- बागपत बाइपास स्थित पांच सितारा गॉडविन होटल में जनवाणी से विशेष भेंट में कहा मनिंदरजीत सिंह ने
- पाक को गोली का जवाब गोली से देने पर भारत में कम हुआ आतंकवाद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: इंडिया एंटी टेर्ररिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कहा कि आतंकवादी विश्वभर के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। इससे पूरे विश्व को खतरा है। इससे निपटने के लिए विश्व के सभी देशों को एक मंच पर आना चाहिए। आतंकवादी विरोधी मोर्चा के चेयरमैन सरदार एमएस बिट्टा गुरुवार को यहां हस्तिनापुर के जैन मंदिर में शामिल होने के लिए आए थे।
यहां बागपत बाइपास स्थित पांच सितारा गॉडविन होटल में जनवाणी से विशेष भेंट में एमएस बिट्टा ने कहा कि आतंकवादी विश्वभर में फैल रहा है। अमेरिका, कनाडा आदि विकसित देशों से लेकर विकासशील देशों व अन्य देशों में पनप रहा है। फिलिस्तीन में हमाज, हिजबुल्ला और हूती आदि आतंकी संगठन इजराइल के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। इस निपटने के लिए दुनियाभर में प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होने की अपील की।
पिछले 10 वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ भारत में कड़े एक्शन लेने के सवाल पर एमएस बिट्टा ने कहा कि देश में पिछले दस वर्षोंे में आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया गया। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। भारत में पाकिस्तान ही आतंकवाद फैलाता आया है। उसकी हर नापाक करतूत को नाकाम कर दिया जाता है। पाक को अब गोली का जवाब गोली से दिया जाता है। सेना को आतंकवादियों के खत्मे के लिए सरकार से इजाजत लेने की जरूरत नहीं पड़ती। यही वजह है कि देश में आतंकवाद और नक्सलवाद की घटनाओं में कमी आई है। पाक के खिलाफ सख्त एक्शन लेने से उस मुक्त की हालत खस्ता हो गई।
उसकी आर्थिक स्थिति रसातल में पहुंच गई। वहां भुखमरी की नौबत आ गई। वह दुनियाभर से मदद् मांग रहा है। पाक का चेहरा बेनकाब हो चुका है, अब उसे आर्थिक मदद् भी नहीं मिल रही। पीओके भारत का हिस्सा होने के सवाल पर बिटट ने कहा कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा। भारत जब चाहेगा पीओके को ले लेगा, लेकिन भारत जंग पसंद नहीं करता। हाल ही में जम्मू कश्मीर के पूंछ में सेना के काफिले पर हुए आतंकी हमले की एमएस बिटट ने कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि सेना सरकार चाहे किसी की भी रही, अपना काम बखूबी अंजाम देती है।
हाल ही में जम्मू कश्मीर में सेना पर हमला करने वाले आतंकवादियों की पहचान होने की बात सामने आई है। हमला लश्कर के आतंकवादियों ने किया है। भारतीय सेना आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देगी। जम्मू कश्मीर में सेना निरंतर आतंकवाद के खात्मे के लिए कार्रवाई कर रही है। इसमें काफी हद तक सफलता भी मिली है। आज कश्मीर का माहौल बदला है। वहां टूरिस्टों की संख्या भी हर वर्ष बढ़ती जा रही है और वहां का रोजगार भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और बेरोजगारी समाप्त होने पर ही देश विकसित हो सकता है। देश में शांति होने से तेजी से खुशहाली आएगी।
बिट्टा ने गॉडविन के निदेशकों से विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा
आतंकवाद विरोधी मोर्चा के चेयरमैन सरदार मनिंदरजीत सिंह बिट्टा गुरुवार की शाम बागपत बाइपास स्थित पांच सितारा गॉडविन होटल पहुंचे। यहां उन्होंने गॉडविन ग्रुप के निदेशकों से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और मेरठ के इतिहास और धरोहर के बारे में जानकारी ली। एमएस बिट्टा शाम करीब पांच बजे अपनी जेड प्लस सिक्योरिटी के साथ गॉडविन होटल पहुंचे।

