- महानगर के 60 से ज्यादा ठलावघरों की दुर्गंध से मिलेगी निजात
- नगरायुक्त का प्रयास शहर का कूड़ा कचरा सीधे पहुंचे ट्रीटमेंट प्लांट तक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यदि सब कुछ ठीक रहा तो मेरठ महानगर को पूरी तरह से खत्ता मुक्त कर दिया जाएगा। इसको सिटी प्लान का नाम दिया गया है। इसके लागू होने के बाद शहर में कभी भी कचरा ढोहने वाले गाड़ियों से सड़क पर दूर तक कूड़ा बिखरता हुआ नहीं नजर आएगा। इतना ही नहीं करीब 60 से ज्यादा ठलावघरों व उनसे उठने वाली दुर्गंध से भी महानगर वासियों को मुक्ति मिलने जा रही है।
इस योजना को महानगरवासियों के लिए निगम प्रशासन के गिफ्ट के तौर पर देखा जा रहा है। इस बहुउद्देशीय योजना को धरातल पर उतारने के लिए गुरुवार को सिविल लाइन स्थित कैंप कार्यालय पर नगरायुक्त मनीष बंसल व नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. गजेन्द्र सिंह की मौजूदगी में निगम के तमाम टॉप अफसरों की हाईलेबल मीटिंग हुई। इस मीटिंग में महानगर को खत्ता मुक्त करने का खाका खींच गया।
इसके लिए लंबी कार्ययोजना बनायी गयी है, लेकिन जानकारों का कहना है कि योजना तभी सफल होगी जब निगम के वर्तमान पदाधिकारी लंबे वक्त तक पिच पर जमे रहें। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि निगम प्रशासन ने इसको सिटी प्लान का नाम दिया है।
कोशिश है कि पूरे महानगर में जो भी कूड़ा कचरा वार्डों से उठाया जाए वो बजाए ठलावघरों के सीधे ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचे। वहां उसका निस्तारण किया जाए। नगरायुक्त का माना है शहर के नाले नालियों की सांसें अब घुटने लगी हैं। इसका एक बड़ा कारण कुछ घरों से कूड़ा कचरा नालियों में बहाया जाना है।
कूड़ा निस्तारण के प्रति लापरवाही है। सिटी प्लान के तहत जो भी कूडा कचरा उठाया जाएगा। उसको सीधे ट्रीटमेंंट प्लांट पर भेजा जाएगा। शहर के ठलावघरों में कचरा डंप नहीं होगा। इससे बड़ा फायदा यह होगा कि आबादी के बीच जो ठलावघर बने हुए हैं, वहां से उठने वाली दुर्गंध से आसपास की आबादी को मुक्ति मिल जाएगी। नगरायुक्त का प्लान शहर को खत्ता मुक्त बनाने का है।

