Saturday, April 11, 2026
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खतरा बड़ा तैयारी छोटी: 2000 से ज्यादा केस, वेंटिलेटर 115

  • कोरोना संक्रमितों के लिए एलएलआरएम समेत कुल आठ आइसोलेशन वार्ड
  • स्वास्थ्य विभाग भी मान रहा है आने वाले तीन माह में नए केसों में बड़ी बढ़ोतरी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: तेजी से बढ़ रही संक्रमितों की संख्या के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग की यदि तैयारियों की बात की जाए तो कोरोना के बडेÞ खतरे को देखते हुए तैयारियां फिलहाल बहुत निचले स्तर पर हैं। करीब दो हजार से ज्यादा मेरठ में एक्टिव केस हैं।
आने वाले दिनों में जिनके बढ़ने की बात से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इनकार नहीं कर रहे हैं।

ऐसी स्थिति में कोरोना संक्रमितों की जिंदगी बचाने में बेहद अहम् यदि वेंटिलेटर की बात की जाए तो पूरे मेडिकल समेत जनपद के जिन प्राइवेट अस्पतालों में संक्रमितों के इलाज के नाम पर आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं वहां कुल मिलाकर 115 वेंटिलेटर हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि कोरोना संक्रमितों के इलाज में वेंटिलेटर की मुख्य भूमिका है। इसके बाद भी दो हजार से ज्यादा संक्रमितों पर महज 115 वेंटिलेटरों का होना ये बताता है कि विभाग कोरोना से निपटने की तैयारियों के नाम पर कितना गंभीर है।

कोरोना संक्रमण की विस्फोटक रफ्तार

कोरोना संक्रमण और मरने वालों की संख्या की यदि बात की जाए तो बीते नवंबर माह में इसकी रफ्तार बेकाबू रही। नाम न छापे जाने की शर्त पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तो इन हालातों को बेदह गंभीर व विस्फोटक तक मान रहे हैं। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते नवंबर माह में 4762 नए केस आए हैं।

एक नवंबर को संक्रमित केसों की संख्या-12939 थी जो 29 नवंबर को 17701 जा पहुंची। इसके अलावा इस अवधि में 69 संक्रमितों की उपचार के दौरान मौत भी हो गयी। एक नवंबर को मरने वाले संक्रमितों की संख्या 300 थी जो 29 नवंबर को बढ़कर कुल 369 हो गयी।

कोविड-19 आइसोलेशन में वेंटिलेटर एक नजर में

  • एलएलआरएम मेडिकल 70
  • सुभारती मेडिकल 17 इनमें से पांच वेंटिलेटर प्राइवेट वार्ड में रहने वालों के लिए आरक्षित हैं।
  • मुलायम सिंह यादव मेडिकल 5
  • संतोष हॉस्पिटल 6
  • आनंद हॉस्पिटल 2

इन अस्पतालों में इलाज

कोरोना संक्रमण के लिए शुरूआत में केवल एलएलआरएम मेडिकल में ही इलाज का इंतजाम किया गया था, लेकिन बाद में जैसे-जैसे संक्रमितों की संख्या बढ़ती चली गयी वैसे ही वैसे कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड के लिए अस्पतालों का दायरा भी बढ़ा दिया गया। यह अभी भी चालू है।

सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि संक्रमितों की तेजी से बढ़ रही संख्या के मद्देनजर कोविड-19 आइसोलेशन वार्डों की संख्या बढ़ाने का काम भी तेजी से चल रहा है। इसमें फिलहाल दो नए अस्पताल आईआईएमटी व न्यूटिमा को और जोड़ दिया गया है। फिलहाल जिन अस्पतालों में संक्रमितों का इलाज चल रहा है उनमें निम्न शामिल हैं।

  • एलएलआरएम मेडिकल
  • मुलायम सिंह यादव मेडिकल
  • सुभारती मेडिकल
  • आनंद हॉस्पिटल
  • संतोष हॉस्पिटल
  • आईआईएमटी हॉस्पिटल
  • न्यूटिमा हॉस्पिटल

ये कहना है सीएमओ का
सीएमओ डा. अखिलेश मोहन का कहना है कि संक्रमण पर काबू पाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। सबसे पहला काम डेथ रेट का कम करना है। इसके अलावा संक्रमितों को बेहतर इलाज देकर रिकवरी रेट बढ़ाए जाने के अलावा इसका पॉजिटिव असर डेथ रेट कम करने में भी नजर आएगा। सीएमओ का दावा है कि आने वाले दिनों में बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

ये कहना है मेडिकल प्राचार्य का
मेडिकल प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार का कहना है कि कोरोना संक्रमण से जहां तक मरने वालों का सवाल है तो उसके लिए जब तक बाहरी मरीजों खासतौर से एल-3 के जो मरीज बाहरी अस्पतालों से भेजे जा रहे हैं। उनमें से बड़ी संख्या में ऐसे हैं जो बेहद लास्ट स्टेज पर मेडिकल भेजे जा रहे हैं। ऐसे मरीजों की वजह से डेथ रेट बढ़ रहा है। हालांकि मेडिकल किसी भी मरीज के इलाज से इनकार नहीं कर सकता। ये हमारे पेशे का हिस्सा है।

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