Saturday, April 25, 2026
- Advertisement -

शाकंभरी देवी के दर्शन करने के लिए पहुंची प्रियंका गांधी

जनवाणी संवाददाता |

बेहट : कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने विश्व प्रसिद्ध सिद्ध पीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर पर पहुंच कर पूजा अर्चना की और पूरे विश्व के लिए प्रार्थना की। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी जौली ग्रांट हवाई अड्डे से कार द्वारा शाकंभरी देवी के दर्शन करने के लिए पहुंची।

इससे पहले उन्होंने नांगल गांव में स्थित गुरुदेव मंदिर में पूजा अर्चना की प्रियंका गांधी वाड्रा का काफिला शिवालिक पर्वतों की घाटियों में स्थित मां शाकुंभरी देवी के मंदिर पर पहुंचा जहां होने पूरी सुरक्षा के साथ वीआईपी गेट से मंदिर पहुंची। करीब 45 मिनट तक उन्होंने मां शाकंभरी देवी के मंदिर में पूजा अर्चना की।

02 12

इस अवसर पर मंदिर के प्रबंधक आदित्य प्रताप राणा मंदिर परिसर में उनका स्वागत किया और मां का प्रसाद देकर सम्मानित किया इस अवसर पर उनके साथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद बेहट विधायक नरेश सैनी हरोड़ा विधायक मसूद अख्तर जिला अध्यक्ष मुजफ्फर अली बॉबी करणवाल मेहरबान अली पूर्व जिलाध्यक्ष सहित हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसके पश्चात सोनिया गांधी बेहट पहुंची जहां शाकुंभरी तिराहे पर जोश से भरे कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया इस अवसर पर गुड्डू पीरजादा ज़र्मरद हुसैन मास्टर जमील अहमद वज्जू पीरजादा पूर्व सभासद आसिफ नबी शेख अखलाक अहमद मिर्जा अतीक अहमद सुधीर कर्णवाल फराज अहमद मोहम्मद दानिश मुदस्सिर हुसैन नदीम खान सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

03 13

इसके बाद इनका काफिला ग्राम रायपुर में स्थित विश्व प्रसिद्ध खान का रहीमिया पहुंचा जहां पर हजारों लोगों ने उनका खैरमकदम किया और हजरत अतीक अहमद ने मुल्क की खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ कराई। इस मौके पर मौलाना अब्दुल मालिक मूगीसी राव सलीम अहमद हज़रत मौलाना अतीक अहमद सहित खानका के सभी लोग मौजूद रहे खानका ने पीने के पानी वह खाने आदि का इंतजाम किया था ताकि बाहर से आने वाले लोगों को कोई परेशानी ना हो।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

कैसे बनाए जाते हैं शीतल पेय

आनंद कु. अनंत ग्रीष्म के आगमन के साथ ही बाजार...

महिला आरक्षण की मृगतृष्णा की उलझन

भारतीय राजनीति के रंगमंच पर इन दिनों एक नया...

केंद्र के साए में बंगाल के चुनाव

1952 से ही भारत में एक सुगठित चुनाव प्रणाली...

विदेश भेजने के नाम पर ठगी

कई युवाओं की विदेश में नौकरी की चाहत होती...
spot_imgspot_img