Saturday, May 9, 2026
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आयुष्मान योजना: सरकार पर करोड़ों बकाया

  • केंन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के पैनल में शामिल है केएमसी
  • एक करोड़ से अधिक की धनराशी का नहीं हुआ भुगतान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: केंन्द्र सरकार की महत्वकांशी आयुष्मान भारत योजना में गरीब परिवारों को पांच लाख रूपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। इसमें कैंसर से लेकर अन्य बीमारियों का इलाज शामिल है। साथ ही सभी तरह की जांच भी निशुल्क कराए जानें का प्रावधान है। लेकिन केएमसी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सैंटर को पिछले लंबे समय से आयुष्मान योजना का भुगतान सरकार द्वारा नहीं किया गया है। अस्पताल के संचालक ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है।

बागपत रोड स्थित केएमसी हॉस्पिटल शहर के उन गिने-चुने अस्पतालों के पैनल में शामिल है जिन्हें सरकार ने आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को निशुल्क चिकित्सा सेवा उपलब्ध करानें के लिए अधिकृत कर रखा है। यहां आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है। पिछले दो माह में ही करीब 150 से अधिक आयुष्मान योजना के लाभार्थियों ने केएमसी अस्पताल में अपना इलाज कराया है।

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इनमें कैंसर जैसी घातक बीमारी के मरीज भी शामिल है। इन मरीजों को कीमो थैरेपी से लेकर दवाएं तक निशुल्क उपलब्ध कराई जा रहीं है। मगर अभीतक भी अस्पताल को सरकार से आयुष्मान योजना के पैसे का भुगतान नहीं किया गया है। अस्पताल के संचालक डा. सुनील गुप्ता ने बताया अबतक आयुष्मान योजना के जितने भी मरीजों का इलाज किया गया है उसकी धनराशी एक करोड़ 12 लाख से ऊपर जा पहुंची है। इनमें से 80 प्रतिशत मरीज कैंसर की बीमारी से ग्रसित थे जिनका निशुल्क इलाज किया गया।

मशीनों के मेंटेनेंस में भी हो रही परेशानी

अस्पताल को सरकार से आयुष्मान योजना के पैसे का भुगतान नहीं होने से यहां लगी महंगी चिकित्सा मशीनों के रखरखाव में भी परेशानी हो रही है। इन मशीनों को लोन पर लिया गया था जिनकी प्रतिमाह 60 से 70 लाख रूपये किस्त का भुगतान करना पड़ता है। इसके साथ ही जिन कंपनियों से मशीनें ली गई है उन्हें इनकी मेंटेनेंस का अलग से भुगताना करना होता है। लेकिन सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के पैसे का भुगतान नहीं करने के कारण अब मशीनों के रखरखाव में भी अस्पताल प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मरीजों को वापस भेजने की आ सकती है नौबत

पिछले दो माह में ही आयुष्मान योजना के 150 से ज्यादा लाभार्थियों का इलाज केएमसी में किया जा चुका है, लेकिन अस्पताल को अभीतक सरकार की ओर से कोई भुगतान नहीं किया गया है। इन परिस्थितियों में आगे योजना के लाभार्थियों का इलाज कैसे किया जाएगा यह सवाल उठने लगा है। संभव है अस्पताल प्रशासन अब आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का इलाज करने में अपने को असमर्थ बताकर मरीजों को वापस भेज सकता है।

कई बड़े अस्पतालों का भी पैसा रूकने की चर्चा

केएमसी की तरह शहर के अन्य बड़े अस्पतालों को भी आयुष्मान योजना का भुगतान नहीं किया गया है। हालांकि जब इन अस्पतालों से जानकारी की गई तो उन्होंने इतना ही कहा कि पैसा रूका जरूर है, लेकिन देर सबेर मिल जाएगा। चर्चा तो यहां तक है कि यह अस्पताल इसलिए कुछ बताना नहीं चाहते क्योंकि इससे उनका जो भुगतान सरकार से होना है वह रूक न जाए। ऐसे में अस्पतालों को बड़ी आर्थिक परेशानी से गुजरना पड़ सकता है।

पिछले दो माह के भीतर 150 से अधिक आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का इलाज किया गया है। लेकिन अभीतक सरकार से पैसे का भुगतान नहीं हुआ है। इस वजह से अस्पताल को काफी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -डा. सुनील गुप्ता, संचालक केएमसी हॉस्पिटल, मेरठ।

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