नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को महावीर जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष यह तिथि 30 मार्च 2026 को सुबह 7:09 बजे शुरू होकर 31 मार्च 2026 को सुबह लगभग 7 बजे समाप्त होगी।
पंचांग और जैन परंपरा के अनुसार अधिकतर जगहों पर 31 मार्च 2026 को महावीर जयंती मनाई जाएगी। हालांकि, जो लोग त्रयोदशी तिथि पर ही जयंती मनाना चाहते हैं, वे 30 मार्च को भी पर्व मना सकते हैं।
भगवान महावीर कौन हैं?
महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। यह पर्व हमें शांति, संयम और आत्म-नियंत्रण का संदेश देता है। आज के समय में जब तनाव और हिंसा बढ़ रही है, उनकी शिक्षाएं और भी प्रासंगिक हो जाती हैं।
महावीर जयंती का महत्व
महावीर जयंती भगवान महावीर के जन्म की स्मृति में मनाई जाती है। उन्होंने मानवता को अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और तप का मार्ग दिखाया। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज में शांति और सद्भाव फैलाने का संदेश देती हैं।
भगवान महावीर का जीवन परिचय
- जन्म: 599 ईसा पूर्व, वैशाली (बिहार)
- पिता: राजा सिद्धार्थ
- माता: त्रिशाला
- मूल नाम: वर्धमान
30 वर्ष की आयु में राज-पाट त्याग दिया और 12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद ज्ञान प्राप्त किया।
महावीर जयंती कैसे मनाई जाती है?
रथ यात्रा और शोभायात्रा
जैन मंदिरों में भगवान महावीर की प्रतिमा सजाकर भव्य रथ यात्रा निकाली जाती है।
मंदिरों में पूजा-अर्चना
भक्त मंदिर जाकर भगवान महावीर की पूजा करते हैं और उनके उपदेशों को याद करते हैं।
दान और सेवा
गरीबों को भोजन, कपड़े और आवश्यक वस्तुएं दान की जाती हैं।
धार्मिक प्रवचन
जैन संत और विद्वान उनके जीवन और शिक्षाओं पर प्रवचन देते हैं।
भगवान महावीर की प्रमुख शिक्षाएं
- अहिंसा – सभी जीवों के प्रति करुणा रखना
- सत्य – हमेशा सच बोलना और ईमानदारी से जीवन जीना
- अपरिग्रह – जरूरत से ज्यादा संग्रह न करना
- करुणा – सभी जीवों के प्रति दया और सहानुभूति

