- चाणक्यपुरी में मेडिकल क्षेत्र में टंकी परिसर के निकट बिल्डर द्वारा किया जा रहा निर्माण
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम क्षेत्र में निगम की भूमि पर अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी हैं। जिसमें निगम के अधिकारी अवैध निर्माण की तरफ से आंखें मूंदे हैं। इसमें मेडिकल क्षेत्र की चाणक्यपुरी में टंकी परिसर के निकट करोड़ों की भूमि पर एक बिल्डर के द्वारा अवैध निर्माण शुरू कर दिया गया है। जिसमें निगम के अधिकारी इस पूरे मामले से अंजान बने हुए हैं। उधर, जिस जगह निर्माण चल रहा है, कुछ लोगों के द्वारा वह भूमि निगम की बताई जा रही है। वहां केवल मजदूर तेजी से कार्य करने में जुटे हैं, जबकि भवन स्वामी वहां पर दिखाई नहीं दिया।
थाना मेडिकल क्षेत्र की चाणक्यपुरी में पानी की टंकी परिसर के निकट कुछ भूमि खाली पड़ी है। जिसमें इस भूमि पर काफी समय से घास-फूंस उगी खड़ी है। कुछ लोगों के द्वारा इस खाली पड़ी करोड़ों रुपये की भूमि को निगम की बताया जा रहा है। इस खाली पड़ी भूमि पर चर्चा है कि एक बिल्डर द्वारा भाजपा नेताओं से सेटिंग के बाद नीव भराई के साथ तेजी से निर्माण शुरू कर दिया है। जिसमें नींव के साथ उक्त भूमि के चारों तरफ पिलर खड़े करके चारदीवारी का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है।

चर्चा है कि कुछ लोगों के द्वारा मामले की शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से भी की, लेकिन वह वहां पहुंचे और खानापूर्ति कर अवैध निर्माण को रुकवाने की जगह वहां से आंख मूंदकर वापस लौट गए। फिलहाल वहां पर निर्माण जारी है और निगम के अधिकारी इस मामले में पूरी तरह से मौन दिखाई दे रहे हैं। वहीं, लोगों का कहना है कि निगम के अधिकारी जब निर्माण की शुरुआत होती है, तब तो आंख मूंद लेते हैं, लेकिन जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचता है
तो फिर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए कोर्ट आदि प्रक्रिया आदि का बहाना बनाकर मामले को अधर में लटका देते हैं। निगम की जमीन पर इस तरह का यह अकेला मामला नहीं है, न जाने कोई में इस तरह के कितने मामले विचाराधीन हैं। फिलहाल निगम की इस विवादित भूमि पर अवैध निर्माण जारी है।
चेयरमैन की दो टूक, लाइन लॉस घटे, रेवेन्यू बढेÞ
मेरठ: यूपी पावर कारपोरेशन के चेयरमैन डा. आशीष अग्रवाल ने लाइन लॉस घटाने तथा हर हाल में रेवेन्यू के बढ़ाए जाने की हिदायत दी है। डा. अग्रवाल शुक्रवार को एनटीपीसी ग्रेटर नोएडा सभागार में शुक्रवार को विद्युत विभाग के कामों की समीक्षा कर रहे थे। इसमें मेरठ से पीवीवीएनएल के निदेशक वाणिज्य एसके पुरवार के अलावा अन्य अफसर भी मौजूद रहे। डा. आशीष अग्रवाल ने अधिकारियों को लाइन लॉस न्यूनतम कर, राजस्व वसूली में वृद्धि को कहा।
साथ ही उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से निर्बाध विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ राजस्व संग्रह में वृद्धि का कार्य भी प्राथमिकता पर किया जाये। राजस्व संग्रह में तेजी लाने के लिए जमीनी स्तर पर और अधिक जागरूकता लाने की आवश्यकता है। राजस्व संग्रह के लिये जागरूकता अभियान चलाया जाये। राजस्व वृद्धि में तेजी लाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में कैम्पों का आयोजन किया जाये। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली लक्ष्य को रणनीति बनाकर शत प्रतिशत प्राप्त किया जाये। आरडीएसएस योजना की समीक्षा करते हुये योजना का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए कार्यो में गुणवत्ता लाने पर बल दिया।
इसके लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण, पारदर्शिता की जवाब देही आवश्यक है। उन्होंने कहा विद्युत चोरी पर अंकुश लगाने के लिए अधिशासी अभियन्ता परीक्षण की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा नो डिस्प्ले, आईÑडीएफ मीटर से सम्बन्धित प्रकरणों को हर हाल में समाप्त किया जाये। बैठक में एसके पुरवार, निदेशक (वाणिज्य) ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा दिये गये सुझावों एवं निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायेगा उन्होेंने कहा कि उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने के साथ-साथ राजस्व वसूली के लक्ष्यों को निश्चित रूप से प्राप्त करेंगे।
फोन घुमाओं अभियान के अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे है व राजस्व संग्रह में वृद्वि हुई है। बैठक में सतेन्द्र सिंह मुख्य अभियन्ता परेषण(पश्चिम) राजीव मोहन मुख्य अभियन्ता नोएडा क्षेत्र, नोएडा, अनिल कुमार जायसवाल मुख्य अभियन्ता बुलंदशहर क्षेत्र के अलावा समस्त अधिशासी अभियन्ता तथा अधीक्षण अभियन्ता तथा ट्रांसमिशन के अधिकारियों ने भाग लिया।

