Thursday, May 7, 2026
- Advertisement -

Supreme Court: जस्टिस यशवंत वर्मा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, नकदी बरामदगी मामले में जांच समिति की रिपोर्ट पर उठाए सवाल–फैसला सुरक्षित

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ नकदी बरामदगी से जुड़े कदाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाया। जस्टिस वर्मा द्वारा आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट को अमान्य ठहराने की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने उनसे तीखे सवाल पूछे। कोर्ट ने उनके आचरण को “विश्वास पैदा न करने वाला” बताया।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: पहले चुनौती क्यों नहीं दी?

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने सवाल किया कि जस्टिस वर्मा ने जांच समिति के समक्ष पेश होकर उसी समय आपत्ति क्यों नहीं जताई? शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि यदि उन्हें आपत्ति थी, तो उन्हें पहले ही सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहिए था।

“प्रक्रिया का पालन होना चाहिए”: कोर्ट

पीठ ने स्पष्ट किया कि अगर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के पास किसी जज के खिलाफ कदाचार के सबूत हों, तो वे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सूचित कर सकते हैं।
कोर्ट ने कहा, “आगे बढ़ना एक राजनीतिक निर्णय हो सकता है, लेकिन न्यायपालिका को समाज को यह संदेश देना चाहिए कि प्रक्रिया का पालन किया गया है।”

कपिल सिब्बल की दलील: सिफारिश असंवैधानिक

जस्टिस वर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि आंतरिक जांच समिति की सिफारिश संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई न्यायपालिका के लिए खतरनाक मिसाल बन सकती है। सिब्बल ने यह भी जोड़ा कि वर्मा ने पहले इसलिए आपत्ति नहीं की क्योंकि टेप जारी हो चुका था और उनकी प्रतिष्ठा पहले ही धूमिल हो चुकी थी।

अधिवक्ता मैथ्यूज जे. नेदुम्परा पर सवाल

कोर्ट ने उस याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता मैथ्यूज जे. नेदुम्परा को भी फटकार लगाई, जिन्होंने जस्टिस वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी। जस्टिस दत्ता ने पूछा कि क्या आपने पुलिस में औपचारिक शिकायत भी की थी, या सीधे कोर्ट आ गए?

याचिका में क्या है?

जस्टिस वर्मा ने अपनी याचिका में मई में तत्कालीन CJI संजय खन्ना द्वारा भेजी गई उस सिफारिश को रद्द करने की मांग की, जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को महाभियोग चलाने का अनुरोध किया गया था।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि: जांच ने सबूतों का भार उलट दिया। समिति की रिपोर्ट पूर्व निर्धारित कथा पर आधारित थी। जांच की समय-सीमा असामान्य रूप से छोटी थी, जिससे निष्पक्षता पर संदेह उठता है।

जांच समिति के निष्कर्ष

तीन सदस्यीय समिति, जिसकी अध्यक्षता पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू ने की, ने कहा कि जस्टिस वर्मा और उनके परिवार के पास उस स्टोर रूम पर गुप्त या सक्रिय नियंत्रण था, जहां आग लगने के बाद अधजली नकदी मिली थी। यह आचरण गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। 55 गवाहों से पूछताछ, घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस वर्मा की याचिका और एफआईआर की मांग वाली नेदुम्परा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की निगाहें कोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो न्यायपालिका की जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत होगा।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Punjab News: जालंधर-फरीदकोट में धमकी भरे ईमेल, स्कूलों को भी उड़ाने की चेतावनी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान...

Saharanpur News: देवबंद में मुख्यमंत्री योगी का स्वागत, जनसभा स्थल पर जुटी भारी भीड़

जनवाणी संवाददाता | सहारनपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के देवबंद आगमन...
spot_imgspot_img