जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। वह यहां आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेंगे। उनके आगमन पर कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत सिंह ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए फिनलैंड के प्रधानमंत्री का स्वागत किया और कहा कि यह दौरा भारत-फिनलैंड संबंधों को नई मजबूती देगा। खासतौर पर डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सतत विकास और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह समिट 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है। इसमें दुनियाभर के नेता, नीति-निर्माता और टेक उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
पीएम मोदी की मौजूदगी के कारण विशेष प्रबंध
नरेंद्र मोदी की उपस्थिति को देखते हुए सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार और गुरुवार को वीआईपी मूवमेंट के चलते प्रतिनिधियों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध रहेगा। डेलिगेट्स को शाम 4:30 बजे तक कन्वेंशन क्षेत्र खाली करना होगा, क्योंकि शाम 6 बजे प्रधानमंत्री राज्य अतिथियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के लिए रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने बताया कि प्रतिभागियों के उत्साह को देखते हुए एआई एक्सपो क्षेत्र 18 फरवरी तक रात 8 बजे तक खुला रहेगा। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और वीआईपी कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए समय और प्रवेश की व्यवस्थाएं पहले से तय की गई हैं।
सुंदर पिचाई देंगे मुख्य भाषण
सुंदर पिचाई भी समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। वह 20 फरवरी को कीनोट संबोधन देंगे। भारत पहुंचने के बाद उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए फिर से भारत आकर खुशी हुई और हमेशा की तरह गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने एएनआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में आईटी क्षेत्र पर एआई के प्रभाव और सरकार की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत का आईटी सेक्टर सेवाओं के निर्यात की रीढ़ रहा है और देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
युवाओं की भागीदारी पर जोर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समिट में युवाओं की बड़ी भागीदारी की सराहना की। उन्होंने बताया कि लगभग 2.5 लाख लोगों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और युवाओं का सकारात्मक दृष्टिकोण बेहद प्रेरणादायक है।
रिसर्च सिम्पोजियम के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत एआई का उपयोग वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए कर रहा है। एंटरप्राइज उत्पादकता बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और जनसंख्या स्तर की चुनौतियों से निपटने में एआई का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार, युवाओं की ऊर्जा और नवाचार की सोच भारत को तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

