जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: तेलंगाना की सत्तारूढ़ पार्टी भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने मंगलवार को एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए पार्टी की वरिष्ठ नेता, एमएलसी और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी के. कविता को पार्टी से निलंबित कर दिया।
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हाल के दिनों में कविता की गतिविधियां संगठन विरोधी रही हैं और उन्होंने पार्टी हितों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। इस आधार पर पार्टी अध्यक्ष केसीआर ने स्वयं उनकी निलंबन की घोषणा की।
क्या है पूरा मामला?
निलंबन से एक दिन पहले कविता ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव और पूर्व सांसद मेघा कृष्णा रेड्डी उनके पिता केसीआर के खिलाफ ‘भ्रष्टाचार का ठप्पा’ लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि “हरीश राव और संतोष कुमार मुझे पार्टी से हाशिए पर धकेलने की साजिश कर रहे हैं।”
पार्टी पद से हटाए जाने के बाद फूटा गुस्सा
22 अगस्त को जब कविता विदेश में थीं, तब उन्हें तेलंगाना बोग्गु घानी कर्मिका संघम (TBGKS) के मानद अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। इस फैसले को उन्होंने ‘राजनीति से प्रेरित साजिश’ बताया।
उनका कहना है “मेरे बिना जानकारी के चुनाव कराए गए। यह श्रम कानूनों का उल्लंघन है। मुझे सजा दी जा रही है, क्योंकि मैंने पार्टी के अंदरूनी कामकाज पर सवाल उठाए।”
‘भाजपा के खिलाफ और सख्त होना चाहिए था’: कविता का लीक हुआ पत्र
कविता ने केसीआर को एक गोपनीय पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने भाजपा के खिलाफ नरम रुख अपनाने को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने लिखा “पापा, आपको भाजपा के खिलाफ और तीखा बोलना चाहिए था। मुझे भाजपा के कारण व्यक्तिगत रूप से काफी कष्ट झेलना पड़ा है।”
यह पत्र लीक होने के बाद कविता ने आरोप लगाया कि “पत्र लीक की जांच नहीं की गई, उल्टा मेरे खिलाफ कार्रवाई की गई।”
कविता का बड़ा दावा: BRS को भाजपा में मिलाने की कोशिश
कविता ने सबसे बड़ा आरोप यह लगाया कि पार्टी के कुछ नेता BRS को भाजपा में मिलाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा “मैंने जेल में रहते हुए भी इसका विरोध किया। यह विचारधारा से समझौता है, मैं चुप नहीं बैठूंगी।”
क्या कहती है यह घटना BRS के भविष्य के बारे में?
BRS पहले ही लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन, आंतरिक असंतोष और केसीआर की नाजुक सेहत जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।
कविता जैसे प्रमुख चेहरे का निलंबन पार्टी के अंदर गहरे मतभेदों को उजागर करता है।
यह भी संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी में नेतृत्व को लेकर खींचतान तेज हो रही है।

