Friday, March 27, 2026
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कानून का खौफ नहीं, दबंगों की करतूत, रिटायर्ड एएसपी के प्लॉट पर जमाया कब्जा

  • चार दबंग आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, अवैध तरीके से बेच दिया प्लॉट

जनवाणी ब्यूरो |

मेरठ: जिले में पुलिस की हनक अब धीरे धीरे गायब होती जा रही है। दबंग और धोखाधड़ी करने वालों पर कानून का खौफ बिल्कुल नहीं रह गया। अपराधी किस्म के लोगों का बोलबाला बढ़ता ही जा रहा है। कानून के रखवाले भी केवल मुकदमा कायम कर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री करते मालूम पड़ रहे हैं।

अंदाज़ा इस बात से लगा लीजिये कि रिटायर्ड पुलिस अधिकारी के प्लॉट को अवैध तरीके से कैसे बेंच दिया गया। इनका कितना बड़ा सिंडीकेट पुलिस की नाक के नीचे काम कर रहा है। आश्चर्य इस बात की है कि पुलिस विभाग को भनक तक नहीं। बताया जा रहा है कि अगर पुलिस इस मामले की जांच अत्यंत गंभीरता से करे तो बड़े खुलासे हो सकते हैं।

एक ऐसा ही वाकया जिले में देखने को मिला है। हालांकि ऐसी घटनाएं तो बहुत हो रही हैं। मगर, पुलिस उन्हें हजम कर जाती है। फिलहाल एक घटना सामने आई है। जिसमें पुलिस विभाग में एएसपी पद से सेवानिवृत्त हुए हरिदत्त गौतम के प्लॉट पर कुछ दबंगों ने फरेब करते हुए अवैध रूप से कब्जा कर लिया। हालांकि शिकायत मिलने के बाद जिले की कंकरखेड़ा थाने में पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है और जांच की बात कह रही है।

आगरा निवासी पीड़ित पूर्व एएसपी हरिदत्त गौतम ने बताया कि वह पुलिस विभाग से पुलिस उपाधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हैं। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अपने प्रोविडेंट फंड के 17 लाख रुपए से नंगला ताशी में एक प्लॉट खरीदा था। प्लॉट का बैनामा महेंद्र सिंह पुत्र चरण सिंह निवासी मंगलपुरी थाना कंकरखेड़ा से करा लिया था। प्लॉट खरीदने के बाद से ही प्लॉट पर उनका कब्जा चला आ रहा था।

कानून का खौफ होता तो ये नहीं होता…

बताया जा रहा है कि प्लॉट पर ओमवीर पुत्र मामचंद निवासी नंगला ताशी कासमपुर, धर्मवीर पुत्र बुधप्रकाश निवासी ग्राम सिखेड़ा, विमला पत्नी करण सिंह नागर निवासी श्रद्धापुरी अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर प्लॉट पर कब्जा करना चाहते हैं। पुलिस विभाग से रिटायर उपाधीक्षक ने महेंद्र से बात की, तो महेंद्र भी पीड़ित के साथ टालमटोल करने लगा। इस दौरान पीड़ित ने कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा, तो महेंद्र पीड़ित से कहने लगा कि गलत तरीके से जानबूझकर प्लॉट बेंच दिया है। तुम पुलिस विभाग से हो हमारे खिलाफ कार्रवाई मत करना। हम सभी मिलकर तुम्हारे रुपए लौटा देंगे।

काफी तकादा होने पर तीन बार में पीड़ित को चार लाख रुपये महेंद्र ने दे दिए। पीड़ित ने इसके पश्चात महेंद्र से अपने 17 लाख रुपये मांगे तो महेंद्र पीड़ित को टालने लगा। पीड़ित हरिदत्त गौतम ने 29 अप्रैल 2023 की सुबह 5 बजे पीड़ित अपने प्लॉट पर गया, तो वहां अचानक महेंद्र सिंह, ओमवीर, धर्मवीर, विमला गालियां देते हुए पीड़ित के पास आ गए।

भूमाफिया किस्म के आरोपियों पर कार्रवाई की इंतजारी 

पीड़ित ने आरोप लगाया कि महेंद्र सिंह व उसके साथी भूमाफिया किस्म के लोग हैं। इन लोगों ने एक नाजायज गिरोह बना रखा है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी लोगों की जमीनों पर कब्जा कर लेते हैं। पीड़ित ने कंकरखेड़ा थाना प्रभारी से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

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