Thursday, February 19, 2026
- Advertisement -

संकुल विद्यालयों को निपुण बनाने पर शासन सख्त

  • महानिदेशक स्कूल शिक्षा के डायट प्राचार्यों और बीएसए के सख्त निर्देश

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षक संकुल के विद्यालयों को दिसंबर तक निपुण विद्यालय बनाने के लिए लक्ष्य तय किया है। इसके तहत सभी डायट प्राचार्यों व बीएसए को निर्देश दिया गया है कि शिक्षक संकुल की बैठकों और मासिक लक्ष्य को पूरा किया जाए। जिससे शिक्षक संकुल विद्यालयों को दिसंबर 2023 तक निपुण विद्यालय बनाया जा सके।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने निर्देश दिया कि एआरपी पिछली जिला स्तरीय बैठक के मुख्य बिंदुओं को सभी से साझा करेंगे। शिक्षक संकुल विद्यालयों को दिसंबर तक निपुण विद्यालय बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने अक्टूबर माह में शिक्षक संकुल की बैठकों का एजेंडा और मंथली टास्क तय किया है। साथ ही जनपदों के समस्त शिक्षक संकुल को प्रभावी प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया जाए

जिससे शिक्षक संकुल विद्यालयों को दिसंबर 2023 तक निपुण विद्यालय बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। शिक्षक संकुल के विद्यालयों को दिसंबर 2023 तक निपुण विद्यालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अक्टूबर में शिक्षक संकुल बैठकों का आयोजन एजेंडा के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा। इसके नोडल अधिकारी एआरपी होंगे। एआरपी पिछली जिला स्तरीय मीटिंग के मुख्य बिंदुओं को सभी के साथ साक्षा करेंगे। इसके अलावा, संबंधित माह की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण वीडियो को सभी शिक्षकों को दिखाना एवं वीडियो के मुख्य बिंदुओं पर चर्चा करना होगा।

पिछली बैठक की योजना के सापेक्ष किए गए शिक्षण संबंधी प्रयासों, शिक्षण पद्धतियों, रोचक गतिविधियों को साझा किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण भाग निपुण भारत मिशन की अकादमिक रणनीति पर प्रस्तुतिकरण होगा, जिसमें शिक्षकों द्वारा अलग-अलग समूह (कक्षा 1-3 और कक्षा 4-8) में 2023-24 की शिक्षण योजना को प्रस्तुत किया जाएगा। प्रस्तुतिकरण के लिए सभी समूहों को 5 मिनट का समय मिलेगा।

यह भी कहा गया है कि समस्त शिक्षक संकुल द्वारा अक्टूबर में मंथली टास्क को पूर्ण किया जाएगा। उन्हें अपने विद्यालय को दिसंबर 2023 तक निपुण विद्यालय बनाने के लिए 5 प्वॉइंट टूलकिट का उपयोग सुनिश्चित करना होगा। इस टूल किट के तहत पहला शिक्षकों के बीच कक्षा आवंटन और कार्य विभाजन, दूसरा संदर्शिका आधारित शिक्षण योजना का उपयोग, तीसरा छात्रों का आकलन एवं रेमेडियल, चौथा समुदाय सहभागिता एवं अभिभावक के साथ संपर्क और पांचवां व अंतिम टूल किट शिक्षक-छात्र के मध्य आत्मीय संबंध बनाने पर केंद्रित होगा।

इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू करना होगा। इसके अलावा, समस्त शिक्षकों को निपुण लक्ष्य ऐप पर लॉगिन करने एवं अक्टूबर माह में ऐप के माध्यम से प्रत्येक छात्र का आकलन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। निपुण लक्ष्य एप पर प्रदर्शित नए फीचर निपुण संवाद का प्रयोग किए जाने के लिए समस्त शिक्षकों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे शिक्षक विभागीय निर्देशों, गतिविधियां आदि से अपडेट हो सकें। समस्त शिक्षक संकुल द्वारा अपने न्याय पंचायत के समस्त प्रधानाध्यापकों को निपुण भारत मॉनिटरिंग सेंटर पोर्टल का नियमित शिक्षण किए जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

UP News: मोहन भागवत की CM Yogi और Deputy CM से मुलाकात, सियासी हलचल तेज

जनवाणी ब्यूरो | लखनऊ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख...

PM Modi का AI Impact लीडरशिप सम्मेलन 2026 में भाषण, मानव केंद्रित AI और जिम्मेदारी पर जोर

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI...

UP News: डॉ. मोहन भागवत का बयान, मंदिरों की आय जन कल्याण के लिए हो और BJP सरकार को संघ नहीं चलाता

जनवाणी ब्यूरो | लखनऊ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक...
spot_imgspot_img