षाकृत कम रहा।

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।इधर मौसम में बदलाव के साथ वायु गुणवत्ता भी बिगड़ी हुई नजर आई। जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 340 के आसपास रिकॉर्ड किया गया, जिसे ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। इस स्तर की हवा से स्वस्थ लोगों पर भी सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बना रहता है। दृश्यता भी घटकर करीब 2 किलोमीटर रह गई, जिससे सुबह के समय धुंध जैसा माहौल दिखाई दिया।मिर्जापुर मौसम वेधशाला प्रभारी अमीर अहमद ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही थी, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बुधवार को मौसम ने करवट ली है। उन्होंने बताया कि हवा में नमी का स्तर करीब 73 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जबकि हवा की रफ्तार कम रहने से प्रदूषण के कण वातावरण में ठहर गए हैं।

मौसम और प्रदूषण के इस बदले हालात का असर जनजीवन पर भी पड़ा। लोग जहां कुछ दिन पहले हल्के कपड़ों में नजर आ रहे थे, वहीं बुधवार को एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखाई दिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।कुल मिलाकर करीब दस दिनों की धूप के बाद बुधवार को बदले मौसम ने सहारनपुर में ठंडक लौटा दी है, वहीं गंभीर वायु प्रदूषण ने लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

आम की फसलों पर छह कीटों का खतरा

आम की फसल में फूल आने से लेकर फल...

कम लागत की एलोवेरा की खेती

भारत में एलोवेरा की खेती तेजी से लोकप्रिय हो...

तोल-मोल मत करो बस बोलो

कभी-कभी कोई किसी बात पर बिना गहन चिंतन मनन...

पेड़ काट कर धूप से लड़ाई नहीं जीती जाती

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी झूठी हो सकती है, पर नासा...

जनगणना में प्रवासी मजदूर

करीब डेढ़ दशक बाद होने जा रही जनगणना 2027...
spot_imgspot_img