जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चमोली में तपोवन से ऊपर ग्लेशियर टूटने से आए सैलाब में लालकुर्ती थाना क्षेत्र के कसेरुखेड़ा के रहने वाले चार युवक भी लापता है। इनके परिजन इनसे संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। वैसे भी मेरठ से ठेकेदार दस लोगों को लेकर गया था।
इनमें अमरोहा और नजीबाबाद के लोग भी शामिल है। उत्तराखंड सरकार से कोई मदद न मिलने के कारण परिजन परेशान होकर गंगानगर थाने पहुंच गए और रोना पीटना शुरु कर दिया। परिजनों ने थाना प्रभारी एसके राणा से कहा कि वो उत्तराखंड सरकार से बात करके मालूम करें। बाद में पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया कि मदद कराई जाएगी।
चमोली के तपोवन में चार महीने से जियो का टावर लगाने का काम चल रहा है। इसमें ठेकेदार सौरभ ने दस लोगों को भेजा था। यह सभी तपोवन से करीब 18 किमी उपर सरायसोटा में मोबाइल टावर लगाने का कार्य कर रहे थे। सभी कर्मचारी टावर में इलेक्ट्रिकल संबंधी कार्य कर रहे थे।
पिछले चार माह से सरायसोटा में टावर का कार्य चल रहा था। परिजनोें से कर्मचारियों की अंतिम बात रविवार सुबह 10 बजे हुई थी। जिसके बाद से सभी के मोबाइल नंबर बंद और नेटवर्क एरिया से बाहर हैं। परिजनों ने उत्तराखंड सरकार के जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर पूरी जानकारी नोट कराई है, लेकिन अभी तक किसी के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
टॉवर का काम कराने के लिए कसेरुखेड़ा निवासी ठेकेदार सौरभ इनको लेकर गया था। सौरभ ने बताया कि उनका साला 22 साल का रोहित सुपरवाइजर है और उसकी देखरेख में ही टावर लगाये जा रहे हैं। रविवार सुबह पौने दस बजे के करीब रोहित से बात हुई थी और उसने बताया था कि तपोवन के टावर में इलेक्ट्रिक काम करवाने जा रहा हूं। एक टीम जोशीमठ से आ गई थी।
इस हादसे से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ठेकेदार सौरभ ने बताया कि चार लोगों में रोहित प्रजापति (22) पुत्र जगबीर सिंह, प्रदीप (24) पुत्र लक्ष्मण, बालकराम (25) पुत्र शेर सिंह व अतुल (21) पुत्र सक्कू हैं। ये सभी आजाद नगर मोहल्ला, कसेरुखेड़ा थाना लालकुर्ती में रहते हैं। वहीं, सुभाष (41) नजीबाबाद का रहने वाला है। इसके अलावा अमरोहा के पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं।
इनमें से रोहित (28) पुत्र महेंद्र, महीपाल (35) पुत्र जयपाल सिंह, कवेंद्र सिंह (25) पुत्र जयपाल सिंह, थान सिंह (45) पुत्र रामस्वरूप, सनी दत्त (24) हैं। ये सभी ग्राम सौंथ, थाना-सैद नंगली, तहसील-हसनपुर, जिला अमरोहा के निवासी हैं। कुल मिलाकर अबतक 10 लोगों के लापता होने की सूचना है।
कसेरूखेड़ा खटकाना पुल के आजाद नगर मोहल्ला निवासी सौरभ प्रजापति ने बताया कि वह जियो कंपनी के अंतर्गत टावर लगाने का कार्य करते हैं। 2014 से उत्तराखंड में यही काम करते आ रहे हैं। उत्तराखंड के तपोवन में 18 किमी ऊपर सरायसोटा में टावर लगाने का कार्य कर रहे हैं। चार फरवरी को मेरठ से रवाना होने के बाद सभी लोग गत छह फरवरी को उत्तराखंड पहुंच गए थे।
सौरभ ने बताया कि जियो ने एचएफसीएल को काम करने की जिम्मेदारी दे रखी है और एचएफसीएल ने उन्हें काम सौंप रखा है। सौरभ ने उत्तराखंड सरकार के जारी किए हेल्पलाइन नंबरों पर लापता कर्मचारियों की तलाश के लिए गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक किसी के संबंध में कोई सुराग नहीं लगा है।
लापता कर्मचारियों के परिवारों के सदस्य परेशान होकर उत्तराखंड में अपने संपर्कों को फोन कर तलााश करने में सहायता मांग रहे हैं। ग्लेशियर फटने की खबर लगते ही पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। आसपास के लोग परिवार के लोगों को सहारा दे रहे हैं और आश्वस्त कर रहे हैं कि भगवान मदद करेगा।
मेरे बेटे से मिलवा दो
रोहित और प्रदीप की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। वह दोनों बार-बार यही कह रही थी कि एक बार हमारे बेटों से बात करवा दो। खुद ठेकेदार सौरभ परेशान था, क्योंकि रोहित उसका साला है और पूरा परिवार उन पर दबाब डाल रहा है। वहीं अतुल के घर का हर सदस्य हर किसी से मदद की गुहार लगा रहा है। अतुल के घर वालों का कहना था कि उनको नहीं पता था कि ईश्वर उनके साथ इतना बड़ा अन्याय कर देगा।
चमोली में लापता 10 लोगों का पता चला!
उत्तराखंड में त्रासदी के बाद से लापता यहां से गए 10 लोगों का पता चल गया है। उनके फिलहाल तोलना में सकुशल होने की सूचना जियो कंपनी के अधिकारियों ने दी है। ये सभी तपोवन से करीब 18 किमी ऊपर सरायसोटा में मोबाइल टावर में इलेक्ट्रिक संबंधी कार्य कर रहे थे। परिजनों से इनकी आखिरी बार बात रविवार सुबह 10 बजे हुई थी।
जिसके बाद से सभी के मोबाइल नंबर बंद और नेटवर्क एरिया से बाहर बता रहे हैं। जियो कंपनी के पदाधिकारी का कहना है कि जो 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं। वे सभी रविवार रात से ही तोलना में सकुशल हैं। त्रासदी के बाद से मोबाइल और फोन का नेटवर्क ध्वस्त हो गया है। उनका कहना है कि कंपनी के अधिकारियों को लगाया गया है कि वे कर्मचारियों को टावर एरिया में लाकर उनके परिजन से बात करा दें ताकि घरवालों को भी तसल्ली मिल जाए।

