जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई है। इस उछाल को मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदों का समर्थन मिला। इसके बावजूद, सोना इस महीने 17 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज करने की राह पर है। इसका बड़ा कारण ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी है, जिसने महंगाई को बढ़ाया और इस साल अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को कमजोर किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति
आज सोना और चांदी दोनों ही हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। कॉमेक्स पर सोना करीब 1.25% बढ़कर 4,618 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में इसमें केवल 0.4% की बढ़त देखी गई थी। वहीं, एशियाई कारोबार के दौरान कॉमेक्स चांदी 3.7% उछलकर 73.2 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। दोनों धातुओं में 3% से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जो निवेशकों के लिए उत्साह का संकेत है।
तेजी के कारण
कीमतों में इस उछाल के पीछे कई अहम वजहें हैं। सबसे पहले, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई के प्रति चिंता बढ़ाई, जिससे बाजार में यह धारणा बनी कि फेडरल रिजर्व भविष्य में दरों को कम करने की बजाय उन्हें स्थिर या बढ़ा सकता है। हालांकि, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि मौजूदा समय में केंद्रीय बैंक की नीति केवल इंतजार और निगरानी की है, और दीर्घकालिक महंगाई की उम्मीदें अभी भी नियंत्रण में हैं।
इसके अलावा, बाजार में डिप बायिंग का भी ट्रेंड देखने को मिल रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद आई गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशक सोने में खरीदारी कर रहे हैं, जिससे कीमतों को मजबूती मिल रही है।

