जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गरीबों के हित में योजनाएं बनाने का दावा करने वाली सरकार ने एक बार फिर गरीबों की रसोई को संकट में डाल दिया है। सरकार ने फरवरी महीने में लगातार चौथी बार रसोई गैस के दाम बढ़ा दिए है। गत सप्ताह गैस की कीमतों में 25 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई थी और आज फिर सिलेंडर के दाम बढ़ा कर 817 रुपए कर दिए गए है।
बता दें कि प्रदेश में भाजपा सरकार आने से पहले लोगों से वादा किया गया था कि लोगों को महंगाई से निजात दिलाई जाएगी, लेकिन महंगाई तो कम हुई नहीं आय दिन गैस, पेट्रोल आदि के दामों में इजाफा होने की वजह से महिलाओं को घर चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को गैस सिलेंडर के दाम फिर बढ़ने पर जनवाणी से बात करते हुए महिलाओं ने कुछ यह कहा।
सीमा त्यागी का कहना है कि कोरोना के बाद लोगों को पहले ही घर चलाना मुश्किल हो रहा है। वहीं निरंतर बढ़ रही महंगाई ने लोगों को हाथ खींच कर काम करने पर मजबूर कर दिया है। तीव्र गति से बढ़ती महंगाई भी चिंता का विषय बन रही है।
इंद्रा शर्मा का कहना है कि बढ़ती महंगाई ने मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने समस्या खड़ी कर दी है। आय दिन खाने की वस्तुओं व गैस के दाम बढ़ने से रसोई चलाना मुश्किल हो रहा है। सरकार को आम जनमानस का ध्यान रखना होगा तभी लोग अपने बच्चों का लालन पालन कर सकेंगे।
कुसुम का कहना है कि बढ़ती महंगाई की वजह से हर माह बजट बिगड़ जाता है। यह चिंता का विषय है। सरकार को आम जनता कि के बारे में सोचना चाहिए। 817 रुपए का सिलेंडर खरीदना लोगों के बस से बाहर हो रहा है। क्योंकि रसोई केवल गैस सिलेंडर से नहीं चलती अन्य समानों के दाम भी बढ़े हुए है।
ऊषा का कहना है कि आमदनी अठन्नी खर्चा रुपया। घर का खर्च कितना भी कम कर लिया जाए,लेकिन जिस प्रकार रसोई गैस और अन्य समानों के दामों में निरंतर इजाफा हो रहा है उसने महिलाओं के हाथ बांध दिए है।
कुसुम शर्मा का कहना है कि कोरोना के बाद लोगों आय के साधन बढ़े नहीं हैं,लेकिन खर्चे बढ़ गए है। सरकार को महंगाई पर अंकुश लगाना चाहिए। मध्यवर्गीय परिवारों पर बढ़ती महंगाई का अधिक प्रभाव पड़ता है। इससे उन्हें घर चलाने में परेशानी हो रही है।

