नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का पवित्र प्रतीक है। यह पर्व हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए उसकी कलाई पर राखी बांधती हैं। बदले में भाई, अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेकर उसे स्नेह और उपहार भेंट करता है। इस वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी। तिथि का समापन 9 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 21 मिनट पर है। उदया तिथि के मुताबिक 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। अब सवाल यह है कि क्या इस बार भी राखी पर भद्रा का साया बना रहेगा ? आइए इसके जवाब को विस्तार से जानते हैं। रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक भावनात्मक बंधन है, जो रिश्तों में मिठास और अपनापन घोलता है। यह पर्व परिवारिक प्रेम को तो प्रगाढ़ करता ही है, साथ ही सामाजिक एकता और सौहार्द का संदेश भी देता है। यही कारण है कि भारत के अलावा विश्व के कई देशों में भी यह त्यौहार बड़े प्रेम और उल्लास से मनाया जाता है।
नहीं रहेगा भद्रा का साया
पंचांग के अनुसार 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन पर पूरे दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रहने वाला है। दरअसल, भद्रा रक्षाबंधन की पूर्णिमा तिथि में 9 अगस्त को तड़के 1 बजकर 52 पर ही समाप्त हो जाएगी। इसलिए इस साल राखी के त्योहार पर भद्रा का साया नहीं रहेगा।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
इस साल रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू होगा। यह मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक बना रहेगा। ऐसे में आप इस अवधि में भाई को राखी बांध सकती हैं।
शुभ योग
पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि योग, श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र का संयोग रहेगा। इस दौरान राखी पर पूरे दिन सौभाग्य योग बना रहेगा। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 04 मिनट तक और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहने वाला है।
यह तिथि ज्योतिष दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। दरअसल, 24 जुलाई 2025 को कर्क राशि में अस्त हुए बुध राखी के दिन यानी 9 अगस्त 2025 को उदित हो रहे हैं। यह ज्योतिष की अहम घटनाओं में से एक है। इसके प्रभाव से कुछ राशि वालों को विशेष लाभ की प्राप्ति संभव हैं।

