Saturday, March 7, 2026
- Advertisement -

होर्डिंग ठेकेदार की शह पर उखाड़ दिये यूनिपोल

  • यूनिपोल लगवाने वाले व्यापारियों के तर्क पर निगम टीम ने दो दिन की दी थी मोहलत

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: होर्डिंग्स ठेकेदार के इशारे पर नाचने वाले नगर निगम के अधिकारी सिर्फ कठपुतली ही बनकर रह गये हैं। इन अधिकारियों ने गत दिवस सेंट्रल मार्केट में लगे पांच यूनिपोल को हटाने के लिए लाव लश्कर के साथ अभियान चलाया था, लेकिन यूनिपोल लगवाने वाले व्यापारियों के तर्क पर निगम टीम ने दो दिन की मोहलत दी थी, लेकिन होर्डिंग्स ठेकेदार के इशारे पर तो निगम के अधिकारियों को नाचना था। लिहाजा रात के गुप अंधेरे में सब व्यापारियों के हटने के बाद इन यूनिपोल को हटा दिया गया।

नगर निगम की ओर से पहले बीओटी के आधार पर शहर में होर्डिंग्स लगाने का कार्य कराया जाता था। इससे निगम को महज 50 लाख रुपये वार्षिक आय होती थी। इसके बाद अभिनव एडवरटाइजिंग को 5 करोड़ 37 लाख रुपये का ठेका छोड़ा गया। निगम अधिकारी इतनी बड़ी धनराशि का ठेका छूटता देखकर फूले नहीं समा रहे हैं, लेकिन अब होर्डिंग्स ठेकेदार के इशारे पर ही नाचना उनका मुकद्दर बन गया है। ताजा मामला गत दिवस सेंट्रल मार्किट शास्त्री नगर में पेश आया। बताया जाता है कि सेंट्रल मार्केट में काफी समय पहले पांच यूनिपोल लगाये गए। इन्हें सागर पोसवाल ने लगवाया। इस पर लोगों के प्रचार के लिए फ्लैक्स लगे हैं।

यूनिपोल लगवाने वाले सागर का दावा था कि उन्होंने इसके लिए बाकायदा नगर कार्यालय में पैसा जमा कराया। वहीं, दूसरी ओर अभिनव एडवरटाइजिंग ने यूनिपोल को अवैध बताते हुए नगर निगम में शिकायत दर्ज करायी और उन्हें हटाने के लिए दबाव बनाया। इसके बाद उन्हें हटा दिया गया। बताते हैं कि निगम का प्रवर्तन दल दिन में तो यहां से लौट आया, लेकिन रात के अंधेरे में होर्डिंग्स ठेकेदार के दबाव पर निगम का दल फिर पहुंचा तथा पांच में से चार यूनिपोल को रातों रात उखाड़ दिया। अब शास्त्री नगर में सिर्फ बिबलेश्वर मंदिर के पास ही एक यूनिपोल रह गया है।

होर्डिंग्स ठेकेदार ने नये स्थानों पर यूनिपोल के लिए खोदे गड्ढे

नगर निगम के अधिकारियों को अपना मोहरा बनाते हुए होर्डिंग्स ठेकेदार ने शहर की सड़कों पर होर्डिंग्स व यूनिपोल का जाल बिछा रखा है। अब इस ठेकेदार ने शास्त्री नगर में पीवीएस मॉल के पास तेजगढ़ी से पीवीएस मार्ग पर दो नये यूनिपोल के गड्ढे खोद दिये हैं। यहां पहले ही यूनिपोल की भरमार है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ आवाज है ‘सूबेदार’

अस्सी-नब्बे के दशक में बॉलीवुड में अन्याय और भ्रष्ट...

यूं ही नहीं हैं शाहरुख खान ‘किंग’

रजनीकांत स्टारर फिल्म 'जेलर' (2023) को बहुत पसंद किया...

बिहार, बिहार ही रहेगा रेल तो संभालो

जब रेल पटरी से उतरने लगे तो चिंता होना...

जंगल सिर्फ पेड़ नहीं एक जीवित तंत्र है

वृक्षारोपण और प्राकृतिक वन के बीच पारिस्थितिक अंतर को...

अपने-अपने ‘एपस्टीन

इस साल की शुरुआत में उछली ‘ज्येफ्री एपस्टीन फाइल्स’...
spot_imgspot_img