यहां गॉडविन गु्रप के निदेशक भूपेन्द्र सिंह बाजवा और जितेन्द्र सिंह बाजवा तथा चिरंजीव बाजवा ने एमएस बिट्टा का स्वागत किया। बिट्टा ने दोनों निदेशकों के साथ कई अहम् मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने मेरठ के महाभारत काल की स्मृतियों और 1857 की क्रांति के बारे में अहम जानकारी ली। बिट्टा ने जनवाणी के जरिए जनजागरण करने और गॉडविन स्कूल के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों का भविष्य निखारने के लिए गॉडविन गु्रप की सराहना की और इस मुहिम को जारी रखने की अपील की।
तीन दशक से आतंकवाद के खिलाफ चला रहे मुहिम
बचपन यानी जिंदगी का हर पल खुशियों भरा, उमंगों भरा, लेकिन मात्र आठ वर्ष की उम्र में शहीद-ए-आजम भगत सिंह से प्रेरित होकर उस सुपूत ने अपना बचपन भी मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उस शख्सियत का नाम है एमएस बिट्टा। उन्होंने जब आतंकवाद को नजदीक से देखा तो उनका हृदय विचलित हो गया और उन्होंने इंडिया एंटी टेर्ररिस्ट फ्रंट बनाकर आतंकवाद के खिलाफ मुहिम छेड़ दी। यह मुहिम तीन दशक से अधिक समय से चल रही है। इसमें काफी हद तक उन्हें कामयाबी भी हासिल हुई।
एमएस बिट्टा के मन में बचपन से ही मानव सेवा करने की ललक थी। वह मात्र आठ वर्ष की उम्र में राजनीति में आ गए थे। वह कांग्रेस में शामिल हुए और सेवादल का हिस्सा बन गए। बिट्टा राजनीति में बुलंदियों पर पहुंचे। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का ताज भी उनके सिर सजा। वह पंजाब सरकार में मंत्री भी रहे। सन 1992 में अमृतसर में हुए एक आतंकवादी हमले में 13 लोग मारे गए थे। उसमें एमएस बिट्टा ने अपनी एक टांग गवां दी। वह आतंकवाद से नहीं डरे और उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया।
उन्होंने आतंकवाद विरोधी मोर्चा का गठन कर मुहिम छेड़ दी। यह मुहिम अभी तक जारी है। वह आतंकवाद को लेकर जहां लोगों का सचेत करते हैं, वहीं आतंकवादियों से आतंकवाद के रास्ते को छोड़ने की अपील भी करते हैं। इसके अलावा वह शहीद सैनिकों के परिवार की मदद के लिए कार्य भी करते हैं। बिट्टा के इसी जज्बे का कायल हुए फिल्म निर्माता शैलेन्द्र सिंह ने उनके चरित्र पर जिंदा शहीद नाम से एक फिल्म भी बनाई। बिट्टा का कहना है कि वह आखिरी आखिरी सांस तक आतंकवाद के खिलाफ मुहिम जारी रखेंगे।
बिट्टा बोले-अच्छा लगता है जैन धर्म
हस्तिनापुर: आॅल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त मनिंदरजीत सिंह बिट्टा गुरुवार को जैन धर्मनगरी स्थित हस्तिनापुर जैन श्वेतांबर मंदिर पहुंचे। मंदिर में आयोजित पारण महामहोत्सव में शामिल हो भगवान शांतिनाथ की पूजा-अर्चना की। यहां उन्होंने माता साध्वी से मुलाकात के दौरान कहा कि उन्हे जैन धर्म अच्छा लगाता है, जिसके चलते आज वे पारण महोत्सव में शमिल भी हुए। जैन धर्मनगरी स्थित श्रीजैन श्वेतांबर मंदिर में आयोजित पारण महोत्सव के चौथे दिन पूजा-अर्चना में शामिल हुए आॅल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने ऐतिहासिक तीर्थक्षेत्र हस्तिनापुर, अयोध्या के समान ही अत्यन्त प्राचीन एवं पवित्र माना जाता है, जिस प्रकार जैन पुराणों के अनुसार अयोध्या नगरी की रचना देवों ने की थी,
उसी प्रकार युग के प्रारंभ में हस्तिनापुर की रचना भी देवों द्वारा की गयी थी। अयोध्या में वर्तमान के पांच तीर्थंकरों ने जन्म लिया तो हस्तिनापुर को शांतिनाथ, कुन्थुनाथ, अरहनाथ इन तीन तीर्थंकरों को जन्म देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इतना ही नहीं, इन तीनों जिनवरों के चार-चार कल्याणक (गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान) हस्तिनापुर में इन्द्रों ने मनाए हैं। इस पवित्र नगरी के दर्शन मात्र करना ही उनके लिए गर्व की बात है। महोत्सव में उन्होंने माता साध्वी से मुलाकात के दौरान कहा कि वे सिख धर्म से हैं, लेकिन उन्हे जैन धर्म भी अच्छा लगाता है। जैन धर्म शांति का प्रतीक कहा जाता है। मंदिर पहुंचने पर मनिंदरजीत सिंह बिट्टा को महामंत्री तिलक चंद ने चांदी की थाली भेंटकर स्वागत किया।

