जनवाणी संवाददाता |
बागपत: खेकड़ा बाजार में पुलिस चौकी के निकट एक परचून की दुकान में आग लगने से दो सिलेंडर फट गए और दुकान के साथ मकान भी आग की चपेट में आ गया। जिससे छह साल की बेटी और उसकी मां की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि फायर बिग्रेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
डीएम दिव्यांशु पटेल सहित तमाम अधिकारी यहां पहुंचे और जांच पड़ताल की जुटे हैं। अधिकारियों का दावा है कि प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने का कारण सामने आया है। बाकी अभी टीमों द्वारा जांच कराई जा रही है। उधर, कस्बे में हादसे के बाद शोक छा गया और हर कोई घटना स्थल की ओर दौड़ा व राहत कार्य में सहयोग किया।
खेकड़ा बाजार में पुलिस चौकी के पास परचून की दुकान में सुबह करीब साढ़े आठ बजे आग लग गई। चंद सेकेंड में ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और वहां रखे दो सिलेंडर भी उसकी चपेट में आ गया। जिसके बाद दोनों सिलेंडर फटने से वहां धमाका हो गया और दुकान के साथ मकान भी चपेट में आ गया। व्यापारी प्रदीप जैन की दुकान व मकान में सिलेंडरों से धमाके की गूंज आसपास तक पहुंची और वहां भी अफरा-तफरी मच गई।
इस दौरान प्रदीप जैन के बेटे अंकुर जैन सहित कई लोग घर में मौजूद थे, जोकि आग की चपेट में आ गई। हादसे में छह साल अनन्या जैन और उसकी मां स्वाति जैन की मौत हो गई। जबकि अंकुर जैन गंभीर रूप से झुलस गया। उसे बचाने लिए आसपास के लोग भी वहां एकत्र हो गए। जिसमें वसीम, कपिल और मोहित भी झुलस गए। हादसे की सूचना पर फायर बिग्रेड की गाड़ी पहुंची और कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। साथ ही लोगों ने भी दुकान का सामान बाहर फेंकना शुरू कर दिया था। यही नहीं पड़ोसी के मकानों तक आग की लपटें पहुंच गई थी।
अधिकारी मौके पर पहुंचे
हादसे की सूचना मिलते ही डीएम दिव्यांशु पटेल, एएसपी प्रवीण चौहान, सीओ खेकड़ा रोहन चौरसिया, एसडीएम सुर•िा समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। घायलो ंको अस्पताल में पहुंचाया। साथ ही ऊर्जा निगम की टीम भी वहां जांच में जुट गई। उस घर की विद्युत आपूर्ति बंद कर दूसरे घरों को सुरक्षित किया गया। डीएम दिव्यांशु पटेल का कहना है कि प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट से हादसा होने का कारण सामने आया है। टीमें जांच करने में लगी हुई है।
नहीं की जान की परवाह
पड़ोसी मोहित जैन ने आग में कूदने से जान की परवाह भी नहीं की। अंकुर को बचाने के लिए वह भी तुरंत कूद गया और अंकुर को खींचा। क्योंकि अंकुर अंदर अपनी पत्नी और बेटी को बचाने के लिए लगा था, लेकिन दोनों की मौत हो गई। अंकुर भी गंभीर रूप से झुलस गया।
बेटा स्कूल, मां-पिता मंदिर गए
अंकुर जैन का बेटा काठा के एक स्कूल में पढ़ता है। वह सुबह स्कूल चला गया था। अंकुर के माता-पिता सुबह मंदिर में चले गए थे। उनके बाद यह हादसा हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही वह दौड़ पड़े। कस्बे में शोक छा गया।
पटाखों से बताई जा रही आगजनी
बताया जा रहा है कि जिस जगह शॉर्ट सर्किट हुआ है वहां पटाखे रखे हुए थे। उन पटाखों ने चिंगारी पकड़ी और आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैलती चली गई कि उस पर काबू नहीं किया जा सका। दुकान में धमाका होता रहा। बाद में सिलेंडर आग की चपेट में आए तो वह भी ब्लास्ट हो गए। जिसके बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था।

