- कांग्रेस समर्थित स्वामी प्रमोद कृष्णन ने लगाए गंभीर आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कांग्रेस समर्थित व प्रियंका गांधी के सलाहकार माने जाने वाले आचार्य प्रमोद कृष्णन ने देश की कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका व मीडिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खडे किए हैं। साथ ही उन्होंने किसान आंदोलन पर सवाल खडे करने वालों को भी आडे हाथों लिया।
आचार्य कृष्णन गुरुवार को शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डा. यूसुफ कुरैशी एडवोकेट के दिल्ली रोड स्थित कैंप कार्यालय पर मीडिया से वार्ता कर रहे थे। इस मौके पर शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशन कुमार किशनी, सतीश चंद शर्मा आदि दर्जनों सीनियर कांग्रेसी भी मौजूद थे। आचार्य कृष्णन ने कहा कि आज देश की कार्यपालिका, विधायिका, न्याय पालिका और मीडिया विश्वसनीयता के संकट से गुजर रही है।
देश का आम आदमी अब इनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाने लगा है। यह सभी के लिए गंभीर बात है। इन तमाम संस्थाओं के सामने आज विश्वसनीयता को साबित करने का संकट है। हालांकि यह भी बहुत गंभीर है कि लोकतंत्र के इन चारों स्तंभों को कमजोर किया गया है। इनमें से कोई भी ईमानदारी से दायित्व नहीं निभा रहा है।
उन्होंने कई उदाहरण भी दिए। आचार्य ने कहाकि साल 2014 के बाद यदि पूरे राष्ट्र के परिदृश्य में कहा जाए तो काफी कुछ खत्म किया गया है। सरकार का जहां तक रवैया है कि बजाय आम आदमी की चिंता के कुछ औद्योगिक घरानों की चिंता कर रही है।
आचार्य ने किसानों की मांगों की पैरवी करते हुए कहा कि सरकार को अहंकार छोड़कर बगैर किसी लाग लपेट के किसानों से बात करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब किसान को मंजूर नहीं तो क्यों नहीं तीनों कृषि कानून को वापस ले लिया जाता है।

