- दो दिन से सीबीआई टीम ने मेरठ में ही डाल रखा डेरा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भूमिगत चल रहे कैंट बोर्ड के सेनेट्री इंस्पेक्टर अभिषेक गंगवार की तलाश में सीबीआई छापेमारी कर रही हैं। दो दिन से सीबीआई ने मेरठ में ही डेरा लगा रखा हैं। एक दिन पहले अभिषेक के घर को खंगाला गया। दूसरे दिन भी सीबीआई की टीम अभिषेक के पड़ोसियों से पूछताछ करती रही। आरोपी अभिषेक कहां गायब हो गया? अभी कुछ भी पता नहीं चल सकता हैं। वैसे भ्रष्टाचार के मामले में फंसे सेन्ट्री इंस्पेक्टर योगेश यादव और अभिषेक गंगवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया हैं।
दरअसल, वरुण अग्रवाल की शिकायत पर सीबीआई ने कैंट बोर्ड आॅफिस में छापेमारी की थी। सीबीआई टीम ने सेन्ट्री इंस्पेक्टर योगेश यादव को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि अभिषेक गंगवार दीपावली के अवकाश पर आगरा में अपने पैतृक गांव में गए हुए थे। सीबीआई की कार्रवाई के बाद अभिषेक भी भूमिगत हो गया था। उसका अभी तक कुछ पता नहीं चल सका हैं। आखिर वह गया कहां हैं? अभिषेक उसके बाद से ही कैंट बोर्ड आॅफिस भी नहीं पहुंचा हैं। नहीं अपने लालकुर्ती स्थित आवास पर।
उसका कुछ पता नहीं लग रहा हैं। सीबीआई टीम उसका लगातार पीछा कर रही हैं। उसकी फिलहाल कोई लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो रही हैं, जिसके चलते सीबीआई टीम ने दो दिन से मेरठ में ही डेरा लगा रखा हैं। उसका लक्ष्य अभिषेक की गिरफ्तारी का हैं। भ्रष्टाचार रोकने की मुहिम में सीबीआई की टीम लगी हुई हैं। कैंट बोर्ड में पहले भी छापेमारी की थी, जिसमें जॉब दिलाने के नाम पर धनराशि ऐंठी गई थी। इस तरह से कैंट बोर्ड में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर हैं। इसको कैसे रोका जाए, ये बड़ी चुनौती हैं।
पीडब्ल्यूडी चीफ एक-दो दिन में कर सकते हैं हस्तिनापुर का दौरा
मेरठ: लोक निर्माण विभाग के चीफ इन्जीनियर एसपी सिंह एक दो दिनों में हस्तिनापुर का दौरा कर गंगा नदी पर बने पुल का निरीक्षण कर सकते हैं। पीडब्ल्यूडी से जुड़े विश्वस्त सूत्रों के अनुसार संभव है कि यह दौरा सोमवार या मंगलवार में हो सकता है। मुरादाबाद के चीफ इंजीनियर एसपी सिंह को मेरठ क्षेत्र का लिंक अफसर बनाया गया है। वो चीफ इंजीनियर ओपी सोनकर के रिटायरमेंट के बाद फिलहाल मेरठ का अतिरिक्त कार्यभार भी देख रहे हैं।
गंगा नदी पर बने इस पुल की एप्रोच रोड पिछले काफी समय से उधड़ी पड़ी है और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी अधिकारी इसे लेकर बिल्कुल भी संजीदा नहीं हैं। क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड को लेकर जनवाणी ने शनिवार के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था जिसमें एप्रोच रोड की बदहाली बताई गई थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार मुख्य अभियंता (मेरठ एवं मुरादाबाद क्षेत्र) एसपी सिंह एक दो दिनों में हस्तिनापुर का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेंगे।
गंगा नदी पर बना पुल इस समय लोक निर्माण विभाग के गले की हड्डी बना हुआ है। यहां तटबंध बनने का मामला अभी तक भी अधर में है। बताया जाता है कि इन तटबंधों पर आने वाले भारी भरकम खर्च के चलते फिलहाल फाइल अटकी हुई है। हालांकि कुछ पीडब्ल्यूडी के कुछ अधिकारियों का यह भी कहना है कि तटबंधों बनाने के लिए मुख्यालय सक्रिय है और शीघ्र ही इस पर अन्तिम फैसला हो सकता है।

