- अब शिवालिक बन गया तेंदुए का नया ठिकाना और नाम मिला ‘अधिराज’
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कसेरूखेड़ा से रेस्क्यू किए गए तेंदुए का नया ठिकाना शिवालिक वन प्रभाग स्थित प्राकृत वास बन गया है। साथ ही उसे ‘अधिराज’ नाम भी दिया गया है। गौरतलब है कि फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीने में महानगर के विभिन्न इलाकों में तेंदुए ने बार-बार अपनी मौजूदगी का एहसास कराया था। दो दिन पहले शनिवार को तेंदुआ कैंट क्षेत्र स्थित कसेरूखेड़ा कॉलोनी में नजर आया। जिसे नागरिकों ने घेरते हुए वन विभाग की टीम को सूचित किया।
शनिवार को सुबह से शाम 6:00 बजे तक चले आॅपरेशन के बाद तेंदुए को रेस्क्यू कर लिया गया। जिसे मेरठ रेंज में एक सुरक्षित स्थान पर रखकर उसकी मॉनिटरिंग की गई। इस बीच लखनऊ स्तर से हुई वार्ता के उपरांत तेंदुए का नामकरण किया गया। अब उसे अधिराज के नाम से जाना जाएगा साथ ही तेंदुए को शिवालिक में छोड़ने की स्वीकृति भी मिल गई। इस संबंध में वन विभाग की ओर से जारी किए गए अधिकृत बयान में अवगत कराया गया कि सामाजिक वानिकी प्रभाग, मेरठ के अंतर्गत कसेरूखेड़ा क्षेत्र में एक नर तेंदुआ आबादी क्षेत्र में घुस आया था।

जिसे वन्यजीव विशषज्ञों तथा पशु चिकित्सकों की देखरेख में सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया था। रेस्क्यू उपरान्त तेंदुए के मेडिकल परीक्षण कराए गए। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार रेस्क्यू किया गया तेंदुआ स्वस्थ पाया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्तर प्रदेश, लखनऊ से अनुमति प्राप्त कर सोमवार को रेस्क्यू किए गए नर तेंदुए को शिवालिक वन प्रभाग स्थित प्राकृत वास में छोड़ दिया गया है। रेस्क्यू किए गए तेंदुए को ‘अधिराज’ नाम दिया गया है।

