जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद रसूलपुर में बारूद से हुए विस्फोट पर जवाबदेही से बचने के लिए प्रशासनिक अफसर लीपापोती करते नज़र आए। फॉरेंसिक टीम द्वारा जांच पड़ताल के दौरान मलबे से विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है, फिर भी पुलिस प्रशासन घटना के कारणों को लेकर सिलेंडर पर ही अटका हुआ है। विस्फोट की जद में आए एक और बालक की मौत होने से मरने वालों की संख्या तीन हो गई।
थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर में आतिशबाजी का कार्य करने वाले निसार के घर मंगलवार की रात को हुए विस्फोट में अब तक तीन लोग जान गवां चुके हैं। मौके पर निसार व उसके पुत्र फैसल की मौत हो गई जबकि उपचार के दौरान बुधवार को निसार के भतीजे शायान की भी मौत हो गई।

इस घटना में करीब दर्जनभर लोग जख्मी हुए थे। धमाके से करीब आधा दर्जन मकान क्षतिग्रस्त हुए जिनमें निसार का मकान जमींदोज हो चुका है। बुधवार को फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। इस दौरान टीम को मलबे से विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। बरामद अवशेष जांच के लिए सुरक्षित कर लिए गए। दीपावली पर लगी पटाखों पर पाबंदी के बावजूद इस गांव में पटाखों की खरीद-फरोख्त हो रही थी।
बताया गया है कि घर में रखी विस्फोटक सामग्री के कारण ही यह भयानक हादसा हुआ है। इसके बावजूद इस बेहद गंभीर मामले में जवाबदेही से बचने के लिए पुलिस प्रशासन घटना को सिलेंडर फटने के कारण होना बात रही है। पुलिस प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए दावा कर रहा है कि फिलहाल निसार द्वारा आतिशबाजी का कार्य नहीं किया जा रहा था। यह घटना सिलेंडर फटने के कारण ही हुई है। विस्फोट को लेकर गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। सीओ उदय प्रताप सिंह का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर द्वारा घायलों के शरीर पर बारूद जख्म होने से इनकार किया जा रहा है।
एक साथ तीन जनाजे देख नम हुई सैकड़ों आंख
रसूलपुर में विस्फोट के कारण जान गवाने वाले तीन तीन लोगों के एकसाथ जनाजे उठते देख जन समूह की आंखें नम हो गई। हृदय विदारक घटना से हर कोई स्तब्ध नजर आया।जनाजे में शरीक होने के लिए जनसमूह उमड़ पड़ा। निसार के परिवार में एक साथ तीन मौत वह कई लोग जख्मी होने से कोहराम मचा हुआ है। उसके घर लगातार रोने बिलखने की आवाजें गूंज रही हैं।

तड़के 4 बजे पुलिस ने निसार व उसके बेटे फैसल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोपहर को उपचार के दौरान निसार के भतीजे शायान की मौत होने के बाद उसका शव भी मोर्चरी ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शवों को गांव में लाया गया तो गांव में कोहराम मच गया। एक साथ तीन जनाजे उठते देख हर किसी की आंखें नम हो गई। सपा नेता अतुल प्रधान व सैयद रिहानुद्दीन सहित कई नेताओं ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी तथा घटना के प्रति दुख प्रकट किया।

कप्तान के लौटते ही मलबे में फूटा पटाखा
पुलिस भले ही विस्फोट बारूद से होने की सम्भवना को खारिज कर रही हो लेकिन, हकीकत किसी से छिपी नहीं है। देर रात कप्तान अजय साहनी जैसे ही घटना स्थल से लौटे तो मलबे से पटाखे का हल्का विस्फोट हो गया। यह विस्फोट आतिशबाजी के सामान से हुआ था। इस दौरान अचानक भगदड़ सी मच गई। बताया गया है कि मृतक निसार को पड़ोसियों व आतिश बाजी का कार्य त्याग चुके परिवार के अन्य सदस्यो द्वारा काम बंद करने की नसीहत दी गई लेकिन वह नहीं माना।
इस दीपावली पर नहीं हुआ था निसार पर मुकदमा
क्षेत्र में आतिशबाजी के सामान का उत्पादन करने वाले निसार के घर से पुलिस द्वारा दीपावली के मौके पर गत दो वर्षो में हर बार पटाखे पकड़े गए लेकिन इस बार पुलिस ने उसे नोटिस देकर ही पुलिस ने अपने दायित्व की इतिश्री कर ली थी। बताया गया है कि रसूलपुर में पटाखे बनाने का कार्य बरसों से होता रहा है। अभियान चलने पर पुलिस द्वारा छापेमारी करके आतिशबाजी पकड़ी गई।
वर्ष 2018 के बाद 2019 में भी आतिशबाजी पकड़ी गई तथा एजाज व निसार के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। गत वर्ष विस्फोटक सामग्री से हुई आगजनी में निसार की पत्नी सायरा झुलस गई थी। पुलिस की छापेमारी में मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी, लेकिन पुलिस ने आंशिक रूप से बरामदगी दिखाकर शेष विस्फोटक सामग्री समीपवर्ती गांव में पटाखे बनाने का कार्य करने वाले एक व्यक्ति को मोल बेच दी थी। इस बार पुलिस ने विस्फोटक सामग्री पकड़ने के बजाय नोटिस देकर ही अपने दायित्व की इतिश्री कर ली। थाना प्रभारी शिव वीर सिंह भदोरिया का कहना है कि निसार को आतिशबाजी का कार्य नहीं करने के संबंध में नोटिस दिया गया था।
भयानक धमाके का जिक्र होते ही कांप उठते हैं चश्मदीद
भयानक विस्फोट में निसार का परिवार तो तबाह हो गया लेकिन यह हादसा उसके पड़ोसियों को भी धमाके की दहशत की सौगात से गया। घटना के चश्मदीद भयानक हादसे का ज़िक्र होते ही कांप उठते हैं।

