- दो महिलाएं भी शामिल 97500 आधे बने जाली नोट बरामद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नकली नोटों का धंधा बदस्तूर चल रहा है। गंगानगर पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से पांच लाख 42 हजार रुपये के जाली नोट बरामद किये। पुलिस को आरोपियों के पास से 97500 अर्द्धनिर्मित नकली नोट के अलावा प्रिंटर मिले।
आरोपियों ने बताया कि इन लोगों ने बाजार में करीब पांच लाख रुपये खपा भी चुके हैं। पकड़े गए आरोपियों में एक नकली नोटों के मामलों में कई बार जेल जा चुका है।
पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि नकली नोटों के साथ दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। जिनके कब्जे से 500-500 रुपये के 10 नकली नोट तथा 200-200 रुपये के 19 नकली नोट बरामद हुये।

जिनकी निशानदेही पर रोबिन पुत्र जयपाल निवासी सिवाया, सिकन्दर पुत्र राजपाल निवासी पिलखुवा नकली नोट बनाने के उपकरण (कलर प्रिंटर, 3 हरी चमकीली सेलो टेप, 4 कटर, असली नोटों से 2000-2000 व 500-500 के नोटों के कलर प्रिंट तैयार करने की डाई, शीशा, सफेद पेपर, 2 स्केल) तथा 5 लाख 33 हजार 600 रुपये के नकली नोट तथा 97 हजार 500 रुपये अर्द्धनिर्मित नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया गया।

कई बार जेल जा चुका प्रशांत
एसपी देहात ने बताया कि प्रशांत पुत्र पदम सिह जो मूलत: केरल का रहने वाला है, वह नकली नोटों के मामले में खरखौदा, सिम्भावली, कवि नगर गाजियाबाद आदि स्थानों से पहले जेल जा चुका है तथा वर्तमान में भी गाजियाबाद जेल में हैं। उसकी मुलाकात जेल में विनोद व सिकंदर से हुई थी तथा वही पर गहरी दोस्ती हो गयी थी। जेल से आने के बाद प्रशांत ने विनोद, सिकन्दर, इन सभी से मुलाकात की थी।
प्रशांत प्रिंटर लेकर आया था। उसके बाद हम चारों आरोपियों ने मिलकर कलर प्रिंटर पर असली नोटों से कलर प्रिंट तैयार कर डाई के द्वारा हरे रंग की चमकीली सेलो टेप को बारीकी व सफाई से कटर के द्वारा चिपकाकर 2000 रुपये, 500 रुपये, 200 रुपये, 100 रुपये के नकली नोट तैयार कर गली-मोहल्लों की छोटी दुकानों, पैंठ बाजारों, रेहड़ी पटरी वाले दुकानदारों को देकर सामान की खरीदारी करते हैं।

जिनके द्वारा अभी तक मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, दिल्ली आदि स्थानों पर लगभग पांच लाख रुपये चला चुके है। अभियुक्त प्रशांत वर्तमान में नकली नोटों के मुकदमे मे थाना सिम्भावली हापुड़ से गाजियाबाद जेल में है। सिकन्दर थाना पिलखुवा हापुड़ का हिस्ट्रीशीटर है।
सरगना प्रशांत उर्फ विराट मूलरूप से पुदिया गांव थाना मदिलकम जनपद त्रिशूर राज्य केरल का मूल निवासी है। करीब चार वर्ष पूर्व केरल से भागकर गाजियाबाद आ गया था। गाजियाबाद मे भी किराये का मकान लेकर नकली नोटों का कार्य शुरू किया था। करीब ढाई वर्ष पहले सिहानी गेट गाजियाबाद से नकली नोट प्रकरण मे जेल गया था तथा जेल में ही उसकी मुलाकात विनोद व सिकंदर से हुई थी। रोबिन विनोद का रिश्तेदार है। विनोद के माध्यम से ही रोबिन की मुलाकात प्रशान्त से हुई थी ।
गिरफ्तार आरोपी
रोबिन उर्फ मुकेश पुत्र जयपाल, सिकन्दर उर्फ सतेन्द्र पुत्र राजपाल, सुमन पत्नी स्व. सुभाष, माही पुत्री स्व. सुभाष
फरार आरोपी
- विनोद पुत्र चंद्रपाल निवासी गांव सिखेड़ा
- प्रशांत उर्फ विराट पुत्र पदम सिंह

