नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। आज, 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जा रहा है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। इस अवसर पर चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन के स्वामी हैं। ऐसे में उनकी आराधना करने से मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो या राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से पीड़ित हो, तो उसे मानसिक तनाव, चिंता, अस्थिरता और अवसाद जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर किए गए कुछ विशेष उपाय चंद्र दोष को शांत करने और जीवन में सुख-शांति लाने में सहायक माने जाते हैं।
चंद्र दोष दूर करने के उपाय
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन व्रत रखने का विशेष महत्व है। रात में चंद्रमा को कच्चे दूध, सफेद फूल और अक्षत मिलाकर अर्घ्य अर्पित करें। साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें। इससे चंद्र दोष शांत होने और मन को स्थिरता मिलने की मान्यता है।
सुबह स्नान के बाद चंद्रमा से संबंधित वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। दूध, शक्कर, सफेद वस्त्र, खीर, चांदी, मोती और मिश्री का दान करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
चंद्रमा का संबंध माता से माना जाता है। इसलिए इस दिन अपनी माता की सेवा करें और उनका आशीर्वाद लें। ऐसा करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है और चंद्रमा के अशुभ प्रभाव कम होने की मान्यता है।
पूजा के बाद “ॐ सोमाय नमः” या “ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। स्फटिक या रुद्राक्ष की माला से मंत्र जप करने को विशेष फलदायी माना जाता है।
शिव चालीसा, रुद्राष्टक या चंद्र स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना गया है। इसके अलावा योग्य ज्योतिषीय सलाह के बाद चांदी की अंगूठी में मोती धारण करना चंद्रमा को मजबूत करने और मानसिक परेशानियों से राहत पाने का एक पारंपरिक उपाय माना जाता है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए ये उपाय मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मकता बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से मानसिक तनाव, चिंता या अवसाद जैसी समस्याओं से जूझ रहा हो, तो धार्मिक उपायों के साथ किसी योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना भी आवश्यक है।