घटना स्थल के समीप रहने वाले महताब ने बताया कि उसके दादा इकरामुद्दीन कमरे में लेते हुए थे। अचानक उनकी दीवार धमाके के साथ उड़ गई। धमाके की आवाज सुनकर उसकी मां नसीम छत से कूद पड़ी।

उसने बताया कि परिजनों की आंखों में काफी देर अंधेरा छाया रहा। दूसरी ओर अपनी छत पर मोबाइल पर बात कर रहा सनी पुत्र इंद्रपाल धमाके से उड़ कर दूसरी छत पर पहुंच गया। वह जख्मी भी हुआ है।उसका कहना है कि ऐसा हादसा उसने पहली बार देखा है। हादसे के दौरान ही वह बेहोश हो गया था।

निसार के मकान के पास साबिर का मकान भी ध्वस्त हुआ है। गरीब मजदूर साबिर के परिवार के लिए जीवन यापन का साधन बनी उसकी गाय भी मलबे में दबकर मर गई।गनीमत रही कि इस हादसे में उसकी पत्नी अफसाना के सिर में ही चोट आई।
घटना के समय घर में उसकी पुत्री महविश नाजिश नरगिस, नाजिया व पुत्र रयान ईशान मौजूद थे।धमाके से पूरा परिवार सदमे में है।वही इमरत पुत्र मोती घटना से मात्र 15 मिनट पहले अपने स्वर्गीय चाचा सलेका के मकान से उठकर गया था। वह इस मकान में सोता है।यह मकान भी बुरी धमाके की जद में आ गया।

गनीमत रही कि हादसे से कुछ देर पहले ही इमारत इस मकान से बाहर निकला था। उसने बताया कि वह काफी देर तक समझ ही नहीं पाया कि यह कैसा धमाका हुआ है। इस हादसे को याद करके ग्रामीणों की रूह कांप जाती है। आसपास के लोग भी धमाके को जहन से निकाल नहीं पा रहे है।
बारूद से हुआ है भयानक विस्फोट: प्रधान

गांव में हुए विस्फोट को लेकर ग्राम प्रधान अश्वथामा पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ग्राम प्रधान अश्वथामा का आरोप है कि गांव में पुलिस की मिलीभगत से अवैध रूप से पटाखे बनाने का कार्य होता रहा है। जांच पड़ताल के नाम पर पुलिस मुट्ठी गर्म करके लौट जाती रही है। शासनादेश को पुलिस ने गंभीरता से लिया होता तो इस घटना को टाला जा सकता था। प्रधान ने बताया कि विस्फोट बारूद से हुआ है। सिलेंडर का बहाना बनाकर पुलिस अपनी नाकामी छिपाने का प्रयास कर रही है। पुलिस सच्चाई पर पर्दा डालना चाहती है।
जैसे निसार के मोबाइल पर आई मौत की कॉल
हादसे से पहले पूर्व प्रधान के घर बैठे निसार के मोबाइल आई कॉल उसके लिए मौत की कॉल बन गई।वह अपने घर में दाखिल हुआ ही था कि विस्फोट के कारण वह मौत के मुंह में समा गया। पूर्व प्रधान नजमुल कमर ने बताया कि निसार उसके आवास पर बैठा था। अचानक उसके मोबाइल की घंटी बाजी। वह फोन कान पर लगाकर बात करता हुआ अपने घर पहुंच गया। बताया गया है कि जैसे ही उसने घर में क़दम रखा एकदम विस्फोट हो गया। उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि घमाका उसके परिवार की तबाही का कारण बन जाएगा। हादसे में उसकी जान जाने के ग्रामीणों को लगा कि फोन बजने पर घर पहुंचे निसार के लिए मानो मोबाइल पर मौत की कॉल आई थी।

