जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा देकर अपने 14 साल लंबे कप्तानी के सफर को विराम दे दिया है। हालांकि, वह बतौर खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा बनी रहेंगी। कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत अब बिना कप्तानी की जिम्मेदारी के अपने खेल पर ध्यान देना चाहती हैं।
हरमनप्रीत ने अपने कप्तानी करियर के दौरान भारतीय महिला क्रिकेट को कई यादगार उपलब्धियां दिलाईं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2025 का ऐतिहासिक महिला वनडे विश्व कप जीता। इसके अलावा एशियन गेम्स में लगातार दो स्वर्ण पदक और कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक भी उनकी कप्तानी की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहे।
2012 में शुरू हुआ कप्तानी का सफर
हरमनप्रीत ने पहली बार 2012 में भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी। महिला एशिया कप टी20 के दौरान मिताली राज नियमित कप्तान थीं, जबकि झूलन गोस्वामी उपकप्तान थीं। फाइनल मुकाबले से पहले दोनों के चोटिल होने के कारण हरमनप्रीत को स्टैंड-इन कप्तान बनाया गया था।
इसके बाद उन्होंने 2013 में वनडे में कप्तानी की। शुरुआती दौर में वनडे और टी20 में वह अस्थायी कप्तान की भूमिका में रहीं, क्योंकि मिताली राज टीम की नियमित कप्तान थीं। 2016 में हरमनप्रीत को टी20 और 2022 में वनडे टीम की स्थायी कप्तानी सौंपी गई।
2023 में टेस्ट टीम की कप्तानी मिलने के साथ ही हरमनप्रीत भारत की ऑल-फॉर्मेट कप्तान बन गईं।
तीनों फॉर्मेट में किया भारत का नेतृत्व
37 वर्षीय हरमनप्रीत ने भारत की कप्तानी पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में की।
वनडे में हरमनप्रीत का कप्तानी रिकॉर्ड
वनडे में हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने 51 मैच खेले, जिसमें टीम को 30 मुकाबलों में जीत मिली। 19 मैचों में भारत को हार का सामना करना पड़ा, जबकि एक मैच टाई और एक मुकाबला बेनतीजा रहा।
वनडे में जीत के मामले में हरमनप्रीत भारत की दूसरी सबसे सफल कप्तान हैं। उनसे आगे मिताली राज हैं। मिताली की कप्तानी में भारत ने 155 वनडे में 89 मुकाबले जीते थे।
ओवरऑल महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा वनडे जीतने वाली कप्तानों की सूची में भी मिताली राज शीर्ष पर हैं। उनके बाद ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान बेलिंडा क्लार्क का नंबर आता है। क्लार्क ने 101 वनडे में कप्तानी करते हुए 83 मैच जीते थे।
विश्व कप जीत बनी सबसे बड़ी उपलब्धि
हरमनप्रीत के कप्तानी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2025 का महिला वनडे विश्व कप खिताब शामिल है। उनकी अगुआई में भारतीय टीम ने पहली बार महिला वनडे विश्व कप अपने नाम किया। यह भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही।
इस ऐतिहासिक जीत ने हरमनप्रीत को भारतीय महिला क्रिकेट की सफलतम कप्तानों की सूची में प्रमुख स्थान दिलाया।
टी20 में सबसे सफल कप्तानों में शामिल
टी20 अंतरराष्ट्रीय में हरमनप्रीत ने भारत की 155 मैचों में कप्तानी की। इनमें टीम ने 92 मुकाबलों में जीत हासिल की, जबकि 57 में हार मिली। एक मैच टाई रहा और पांच मुकाबले बेनतीजा रहे।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में जीत की संख्या के लिहाज से हरमनप्रीत महिला क्रिकेट की सबसे सफल कप्तानों में शामिल हैं। इस मामले में उनके बाद ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग का नंबर आता है। लैनिंग ने 100 मैचों में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की और 76 मुकाबले जीते।
एशियन गेम्स में लगातार दो स्वर्ण
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दो स्वर्ण पदक जीते। एशियन गेम्स में यह भारतीय महिला क्रिकेट की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।
इसके अलावा 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने रजत पदक हासिल किया था।
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने महिला एशिया कप भी चार बार जीता। 2012, 2016, 2022 और 2026 में भारतीय टीम ने खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही वह महिला एशिया कप के इतिहास की सबसे सफल कप्तानों में शामिल हैं।
हालांकि, टी20 विश्व कप का खिताब जीतने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका।
टेस्ट में भी रहा शानदार रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट में हरमनप्रीत ने पांच मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की। उनकी अगुआई में भारत ने चार टेस्ट जीते, जबकि एक मुकाबले में टीम को हार मिली।
टेस्ट में महिला क्रिकेट की कप्तानों के बीच जीत के मामले में हरमनप्रीत शीर्ष कप्तानों में शामिल हैं। उनकी चार टेस्ट जीत उन्हें संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रखती हैं।
कप्तानी छोड़ी, खिलाड़ी के तौर पर जारी रहेगा सफर
तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने के फैसले के साथ हरमनप्रीत के कप्तानी युग का अंत हो गया है, लेकिन भारतीय क्रिकेट से उनका रिश्ता खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने अपने भावुक संदेश में कहा कि टीम के लिए उन्होंने अपना खून-पसीना, समय और निजी महत्वाकांक्षाएं तक पीछे रखीं।
अब वह कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होकर फिर से खेल के प्यार के लिए मैदान पर उतरना चाहती हैं। यानी भारतीय महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत का एक अध्याय कप्तान के तौर पर जरूर खत्म हुआ है, लेकिन खिलाड़ी के रूप में उनका सफर अभी जारी है।

