- योजना में समस्त व्यय डव्लपर्स की ओर से किया जाता है प्रस्तावित
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रेस्को मोड कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनपद में उपलब्ध ऐसे शासकीय और विद्यालय भवनों की सूची मांगी है जहां सोलर प्लांट लगाए जा सकते हैं। परियोजना प्रभारी यूपीनेडा प्रमोद भूषण शर्मा ने बताया कि इस योजना के अर्न्तगत 25 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के विद्युत संयोजन धारी शासकीय भवनों और विद्यालयों में रेस्को मोड के अर्न्तगत सोलर पावर प्लांट की स्थापना कराया जाना प्रस्तावित है। इस योजना में समस्त व्यय डव्लपर्स की ओर से किया जाता है।
सिस्टम की स्थापना उपरांत लाभार्थी संस्था को बिजली के बिल में 60 से 70 प्रतिशत तक की बचत हो जाती है। उन्होंने बताया कि योजना के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा की ओर से जनपद में उपलब्ध शासकीय और विद्यालय भवनों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। प्रमोद भूषण शर्मा ने बताया कि इसके अलावा पीएम कुसुम योजना सी-1 के अन्तर्गत किसानों के निजी नलकूपों का 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलराइजेशन किया जा रहा है। वर्तमान में इस योजना अन्तर्गत 33 किसानों का चयन यूपी नेडा मुख्यालय स्तर से वर्तमान तक किया गया है।

जिसमें से 12 किसानों के खेतों पर सोलर पम्पों की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। चयनित किसानों ने निर्धारित 10 प्रतिशत अंशदान जमा करा दिया है। प्रदेश में यूपीनेडा की ओर से इस वित्तीय वर्ष में दो हजार कृषकों को लाभ दिया जाना प्रस्तावित है। जबकि घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के घरों पर अनुदान कार्यक्रम के अर्न्तगत आॅनग्रिड सोलर रुफ टॉप पावर प्लांट की स्थापना का कार्य कराया जा रहा है, इस वित्तीय वर्ष में वर्तमान तक 1.4 मेगा वॉट क्षमता के सोलर पावर प्लांट की स्थापना कराई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि जनपद में प्रोजेक्ट मोड/अनुदान कार्यक्रम के अर्न्तगत 198 नग सोलर स्ट्रीट लाइटों का अंशदान प्राप्त हो गया है। जिनकी स्थापना का कार्य प्रगति पर है। पीएम कुसुम सी-2 योजना के अर्न्तगत जनपद के नौ विद्युत सब-स्टेशन चिन्हित हैं। जिनके तीन से चार किलोमीटर की परिधि में एक से दो मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट की स्थापना कराया जाना प्रस्तावित है।
वर्तमान में उपरोक्त में गोविन्दपुरी (माछरा) बिजलीघर के निकट 1.2 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट की स्थापना का कार्य शुरू कराया गया है। इसके अलावा घरेलू बायो गैस संयत्र योजना के अर्न्तगत दो से चार अथवा अधिक पशु रखने वाले कृषक दो घन मीटर क्षमता से 25 घन मीटर क्षमता के बायो गैस संयत्र की स्थापना अपने निजी उपयोग के लिए करा सकते हैं। इनमें से ज्यादातर योजनाओं में केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है।

