Sunday, March 29, 2026
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जानिए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शामली की जनता की उम्मीदें

  • अगर ये पांच चीजें मिल गई तो जनता को होगा फायदा

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वादा किया है कि एक फरवरी को ऐसा बजट आएगा, जैसा पिछले 100 सालों में नहीं पेश किया गया। ऐसे में जब आम आदमी कोरोना संकट से लगे आर्थिक झटके से अभी तब पूरी तरह नहीं उबर पाया है, तो उसको वित्त मंत्री काफी उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। टैक्स स्पेशलिस्ट एवं चार्टेड एकाउंटेंट आकाश गुप्ता से बजट-2021 को लेकर दैनिक जनवाणी ने खास बातचीत की।

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आकाश गुप्ता, सीए

सीए आकाश गुप्ता का कहना है कि वित्त मंत्रालय ने 2020 में टैक्सेशन और सब्सिडी के संबंध में कई राहत उपाय किए, लेकिन सरकार अभी भी कुछ राहत दे सकती है। सरकार की तरफ से बजट में 5 बड़ी राहत देने की उम्मीद की जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो आम आदमी को काफी फायदा होगा। ये पांच चीजें हैं-

एक- पर्सनल टैक्स

आम आदमी के हाथ में इनकम बढ़ाने के लिए टैक्स एक्सपर्ट्स ने टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि इसे 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये के बीच किया जाना चाहिए। होस्टबुक्स लिमिटेड के फाउंडर एवं चेयरमैन कपिल राणा ने कहा कि इस सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जाना चाहिए। साथ ही, मौजूदा टैक्स स्लैब्स में भी बदलाव किया जाना चाहिए। 10 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स 10 फीसदी होना चाहिए। 20 लाख रुपये तक इसे 20 फीसदी और उससे ऊ पर की आय पर 30 फीसदी होना चाहिए।

दो- खर्च और निवेश बढ़ाने के लिए उपाय

लॉन्स टर्म कैपिटल एसेट्स का होल्डिंग पीरियड 36 महीने से घटाकर 24 या 12 महीने किया जाना चाहिए।

तीन- व्यक्तिगत कर और कटौती

वित्तीय विशेषज्ञों को उम्मीद है कि करदाताओं के लिए 80-सी की सीमा आयकर में उपयोग की जाने वाली कटौती सीमा है जो उन्हें अपर्याप्त लगता है। वित्त मंत्रालय के लिए 80-सी की सीमा बढ़ाने का समय है।

चार- 80-टीटीए की सीमा बढ़ाकर

आईटी अधिनियम की धारा टीटीए के तहत, बैंकों, सहकारी बैंकों और डाकघरों में बचत खातों से ब्याज आय को 30,000 रुपये तक बढ़ाना आवश्यक है। 30,000 अधिक से अधिक लोगों को घर पर नकदी रखने के बजाय बैंकों के साथ अपनी बचत रखने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही और बचत की सुरक्षा होगी

पांच- इम्पोर्ट ड्यूटीज

इम्पोर्ट ड्यूटीज के मुद्दे पर अर्थशास्त्रियों की राय बंटी हुई है। सरकार सस्ते आयात से लोकल इंडस्ट्री को बचाने के लिए आयात शुल्क लगाती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस बजट में कम से 50 आइटम्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने पर विचार कर सकती है। इनमें स्मार्टफोन, इलेक्ट्रोनिक्स कंपोनेंट्स और अप्लायंसेज शामिल हैं। हालांकि ऐसे साल में जब लोगों का रोजगार और इनकम प्रभावित हुई है, इससे उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

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