Monday, March 30, 2026
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बीपी 200 से ज्यादा, फिर भी लापरवाह बने मरीज

  • शिविर में पहुंचे इलाज को दरकिनार करने वाले मरीज
  • 118 की ईसीजी की गई 60 मरीजों को श्रावण हृास के मरीज

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ब्लड प्रेशर 200 से अधिक, फिर भी लापरवाह बने हैं, यह देखकर हृदय रोग विशेषज्ञ चौक गए। उन्होंने ऐसे मरीजों को चेताया और अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ न करने की सलाह दी। यह नजारा था रविवार को आईएमए हॉल में विश्व हृदय दिवस पर आयोजित नि:शुल्क जांच शिविर का। शिविर में 118 लोगों की हृदय की जांच की गई, जबकि नाक, कान, गले के करीब 60 का परीक्षण किया गया।

आईएमए द्वारा आयोजित शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ डा. हरि मोहन चौधरी व डा. अमित शर्मा ने हृदय रोगियों का स्वस्थ्य परीक्षण और ईसीजी, बीपी और शुगर की जांच की। डा. हरि मोहन चौधरी ने बताया के हृदय रोग हाईपरटेंशन से बढ़ रहा है। कुछ लोग बीपी के मरीज होने के बावजूद अपने स्वास्थ्य की परवाह नहीं करते। शिविर में तीन मरीज ऐसे आए, जिनका बीपी 200 से ऊपर और करीब दस मरीज का बीपी 170 से अधिक पाया गया। इसके अलावा इसके बावजूद वह लापरवाह बने हैं।

उन्होंने उक्त मरीजों को अपना बीपी नियमित रखने के लिए टिप्स दिए गए। उन्हें सप्ताह में 150 मिनट दौड़ लगाने या ऐरोबिक गतिविधि करने, डाइट पर ध्यान देने, ज्यादा चीनी और ज्यादा नमक के उपभोग से बचने और कम से कम छह घंटे नींद लेने की सलाह दी गई। आईएमए के संयुक्त सचिव व नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ डा. सुमित उपाध्याय ने बताया कि विश्व बधिर सप्ताह के तहत आईएमए द्वारा आयोजित शिविर में उनके साथ डा. दीप्ति सिंह, डा. अरुण गोयल डा. संजीव भाटिया ने लोगों की जांच की और उन्हें बधिरता के प्रति जागरूक किया।

शिविर में 12 लोगों की श्रवण दोष की जल्दी पहचान के लिए मुफ्त स्क्रीनिंग की गई। डा. संजीव भाटिया ने कहा कि इयरफोन की वजह से तेजी से श्रवण दोष बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों को इयरफोन के बजाए हैडफोन का उपयोग करने की सलाह दी। डा. सुमित उपाध्याय ने बताया कि शिविर में 60 मरीजों की जांच की गई। उन्होंने बताया कि डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक हर चार व्यक्ति में से एक व्यक्ति श्रवण हानि वाला होगा। शिविर के आयोजन में आईएमए के अध्यक्ष डा. संदीप जैन, सचिव डा. तरुण गोयल आदि का सहयोग रहा।

ऐसे पता लगाएं आप कितना नमक रोजाना खाते हैं

हृदय रोग विशेषज्ञ डा. हरि मोहन चौधरी ने बताया कि लोगों को रोजाना पांच ग्राम नमक भोजना या अन्य खाद्य वस्तुओं खाना चाहिए। यदि कोई बीपी का रोगी है तो उसे ढाई ग्राम नमक खान चाहिए। नमक कितना खाया इसका पता ऐसे लगाया जा सकता है कि अपके परिवार में एक माह में कितना नमक का इस्तेमाल हुआ और कितने लोगों ने कितने दिन भोजन किया। नमक के उपभोग की मात्रा को जितने लोगों ने भोजन किया, उससे भाग कर दें, फिर उसे 30 से भाग कर दें, तो पता चल जाएगा कि आपने कितना नमक रोजाना उपभोग किया।

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