- फोर्स संग अफसर सड़कों पर, जिन इलाकों में पूर्व में हो चुका उपद्रव, वहां भारी पुलिस बल तैनात
- शहर बीच अतिसंवदेनशील और संवेदनशील इलाकों में कड़ी चौकसी
- जगह-जगह पुलिस फोर्स की तैनाती, शहरभर में जबरदस्त चेकिंग अभियान
- सोशल मीडिया पर पुलिस साइबर सेल की नजर, अफवाह फैलाने वालों की नहीं खैर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सोमवार शाम देश में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू कर दिया गया है। सीएए के नोटिफिकेशन के साथ ही पूरे प्रदेश में अलर्ट कर दिया गया। सीएए के नोटिफिकेशन जारी किए जाने की जैसे ही खबर आयी पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारी अलर्ट मोड में आ गए हैं। शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसएसपी रोहित सिंह सजवाण खुद सड़कों पर निकल गए। वह बेगमपुल पर जा डटे रहे।
वहीं, दूसरी ओर एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने शहर घंटाघर पर मोर्चा संभाल लिया। बेगमपुल से शहर में आला अफसरों ने फोर्स के साथ फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च में शहरभर के तमाम सीओ व थानेदार तथा भारी पुलिस फोर्स भी शामिल रही। तमाम संवेदनशील इलाकों से होकर यह फ्लैग मार्च गुजरा।
खास इलाकों में अफरातफरी
वहीं, दूसरी ओर शहर के तमाम इलाकों में अफरा-तफरी देखने को मिली। चौराहों व चाय की दुकानों पर लोग इसको लेकर बातचीत करते नजर आए। कुछ इलाकों में सीएए के नोटिफिकेशन को लेकर तमाम आशंका भरी बातें सुनने में आ रही है। वहीं, दूसरी ओर इसको लेकर कई इलाकों में जबरदस्त स्वागत किया गया। केंद्र की मोदी सरकार के सीएए लागू करने के फैसले का स्वागत किया गया।
2019 में खराब हो गया था शहर का माहौल
2019 में जब सीएए लागू करने की बात सामने आयी थी तो उस समय पूरे देश में इसके खिलाफ आंदोलन किये गये थे। विपक्ष द्वारा इसका जमकर विरोध किया गया था। मेरठ में बड़ा बवाल हो गया था। खूब फायरिंग हुई थी। पुलिस और एक विशेष सम्प्रदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे।
इस दौरान कोरोना माहमारी आने के बाद इस कानून को लागू नहीं किया गया था, परन्तु चुनाव से ठीक पहले इस कानून को लागू कर दिया गया है। सीएए का जिस तरह से विरोध किया गया था, उसके चलते किसी बवाल की आशंका को देखते हुए मेरठ पुलिस अलर्ट मोड में दिखाई दी।

फोर्स हाई अलर्ट मोड पर
पूरे प्रदेश को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने पैरामिलिट्री फोर्स के साथ सड़कों पर उतरकर चेकिंग अभियान चलाया तथा ड्रोन के माध्यम से भी चेकिंग की गयी। शहर के बेगमपुल चौराहा पर अपने अधिनस्थों के साथ मिलकर चेकिंग अभियान चलाया। पूरे शहर में सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गए हैं।
खुद एसएसपी पुलिस और शहर का भ्रमण कर रहे हैं। पहले जो बवाल हुआ था, उसमें शहर कोतवाली क्षेत्र, लिसाड़ी गेट और नौचंदी थाना क्षेत्र शामिल थे। इन क्षेत्रों में ही बवाल हुआ था। इन इलाकों में पैरामिलिट्री फोर्स को जगह-जगह तैनात कर दिया है तथा पैदल मार्च भी बाजारों में किया जा रहा है।
मस्जिदों में सीएए पर चर्चा तरावीह के बाद सुगबुगाहटें
सोमवार देर शाम नागरिक संशोधन अधिनियम कानून (सीएए) लागू किए जाने के बाद मुसलमानों ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कानून संबंधी नोटिफिकेशन जारी होने के बाद मुसलमानो ने कहा कि जिस प्रकार रमजान का चांद दिखने के मौके पर नोटिफिकेशन जारी किया गया वो सरासर गलत है। कानून को लेकर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में देर रात तक हलचल देखी गई। तरावीह के बाद मुसलमानों के ग्रुप गली चौराहों पर इस कानून को लेकर चर्चा करते दिखे।
कई युवाओं में कानून का नोटिफिकेशन जारी होने को लेकर गुस्सा भी दिखा। इन युवाओं का आरोप था कि रमजान में इबादत करें कि कानून को देखें। खैर नगर, गोला कुआं, जली कोठी, इस्लामाबाद, किदवई नगर, जाकिर कॉलोनी, तारापुरी, शकूर नगर, कोटला, घंटाघर, पूर्व फैयाज अली, भूमिया पुल और श्याम नगर में देर रात तक भी लोग कानून को लेकर गुणा भाग करते दिखे। वहीं, दूसरी ओर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में अचानक पुलिस मूवमेंट बढ़ने से भी कई लोग खौफ ज्यादा दिखे।
हापुड़ रोड पर हापुड़ अड्डे के पास इमलियान और शाहपीर गेट पर पुलिस के जमावड़े से लोगों ने तरह तरह की चर्चाएं शुरू कर दी। उधर, घंटाघर और बेगम पुल पर भी पुलिस फोर्स की मौजूदगी से लोगों के कान खड़े हो गए। आलाधिकारियों के लगातार सड़को पर मूवमेंट करते रहने से भी लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं थी। सीएए को लेकर जारी नोटिफिकेशन के कुछ ही समय बाद रमजान का चांद दिखाई दिया और तरावीह का दौर शुरू हो गया।
- अफवाह फैलायी तो जेल
सीएए को लेकर किसी ने अफवाह फैलायी तो सीधा जेल जाएगा। यह कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं है। देश के लोगों को इसको लेकर कोई भ्रांति नहीं पालनी चाहिए। पुलिस का साइबर सेल तमाम चैट्स पर नजर रखे हुए हैं। -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

