- भीषण गर्मी में बिलबिलाए शहरवासी, बच्चे और बुजुर्ग
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: मई के महीने में इस बार गर्मी का भयंकर रूप देखने को मिलेगा। बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान करेगी। यह गर्मी इस बार जहां बच्चों को भी परेशान करेगी। वहीं, महिलाओं और बुजुर्गों क ी सेहत से भी खिलवाड़ करेगी। इसलिए इस बार गर्मी में बेहद सावधानी बरतनी होगी। खासकर दोपहर के समय गर्मी में बाहर निकलने से परहेज करना होगा। क्योंकि बढ़ती गर्मी लोगों को इस बार बीमार करेगी।
अगर मौसम विशेषज्ञों की माने तो आने वाले दिनों में पारा 42 डिग्री तक पहुंचेगा। हालांकि अभी हवा निरंतर चल रही है। जिसके चलते गर्मी का एहसास कम है, लेकिन जिस तरह से सूरज की तपिश बढ़ रही है। उससे साफ जाहिर हो रहा है कि आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा। इसलिए इस बार गर्मी से बचने के लिए अपने घरों से बाहर जाते समय सूती कपड़ों का प्रयोग करें। मुंह और पूरे शरीर पर सूती कपड़े ढककर बाहर निकले। अन्यथा बढ़ती गर्मी और लू का प्रकोप बीमार कर सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में बदलाव होता है। यह बदलाव धीरे-धीरे गर्मी को बढ़ा रहा है। अभी मई के 10 दिन ही गुजरे हैं, लेकिन मौसम में अभी से ही भयंकर गर्मी देखने को मिल रही है। फिलहाल पारा 38 डिग्री के पार चल रहा है। जबकि अन्य दिनों यह पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया था। पारे में बढ़ोतरी होने के कारण प्रदूषण में भी इजाफा हो गया है। जो शहर के लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित होगा। इसलिए प्रदूषण से भी बचाव करना बेहद जरूरी होगाा। राजकीय मौसम वैधशाला पर रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अधिकतम आर्द्रता 53 एवं न्यूनतम आर्द्रता 32 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा का रुख सुबह और शाम को चार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंका गया। मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि आने वाले दिनों में अभी मौसम में बदलाव होगा। इसलिए बेहद सावधानी बरतनी होगी। गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा साथ ही साथ लू का भी प्रकोप होगा। इसलिए बेहद सावधानी बरते और घर से बाहर सुबह और शाम के समय ही निकले।
हवा से प्रदूषण में आई कमी
गर्मी के साथ-साथ प्रदूषण भी लगातार महानगर का बढ़ रहा था, लेकिन हवा ने इस प्रकोप को कम किया है। मेरठ में प्रदूषण 131, बागपत में 166, गाजियाबाद में 162, मुजफ्फरनगर में 245, जयभीमनगर में 183, गंगानगर में 84 और पल्लवपुरम में 127 दर्ज किया गया। हालांकि अन्य दिनों के मुकाबले हवा चलने के कारण प्रदूषण में कमी जरूर महसूस की गई।

